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अब शिक्षकों की जांच करेगी पुलिस
Updated Thu, 01 Nov 2018 10:52 PM IST
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संतकबीरनगर। जिले में वर्ष 2010 से लेकर अब तक भर्ती हुए करीब एक हजार परिषदीय शिक्षकों का पुलिस वेरिफिकेशन कराया जाएगा। इसके लिए अपर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में तैयार हुए फार्मेट पर बीएसए कार्यालय से सूचना मांगी गई है। अपर पुलिस अधीक्षक शिक्षक भर्ती मामलों की जांच कर रही समिति के सदस्य हैं। मांगी गई सूचना उपलब्ध कराने के लिए बीएसए कार्यालय में पत्रावलियां खंगाली जा रही हैं।
परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में इस वर्ष हुई 68500 सहायक अध्यापकों की भर्ती मामले में बड़े पैमाने पर अनियमितता सामने आई थी। इसके बाद सरकार ने पूर्व में हुई कई अन्य भर्तियों की भी जांच का आदेश दिया था। संतकबीरनगर जिले में वर्ष 2010 से 2018 तक अलग-अलग चरणों में हुई सभी भर्तियों की जांच के आदेश दिए हैं। इसके लिए एडीएम, एएसपी और एडी बेसिक की संयुक्त टीम बनाई गई है। टीम ने पिछले पखवारे बैठक कर जांच के लिए जरूरी दस्तावेज मंगाए थे। अब इस जांच का दायरा बढ़ाते हुए इन आठ वर्षों में नियुक्त हुए सभी करीब एक हजार शिक्षकों का पुलिस वेरिफिकेशन कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए अपर पुलिस अधीक्षक असित कुमार श्रीवास्तव की तरफ से एक फार्मेट बनाया गया है। इस फार्मेट पर ही संबंधित शिक्षकों की जानकारी मांगी गई है। अगले कुछ दिनों में इन शिक्षकों के सत्यापन के लिए उनके संबंधित थाने को डिटेल भेजा जाएगा। वहां से इनके आवासीय पता समेत अन्य जानकारियों को भी जुटाया जाएगा।
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दूसरे के अंक पत्र पर नौकरी का खुल सकता है राज
सहायक अध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया में भीड़ का लाभ उठाकर कई बार आवेदक किसी दूसरे के नाम के अंक पत्र पर भी शिक्षक बन जाते हैं। उनके आवासीय पते का सत्यापन तभी होता है, जब किसी मामले में कोई व्यक्तिगत शिकायतकर्ता सामने आता है। सार्वजनिक रूप से सभी के आवासीय पते की जांच होने पर अगर किसी ने अन्य व्यक्ति के प्रमाण पत्रों का उपयोग किया होगा, उसके विषय में सही जानकारी मिल सकेगी। साथ ही अगर नियुक्ति पाए किसी शिक्षक पर संबंधित थाने में पूर्व में कोई कार्रवाई हुई होगी तो उसकी भी जानकारी मिल सकेगी। विशिष्ट बीटीसी 2007 में कुशीनगर जनपद में ऐसे प्रकरण सामने आ चुके हैं। इसके अलावा कई अन्य जनपदों में भी इस तरह दूसरे के अंक पत्र पर नौकरी का प्रकरण सामने आता रहता है।
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दिव्यांग शिक्षकों का होगा मेडिकल टेस्ट
शिक्षकों के आवासीय पते के सत्यापन के अलावा दिव्यांग कोटे से चयनित शिक्षकों का भी दुबारा मेडिकल टेस्ट होगा। इसके लिए दिव्यांग शिक्षकों व उनके दिव्यांगता के प्रकार का डाटा एकत्रित किया जा रहा है। इसे मुख्य चिकित्साधिकारी केे भेजकर मेडिकल बोर्ड का गठन कराया जाएगा। मेडिकल बोर्ड उनके प्रमाण पत्रों के सत्यापन के साथ-साथ ही उनका भी चेकअप कर दिव्यांगता के प्रकार व प्रभाव को सत्यापित करेगी।
फार्मेट मिलने पर उपलब्ध कराई जाएंगी सूचनाएं : बीएसए
शिक्षक भर्ती मामले की जांच कर रही समिति ने वर्ष 2010 से 2018 तक भर्ती हुए सहायक अध्यापकों के पुलिस वेरिफिकेशन के लिए एक फार्मेट तैयार किया है, जिसकी जानकारी एएसपी से मिली है। परंतु अभी तक फार्मेट नहीं मिला है। अध्यापकों का डाटा तैयार कराया जा रहा है। फार्मेट मिलने पर उसी के अनुरूप सूचनाएं उपलब्ध करा दी जाएंगी। इसके अलावा दिव्यांग कोटे से चयनित शिक्षकों की दुबारा जांच के लिए भी प्रक्रिया चल रही है।
सत्येंद्र कुमार सिंह, बीएसए, संतकबीरनगर