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संविदा कर्मी हड़ताल पर, आपूर्ति बाधित
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 02 Aug 2018 12:02 AM IST
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अनशन पर बैठे संविदा कर्मी
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धर्मसिंहवा। विद्युत संविदा कर्मियों की हड़ताल के चलते बुधवार को धर्मसिंहवा क्षेत्र की आपूर्ति ठप हो गई है। संविदा कर्मियों का कहना है कि आठ महीने से ठेकेदार के जरिए मिलने वाला मानदेय नहीं दिया है।
धर्मसिंहवा बाजार सहित क्षेत्र के सैकड़ों गांव की विद्युत आपूर्ति सिद्धार्थ नगर के खेसरहा स्थित विद्युत उपकेंद्र से होती है। यहां विद्युत उपकेंद्र पर धर्मसिंहवा के नाम का फीडर लगाया गया है। आठ माह से मानदेय न मिलने से नाराज संविदा कर्मी बुधवार को हड़ताल पर चले गए।
इससे क्षेत्र के कई गांवों की आपूर्ति ठप हो गई। पूरे दिन आम जनमानस परेशान रहा। विद्युत संविदा कर्मी दिनेश मौर्या, विनोद मौर्या ने बताया कि उन्हें आठ माह से मानदेय नहीं दिया जा रहा है।
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ऐसी स्थिति में आर्थिक संकट की स्थिति आ गई है इनक कहना है कि सभी विद्युत संविदा कर्मी जोखिम का काम काम करते हैं ऐसे में भारी जोखिम कवर का बीमा और मानदेय को बढ़ाया जाना आवश्यक है।
वहीं क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य वीरेंद्र पांडेय, फिरोज खान, जावेद अहमद, अजीत निषाद, राजेंद्र प्रसाद, रामचंद्र शुक्ल सहित तमाम लोगों ने बताया कि बिजली की व्यवस्था पूर्णरूपेण संविदा कर्मियों के हवाले कर दी गई है। हड़ताल को लेकर वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए थी।
खेसरहा के अधिशासी अभियंता गणेश मिश्रा ने बताया कि बांसी डिवीजन के सात फीडर पर काम कर रहे संविदा कर्मियों ने हड़ताल किया है। संबंधित ठेकेदार को बुलाया गया है, जल्द ही मसले को हल कर विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
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धर्मसिंहवा बाजार सहित क्षेत्र के सैकड़ों गांव की विद्युत आपूर्ति सिद्धार्थ नगर के खेसरहा स्थित विद्युत उपकेंद्र से होती है। यहां विद्युत उपकेंद्र पर धर्मसिंहवा के नाम का फीडर लगाया गया है। आठ माह से मानदेय न मिलने से नाराज संविदा कर्मी बुधवार को हड़ताल पर चले गए।
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इससे क्षेत्र के कई गांवों की आपूर्ति ठप हो गई। पूरे दिन आम जनमानस परेशान रहा। विद्युत संविदा कर्मी दिनेश मौर्या, विनोद मौर्या ने बताया कि उन्हें आठ माह से मानदेय नहीं दिया जा रहा है।
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ऐसी स्थिति में आर्थिक संकट की स्थिति आ गई है इनक कहना है कि सभी विद्युत संविदा कर्मी जोखिम का काम काम करते हैं ऐसे में भारी जोखिम कवर का बीमा और मानदेय को बढ़ाया जाना आवश्यक है।
वहीं क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य वीरेंद्र पांडेय, फिरोज खान, जावेद अहमद, अजीत निषाद, राजेंद्र प्रसाद, रामचंद्र शुक्ल सहित तमाम लोगों ने बताया कि बिजली की व्यवस्था पूर्णरूपेण संविदा कर्मियों के हवाले कर दी गई है। हड़ताल को लेकर वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए थी।
खेसरहा के अधिशासी अभियंता गणेश मिश्रा ने बताया कि बांसी डिवीजन के सात फीडर पर काम कर रहे संविदा कर्मियों ने हड़ताल किया है। संबंधित ठेकेदार को बुलाया गया है, जल्द ही मसले को हल कर विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।