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सांसद-विधायक के बीच मारपीट का मामला
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फोटो (दोनों शिलापट्ट की भेजी गई है)
जिस शिलापट्ट ने कराया बवाल, उस पर लगा दिया बैनर
मेंहदावल क्षेत्र में घूरापाली गांव की सड़क पर विधायक के नाम का लगा था शिलापट्ट
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। मेंहदावल क्षेत्र के घूरापाली गांव में जिस सड़क के शिलान्यास स्थल पर लगे शिलापट्ट पर सत्ताधारी दल के सांसद और विधायक के बीच मारपीट हुई, उसे आननफानन बैनर लगाकर ढक दिया गया है। बैनर पर विधायक और सांसद दोनों का नाम दर्ज हैं।
जिला योजना समिति की बुधवार को हुई बैठक में सांसद शरद त्रिपाठी ने मेंहदावल क्षेत्र के कुछ विकास कार्यों के शिलान्यास स्थल पर लगे शिलापट्ट से अपना नाम न होने पर आपत्ति जताई थी। इस पर शुरू हुई कहासुनी इतनी बढ़ गई थी कि सांसद और विधायक में मारपीट हो गई। इसे देखते हुए लोक निर्माण विभाग ने बृहस्पतिवार की सुबह इस शिलापट्ट को ढक दिया। लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं के निर्देश पर सुबह अचानक घूरापाली गांव में लगे शिलापट्ट पर एक बैनर लगा दिया गया। इसपर मोटे अक्षरों में सांसद शरद त्रिपाठी के साथ विधायक राकेश सिंह बघेल का नाम लिखा है। लोगों का कहना था कि अगर यही करना था तो पहले ही पत्थर पर नाम लिखवा दिया गया होता। कम से कम इतना बड़ा विवाद तो नहीं होता। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता एके दूबे का कहना है कि सांसद की आपत्ति के बाद बुधवार को ही शिलापट्ट हटाने के निर्देश दिए गए थे। शिलापट्ट विभाग की तरफ से नहीं लगवाया गया था। विभाग के शिलापट्ट पर जनप्रतिनिधि के नाम का उल्लेख जरूर रहता है।
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जिस शिलापट्ट ने कराया बवाल, उस पर लगा दिया बैनर
मेंहदावल क्षेत्र में घूरापाली गांव की सड़क पर विधायक के नाम का लगा था शिलापट्ट
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। मेंहदावल क्षेत्र के घूरापाली गांव में जिस सड़क के शिलान्यास स्थल पर लगे शिलापट्ट पर सत्ताधारी दल के सांसद और विधायक के बीच मारपीट हुई, उसे आननफानन बैनर लगाकर ढक दिया गया है। बैनर पर विधायक और सांसद दोनों का नाम दर्ज हैं।
जिला योजना समिति की बुधवार को हुई बैठक में सांसद शरद त्रिपाठी ने मेंहदावल क्षेत्र के कुछ विकास कार्यों के शिलान्यास स्थल पर लगे शिलापट्ट से अपना नाम न होने पर आपत्ति जताई थी। इस पर शुरू हुई कहासुनी इतनी बढ़ गई थी कि सांसद और विधायक में मारपीट हो गई। इसे देखते हुए लोक निर्माण विभाग ने बृहस्पतिवार की सुबह इस शिलापट्ट को ढक दिया। लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं के निर्देश पर सुबह अचानक घूरापाली गांव में लगे शिलापट्ट पर एक बैनर लगा दिया गया। इसपर मोटे अक्षरों में सांसद शरद त्रिपाठी के साथ विधायक राकेश सिंह बघेल का नाम लिखा है। लोगों का कहना था कि अगर यही करना था तो पहले ही पत्थर पर नाम लिखवा दिया गया होता। कम से कम इतना बड़ा विवाद तो नहीं होता। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता एके दूबे का कहना है कि सांसद की आपत्ति के बाद बुधवार को ही शिलापट्ट हटाने के निर्देश दिए गए थे। शिलापट्ट विभाग की तरफ से नहीं लगवाया गया था। विभाग के शिलापट्ट पर जनप्रतिनिधि के नाम का उल्लेख जरूर रहता है।
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