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प्रधानमंत्री आवास योजना
Updated Sun, 11 Nov 2018 11:21 PM IST
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आवास योजना के 1668 लाभार्थियों का ‘आधार’रिजेक्ट
ऑनलाइन सत्यापन के दौरान पकड़ी गई गड़बड़ी
कई लोगों के आधार कार्ड का नंबर भी गलत, दोबारा फीडिंग के दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। प्रधानमंत्री आवास योजना की स्थाई पात्रता सूची में शामिल 1668 लाभार्थियों के आधार कार्ड नंबर वेरिफिकेशन में रिजेक्ट हो गए। किसी का नाम गड़बड़ है तो किसी का नंबर। इतनी बड़ी गड़बड़ी सामने आने के बाद जिम्मेदार अफसरों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। आनन-फानन इन लाभार्थियों के आधार कार्ड नंबर की दोबारा फीडिंग के निर्देश दिए हैं।
जिले में प्रधानमंत्री आवास की स्थाई पात्रता सूची में दर्ज 4458 लोगों को आवास आवंटन होना है। इनमें से 4016 लोगों के आधार कार्ड नंबर फीड हो चुके हैं, लेकिन जब इन आधार नंबरों का ऑनलाइन वेरिफिकेशन कराया गया तो बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई। 4016 आधार कार्ड नंबरों में से 1668 रिजेक्ट हो गए। कुछ ऐसे नंबर हैं जिनमें दर्ज नाम व आवास आवंटन की स्थाई पात्रता सूची में दर्ज नाम में समानता नहीं है तो किसी का नंबर ही गलत है। जिस आधार कार्ड को गड़बड़ी रोकने का सबसे बड़ा उपाय माना जा रहा था, वही रिजेक्ट होने से अफसरों की चिंता बढ़ गई है। आधार कार्ड नंबर रिजेक्ट होने का मामला जिले के सभी नौ ब्लॉकों में सामने आया है। बघौली में 60, बेलहर कलां में 142, हैंसर बाजार में 308, खलीलाबाद में 43, मेंहदावल में 57, नाथनगर में 606, पौली में 82, सांथा में 322 और सेमरियांवा में 48 लोगों के आधार कार्ड रिजेक्ट हुए हैं।
निचले स्तर पर बरती गई लापरवाही
आधार कार्ड नंबर गलत दर्ज होने का यह मामला निचले स्तर पर हो रही गड़बड़ी का प्रमाण है। आधार कार्ड नंबर इसलिए फीड़ कराया जाता है ताकि एक ही नाम पर कोई व्यक्ति दोबारा लाभ न ल सके। साथ ही उसके विषय में अन्य सूचनाएं भी मिल सकें। आधार कार्ड नंबर एकत्रित करने का कार्य ग्राम पंचायत स्तर पर ही होता है। स्थाई पात्रता सूची में दर्ज लाभार्थियों से आधार कार्ड नंबर लेना ग्राम पंचायत सचिव की जिम्मेदारी होती है। इसकी जांच भी ब्लॉक स्तर पर होती रहती है। फिर भी गड़बड़ी पकड़ी गई। इससे साफ जाहिर है कि ग्राम पंचायत व ब्लॉक स्तर पर इस योजना के क्रियान्वयन में अफसर व कर्मचारी गंभीर नहीं हैं।
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दोबारा फीड कराया जाएगा डाटा : सीडीओ
सीडीओ हाकिम सिंह ने कहा कि ऑनलाइन वेरिफिकेशन के दौरान 1668 लाभार्थियों का आधार कार्ड नंबर रिजेक्ट होने की जानकारी मिली है। यह बेहद गंभीर प्रकरण है, जिनका आधार कार्ड नंबर रिजेक्ट हुआ है उनसे दोबारा कार्ड लेकर सही नंबर फीड कराने के निर्देश सभी बीडीओ को दिए गए हैं। हालांकि लाभार्थी सही हैं, लेकिन लापरवाही वश उनकी जगह परिवार के किसी सदस्य का आधार कार्ड नंबर डाल दिया गया था, जिससे यह दिक्कत आई है। जल्दी ही सही आधार की फीडिंग का कार्य पूर्ण करा लिया जाएगा।
टिन शेड में रह रहे परिवार को नहीं मिला आवास योजना का लाभ
फोटो
अमर उजाला ब्यूरो
लोहरौली। विकास खंड सेमरियांवा के ग्राम पंचायत लौकी लाला में एक गरीब परिवार टिन शेड वाले एक कमरे में जीवन-यापन कर रहा है। रोजगार के लिए परिवार का मुखिया मुंबई गया है। खेती के लिए जमीन भी नहीं है। इसके बावजूद इस परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिला।
लौकी लाला गांव निवासी अफाक की आर्थिक हालत खराब है। रोजगार की तलाश में मुंबई गए अफाक की पत्नी शबरू निशा आठ बच्चों के साथ एक कमरे वाले टिन शेड के घर में रहती है। अफाक का नाम आवास आवंटन की स्थाई पात्रता सूची में भी है, लेकिन इन्हें अब तक योजना का लाभ नहीं मिला। शबरू निशा का कहना है कि हर वर्ष जब आवास के लिए रुपया मिलता है तो उनके पति का नाम छूट जाता है। इसके लिए वह कई बार ब्लॉक का चक्कर लगा चुकी है। केवल आश्वासन देकर लौटा दिया जाता है। इसी गांव की सजरा खातून पत्नी मोहम्मद शमीम भी प्रधानमंत्री आवास की पात्रता की शर्तों को पूरा करती हैं, लेकिन न जाने किस आधार पर इन्हें आज तक आवास योजना का लाभ नहीं मिला। इस संबंध में लौकी लाला गांव के प्रधान खुर्शीद अहमद ने बताया कि शबरू निशा और सजरा खातून को भी आवास योजना का लाभ दिलाने के लिए सूची भेजी गई है। शासन की स्वीकृति मिलते ही इन्हें लाभ दिया जाएगा।
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ऑनलाइन सत्यापन के दौरान पकड़ी गई गड़बड़ी
कई लोगों के आधार कार्ड का नंबर भी गलत, दोबारा फीडिंग के दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। प्रधानमंत्री आवास योजना की स्थाई पात्रता सूची में शामिल 1668 लाभार्थियों के आधार कार्ड नंबर वेरिफिकेशन में रिजेक्ट हो गए। किसी का नाम गड़बड़ है तो किसी का नंबर। इतनी बड़ी गड़बड़ी सामने आने के बाद जिम्मेदार अफसरों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। आनन-फानन इन लाभार्थियों के आधार कार्ड नंबर की दोबारा फीडिंग के निर्देश दिए हैं।
जिले में प्रधानमंत्री आवास की स्थाई पात्रता सूची में दर्ज 4458 लोगों को आवास आवंटन होना है। इनमें से 4016 लोगों के आधार कार्ड नंबर फीड हो चुके हैं, लेकिन जब इन आधार नंबरों का ऑनलाइन वेरिफिकेशन कराया गया तो बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई। 4016 आधार कार्ड नंबरों में से 1668 रिजेक्ट हो गए। कुछ ऐसे नंबर हैं जिनमें दर्ज नाम व आवास आवंटन की स्थाई पात्रता सूची में दर्ज नाम में समानता नहीं है तो किसी का नंबर ही गलत है। जिस आधार कार्ड को गड़बड़ी रोकने का सबसे बड़ा उपाय माना जा रहा था, वही रिजेक्ट होने से अफसरों की चिंता बढ़ गई है। आधार कार्ड नंबर रिजेक्ट होने का मामला जिले के सभी नौ ब्लॉकों में सामने आया है। बघौली में 60, बेलहर कलां में 142, हैंसर बाजार में 308, खलीलाबाद में 43, मेंहदावल में 57, नाथनगर में 606, पौली में 82, सांथा में 322 और सेमरियांवा में 48 लोगों के आधार कार्ड रिजेक्ट हुए हैं।
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निचले स्तर पर बरती गई लापरवाही
आधार कार्ड नंबर गलत दर्ज होने का यह मामला निचले स्तर पर हो रही गड़बड़ी का प्रमाण है। आधार कार्ड नंबर इसलिए फीड़ कराया जाता है ताकि एक ही नाम पर कोई व्यक्ति दोबारा लाभ न ल सके। साथ ही उसके विषय में अन्य सूचनाएं भी मिल सकें। आधार कार्ड नंबर एकत्रित करने का कार्य ग्राम पंचायत स्तर पर ही होता है। स्थाई पात्रता सूची में दर्ज लाभार्थियों से आधार कार्ड नंबर लेना ग्राम पंचायत सचिव की जिम्मेदारी होती है। इसकी जांच भी ब्लॉक स्तर पर होती रहती है। फिर भी गड़बड़ी पकड़ी गई। इससे साफ जाहिर है कि ग्राम पंचायत व ब्लॉक स्तर पर इस योजना के क्रियान्वयन में अफसर व कर्मचारी गंभीर नहीं हैं।
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दोबारा फीड कराया जाएगा डाटा : सीडीओ
सीडीओ हाकिम सिंह ने कहा कि ऑनलाइन वेरिफिकेशन के दौरान 1668 लाभार्थियों का आधार कार्ड नंबर रिजेक्ट होने की जानकारी मिली है। यह बेहद गंभीर प्रकरण है, जिनका आधार कार्ड नंबर रिजेक्ट हुआ है उनसे दोबारा कार्ड लेकर सही नंबर फीड कराने के निर्देश सभी बीडीओ को दिए गए हैं। हालांकि लाभार्थी सही हैं, लेकिन लापरवाही वश उनकी जगह परिवार के किसी सदस्य का आधार कार्ड नंबर डाल दिया गया था, जिससे यह दिक्कत आई है। जल्दी ही सही आधार की फीडिंग का कार्य पूर्ण करा लिया जाएगा।
टिन शेड में रह रहे परिवार को नहीं मिला आवास योजना का लाभ
फोटो
अमर उजाला ब्यूरो
लोहरौली। विकास खंड सेमरियांवा के ग्राम पंचायत लौकी लाला में एक गरीब परिवार टिन शेड वाले एक कमरे में जीवन-यापन कर रहा है। रोजगार के लिए परिवार का मुखिया मुंबई गया है। खेती के लिए जमीन भी नहीं है। इसके बावजूद इस परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिला।
लौकी लाला गांव निवासी अफाक की आर्थिक हालत खराब है। रोजगार की तलाश में मुंबई गए अफाक की पत्नी शबरू निशा आठ बच्चों के साथ एक कमरे वाले टिन शेड के घर में रहती है। अफाक का नाम आवास आवंटन की स्थाई पात्रता सूची में भी है, लेकिन इन्हें अब तक योजना का लाभ नहीं मिला। शबरू निशा का कहना है कि हर वर्ष जब आवास के लिए रुपया मिलता है तो उनके पति का नाम छूट जाता है। इसके लिए वह कई बार ब्लॉक का चक्कर लगा चुकी है। केवल आश्वासन देकर लौटा दिया जाता है। इसी गांव की सजरा खातून पत्नी मोहम्मद शमीम भी प्रधानमंत्री आवास की पात्रता की शर्तों को पूरा करती हैं, लेकिन न जाने किस आधार पर इन्हें आज तक आवास योजना का लाभ नहीं मिला। इस संबंध में लौकी लाला गांव के प्रधान खुर्शीद अहमद ने बताया कि शबरू निशा और सजरा खातून को भी आवास योजना का लाभ दिलाने के लिए सूची भेजी गई है। शासन की स्वीकृति मिलते ही इन्हें लाभ दिया जाएगा।