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नहीं चेते तो फिर शहर में होगा जलजमाव
Updated Sat, 05 May 2018 11:31 PM IST
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गंदगी का अंबार
- फोटो : अमर उजाला
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संतकबीरनगर। नगर पालिका खलीलाबाद में जल निकासी की समस्या गंभीर है। मानसून आने के बाद हर साल आधे शहर में जलजमाव हो जाता है। इसके बाद भी नगर पालिका परिषद पानी निकासी का समुचित प्रबंध नहीं कर सका है। कहीं नाले जाम पड़े है तो कही नाला ही अधूरा है।
नगर पालिका क्षेत्र में कुल 33 नाले हैं। नगर पालिका परिषद का दावा है कि नालों की सफाई समय-समय पर कराई जाती है, लेकिन वार्डो में बने नालों की स्थिति यह है कि उसमे कूड़े-कचरे का ढेर लगा हुआ है। जिसकी वजह से नाले जाम है। बारिश होने की स्थित़ि में नाले ओवरफ्लो होंगे और यह कचरा सड़क पर पसर जाएगा, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने की भी संभावनाएं बढ़ जाएंगी। मुखलिसपुर तिराहा, मोती चौराहे के उत्तर तरफ, गोला बाजार, एचआर इंटर कॉलेज के सामने, बरदहिया बाजार, भिटवा टोला, सब्जी मंडी आदि नाले जाम की स्थिति में है। नालों में कचरा भरा हुआ है। नालों की स्थिति देखने से ही सफाई कराने के दावों की पोल खुल जा रही है। गत वर्षों में बारिश में पीडब्लूडी डाक बंगला, कचहरी, कोतवाली, जिला आबाकरी अधिकारी कार्यालय,जिलापूर्ति कार्यालय समेत कई सरकारी दफ्तरों में पानी घुस गया था। इतना सब कुछ होने के बाद भी नगर पालिका प्रशासन नहीं चेत रहा है। जबकि मानसून आने में महज एक माह शेष रह गया है। नगरवासी संजय चौरसिया, दिलीप अग्रहरि, बैजनाथ कसौधन आदि का कहना है कि नगर पालिका को बारिश पूर्व ही नालों की सफाई करा देनी चाहिए। जिससे बारिश होने पर जल जमाव की स्थिति न पैदा हो। अगर ऐसा नहीं किया गया तो लोगों के घरों में नालों का पानी घुस सकता है। जिससे काफी दिक्कतें होती है।
नगर पालिका क्षेत्र में कुल 33 नाले हैं। नगर पालिका परिषद का दावा है कि नालों की सफाई समय-समय पर कराई जाती है, लेकिन वार्डो में बने नालों की स्थिति यह है कि उसमे कूड़े-कचरे का ढेर लगा हुआ है। जिसकी वजह से नाले जाम है। बारिश होने की स्थित़ि में नाले ओवरफ्लो होंगे और यह कचरा सड़क पर पसर जाएगा, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने की भी संभावनाएं बढ़ जाएंगी। मुखलिसपुर तिराहा, मोती चौराहे के उत्तर तरफ, गोला बाजार, एचआर इंटर कॉलेज के सामने, बरदहिया बाजार, भिटवा टोला, सब्जी मंडी आदि नाले जाम की स्थिति में है। नालों में कचरा भरा हुआ है। नालों की स्थिति देखने से ही सफाई कराने के दावों की पोल खुल जा रही है। गत वर्षों में बारिश में पीडब्लूडी डाक बंगला, कचहरी, कोतवाली, जिला आबाकरी अधिकारी कार्यालय,जिलापूर्ति कार्यालय समेत कई सरकारी दफ्तरों में पानी घुस गया था। इतना सब कुछ होने के बाद भी नगर पालिका प्रशासन नहीं चेत रहा है। जबकि मानसून आने में महज एक माह शेष रह गया है। नगरवासी संजय चौरसिया, दिलीप अग्रहरि, बैजनाथ कसौधन आदि का कहना है कि नगर पालिका को बारिश पूर्व ही नालों की सफाई करा देनी चाहिए। जिससे बारिश होने पर जल जमाव की स्थिति न पैदा हो। अगर ऐसा नहीं किया गया तो लोगों के घरों में नालों का पानी घुस सकता है। जिससे काफी दिक्कतें होती है।
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