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लापरवाही के चलते शौचालय निर्माध अधर में
Updated Sat, 01 Dec 2018 11:56 PM IST
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अधूरे शौचालय बने ओडीएफ का राह में रोड़े
कई ग्राम सभाओं में अधूरे पड़े हैं शौचालय
फोटो
अमर उजाला ब्यूरो
मेंहदावल। शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन जिले को ओडीएफ घोषित करने की राह बना रहा है तो दूसरी तरफ अधूरे शौचालय प्रशासन के मंसूबों पर पानी फेर रहे हैं। सरकारी तंत्र की लापरवाही से कई ग्राम सभाओं में शौचालय निर्माण अधूरे हैं। इससे ओडीएफ का सपना साकार नहीं हो पा रहा है।
जिला प्रशासन और विकास विभाग जहां जिले को ओडीएफ घोषित करने की राह पर बढ़ रहा है, वहीं मेंहदावल विकास खंड क्षेत्र में अधूरे शौचालय ओडीएफ की राह में रोड़ा बन रहे हैं। 87 ग्राम पंचायतों में दो दर्जन ग्राम पंचायतें ऐसी हैं जहां शौचालय धन आहरण के बाद भी अधूरे हैं। शिकायतों के बाद विकास विभाग जांच में तो निकला पर कोरम पूर्ति की गई। एक सप्ताह पहले सीडीओ हाकिम सिंह ग्राम पंचायत दादरा में शौचालय अधूरा देखकर प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी के प्रति कार्रवाई की बात कही। ग्राम पंचायत नचनी के बरनापुर में डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी जांच में पहुंचे तो धन आहरण के बाद भी शौचालय अधूरे मिले। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी गांव रक्सा गांव में ग्राम प्रधान आज तक शौचालय निर्माण के प्रति जागरूक नहीं हो पाए, जबकि ग्राम पंचायत बसडीला, कुसम्हा, पड़रिया, ढोढ समेत एक दर्जन ग्राम पंचायतें ऐसी हैं जहां पर धन आहरण के बाद ही शौचालय अधूरे पड़े हैं। वरनापुर ग्राम में डीपीआरओ की जांच में ग्राम पंचायत अधिकारी की लापरवाही सामने आने के बाद भी विभागीय अधिकारियों ने चुप्पी साध ली। सीडीओ हाकिम सिंह ने माना कि शौचालय निर्माण में लगातार शिकायतें मिल रही हैं। ग्राम पंचायत अधिकारियों की लापरवाही के कारण शौचालय की गति काफी धीमी है। इसको संज्ञान में लेते हुए दोषी ग्राम पंचायत अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी।
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कई ग्राम सभाओं में अधूरे पड़े हैं शौचालय
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अमर उजाला ब्यूरो
मेंहदावल। शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन जिले को ओडीएफ घोषित करने की राह बना रहा है तो दूसरी तरफ अधूरे शौचालय प्रशासन के मंसूबों पर पानी फेर रहे हैं। सरकारी तंत्र की लापरवाही से कई ग्राम सभाओं में शौचालय निर्माण अधूरे हैं। इससे ओडीएफ का सपना साकार नहीं हो पा रहा है।
जिला प्रशासन और विकास विभाग जहां जिले को ओडीएफ घोषित करने की राह पर बढ़ रहा है, वहीं मेंहदावल विकास खंड क्षेत्र में अधूरे शौचालय ओडीएफ की राह में रोड़ा बन रहे हैं। 87 ग्राम पंचायतों में दो दर्जन ग्राम पंचायतें ऐसी हैं जहां शौचालय धन आहरण के बाद भी अधूरे हैं। शिकायतों के बाद विकास विभाग जांच में तो निकला पर कोरम पूर्ति की गई। एक सप्ताह पहले सीडीओ हाकिम सिंह ग्राम पंचायत दादरा में शौचालय अधूरा देखकर प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी के प्रति कार्रवाई की बात कही। ग्राम पंचायत नचनी के बरनापुर में डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी जांच में पहुंचे तो धन आहरण के बाद भी शौचालय अधूरे मिले। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी गांव रक्सा गांव में ग्राम प्रधान आज तक शौचालय निर्माण के प्रति जागरूक नहीं हो पाए, जबकि ग्राम पंचायत बसडीला, कुसम्हा, पड़रिया, ढोढ समेत एक दर्जन ग्राम पंचायतें ऐसी हैं जहां पर धन आहरण के बाद ही शौचालय अधूरे पड़े हैं। वरनापुर ग्राम में डीपीआरओ की जांच में ग्राम पंचायत अधिकारी की लापरवाही सामने आने के बाद भी विभागीय अधिकारियों ने चुप्पी साध ली। सीडीओ हाकिम सिंह ने माना कि शौचालय निर्माण में लगातार शिकायतें मिल रही हैं। ग्राम पंचायत अधिकारियों की लापरवाही के कारण शौचालय की गति काफी धीमी है। इसको संज्ञान में लेते हुए दोषी ग्राम पंचायत अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी।
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