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Sant Kabir Nagar News: 425 पशुओं को खुरपका-मुंहपका, गलघोंटू, लंगड़ा बुखार का टीका लगा
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महुली। सरयू में आई बाढ़ से प्रभावित दो दर्जन से अधिक गांवों में पशुओं को संक्रामक बीमारियों से बचाने के लिए पशुपालन विभाग ने अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में बाढ़ चौकी तिघरा पर एक दिवसीय पशु स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर में कुल 425 पशुओं को खुरपका-मुंहपका, गलघोंटू, लंगड़ा बुखार और पेट के कीड़ों जैसी संक्रामक बीमारियों से बचाव का टीका लगाया गया। साथ ही बीमार पशुओं के लिए पशुपालकों को निशुल्क दवाएं भी वितरित की गईं। पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद ने बताया कि बाढ़ प्रभावित गांव गायघाट, ढोलबजा, खैरगढ़, तिघरा, सियरकला, दौलतपुर आदि गांवों के पशुपालकों को पूर्व सूचना देकर शिविर में बुलाया गया था।
उन्होंने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप बाढ़ क्षेत्र के अन्य गांवों में भी डॉक्टरों की टीम बनाकर घर-घर जाकर टीकाकरण और दवा वितरण अभियान चलाया जा रहा है। डॉ. आनंद ने सभी पशुपालक किसानों से अपील की है कि बाढ़ के बाद पशुओं में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए गांव में पहुंच रही विभागीय टीम से समय से अपने पशुओं का टीकाकरण अवश्य कराएं और दी गई दवाओं का नियमित सेवन कराएं।
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शिविर में कुल 425 पशुओं को खुरपका-मुंहपका, गलघोंटू, लंगड़ा बुखार और पेट के कीड़ों जैसी संक्रामक बीमारियों से बचाव का टीका लगाया गया। साथ ही बीमार पशुओं के लिए पशुपालकों को निशुल्क दवाएं भी वितरित की गईं। पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद ने बताया कि बाढ़ प्रभावित गांव गायघाट, ढोलबजा, खैरगढ़, तिघरा, सियरकला, दौलतपुर आदि गांवों के पशुपालकों को पूर्व सूचना देकर शिविर में बुलाया गया था।
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उन्होंने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप बाढ़ क्षेत्र के अन्य गांवों में भी डॉक्टरों की टीम बनाकर घर-घर जाकर टीकाकरण और दवा वितरण अभियान चलाया जा रहा है। डॉ. आनंद ने सभी पशुपालक किसानों से अपील की है कि बाढ़ के बाद पशुओं में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए गांव में पहुंच रही विभागीय टीम से समय से अपने पशुओं का टीकाकरण अवश्य कराएं और दी गई दवाओं का नियमित सेवन कराएं।
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