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बंद रही ओपीडी सेवा
Updated Fri, 30 Nov 2018 11:29 PM IST
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जिद पर अड़े स्वास्थ्य कर्मियों ने ठप की ओपीडी
फोटो
एसपी के स्थानांतरण की मांग पर अड़े, जिले की समस्त सीएचसी-पीएचसी पर भी ठप रही ओपीडी सेवा
एडी हेल्थ पहुंचे मनाने, एडीएम व एएसपी ने कर्मचारियों से की वार्ता
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। एक युवक की बृहस्पतिवार को मौत पर जिला अस्पताल में हुए हंगामा के बाद धरना दे रहे स्वास्थ्यकर्मियों पर एसपी की तरफ से की गई कार्रवाई से नाराज कर्मियों ने शुक्रवार को जिला अस्पताल समेत पूरे जिले की स्वास्थ्य सेवा को ठप कर दी। उन्होंने कार्य बहिष्कार कर धरना-प्रदर्शन किया। जिला अस्पताल में एडी हेल्थ, एडीएम व एएसपी नाराज कर्मचारियों को मनाने पहुंचे, लेकिन देर शाम तक बात नहीं बन पाई। कर्मचारी एसपी के स्थानांतरण की मांग पर अड़े हैं। स्वास्थ्य सेवा ठप होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शनिवार को भी ओपीडी बंद करने की बात कही है।
जिला अस्पताल के इमरजेंसी में बखिरा क्षेत्र के संतोषपुर गांव निवासी विशाल सिंह करंट की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलस गए थे। जिन्हें परिजन अस्पताल लेकर आए थे। चिकित्सकों ने देखते ही उसे मृत घोषित कर दिया था। इसके बाद परिजन शरीर गर्म होने की बात कहकर रेफर और एंबुलेंस की मांग करने लगे। जबकि अस्पताल के कर्मी पोस्टमार्टम कराने की बात कह रहे थे। इस दौरान दोनों पक्षों में विवाद हो गया था। इसके बाद परिजन विशाल सिंह को लेकर गोरखपुर चले गए। इससे नाराज अस्पताल कर्मी धरने पर बैठ गए। धरना की सूचना पर एसपी आकाश तोमर जिला अस्पताल पहुंचे और कर्मचारियों को हड़ताल समाप्त कर मरीजों का इलाज करने को कहा। कर्मचारी नहीं माने तो एसपी ने जबरिया हड़ताल समाप्त कराकर तीन लोगों को हिरासत में लेकर कोतवाली भिजवा दिया था। कर्मचारियों के हिरासत में लेने की सूचना पर स्वास्थ्यकर्मियों ने जिले के समस्त सीएचसी पर इमरजेंसी, ओपीडी समेत सभी सेवा ठप कर एसपी के स्थानांतरण की मांग कर दी थी। डीएम के हस्तक्षेप के बाद इमरजेंसी सेवा बहाल हुई, लेकिन ओपीडी पूरी तरह से बंद है। फार्मासिस्ट एसोसिएशन के महामंत्री नित्यानंद त्रिपाठी ने कहा कि जब तक एसपी का तबादला नहीं हो जाता है तब तक ओपीडी बंद रहेगी। स्वास्थ्य कर्मी सीएमएस कार्यालय के सामने घरने पर बैठे रहे। सूचना पर एडीएम रणविजय सिंह, एएसपी असित श्रीवास्तव, एडी हेल्थ डॉ. रंगदीप द्विवेदी, सीएमओ डॉ. हरगोविंद सिंह, सीएमएस डॉ. पंकज टंडन आदि पहुंच गए और कर्मचारियों से वार्ता की, पर कर्मचारी नहीं माने। हालांकि सीएमओ डॉ. हरगोविंद सिंह ने बताया कि कर्मचारियों से वार्ता की गई है। सकारात्मक परिणाम मिले हैं। शनिवार को संभव है ओपीडी बहाल हो जाएगी।
जल्द खत्म होगी हड़ताल : एडीएम
एडीएम रणविजय सिंह ने बताया कि स्वास्थ्यकर्मियों और चिकित्सकों से वार्ता की गई है। कर्मचारियों की मांगों को शासन में भेजा गया है। उम्मीद है कि शनिवार को हड़ताल समाप्त हो जाएगी और ओपीडी की सेवा बहाल हो जाएगी।
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एसपी के स्थानांतरण की मांग पर अड़े, जिले की समस्त सीएचसी-पीएचसी पर भी ठप रही ओपीडी सेवा
एडी हेल्थ पहुंचे मनाने, एडीएम व एएसपी ने कर्मचारियों से की वार्ता
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। एक युवक की बृहस्पतिवार को मौत पर जिला अस्पताल में हुए हंगामा के बाद धरना दे रहे स्वास्थ्यकर्मियों पर एसपी की तरफ से की गई कार्रवाई से नाराज कर्मियों ने शुक्रवार को जिला अस्पताल समेत पूरे जिले की स्वास्थ्य सेवा को ठप कर दी। उन्होंने कार्य बहिष्कार कर धरना-प्रदर्शन किया। जिला अस्पताल में एडी हेल्थ, एडीएम व एएसपी नाराज कर्मचारियों को मनाने पहुंचे, लेकिन देर शाम तक बात नहीं बन पाई। कर्मचारी एसपी के स्थानांतरण की मांग पर अड़े हैं। स्वास्थ्य सेवा ठप होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शनिवार को भी ओपीडी बंद करने की बात कही है।
जिला अस्पताल के इमरजेंसी में बखिरा क्षेत्र के संतोषपुर गांव निवासी विशाल सिंह करंट की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलस गए थे। जिन्हें परिजन अस्पताल लेकर आए थे। चिकित्सकों ने देखते ही उसे मृत घोषित कर दिया था। इसके बाद परिजन शरीर गर्म होने की बात कहकर रेफर और एंबुलेंस की मांग करने लगे। जबकि अस्पताल के कर्मी पोस्टमार्टम कराने की बात कह रहे थे। इस दौरान दोनों पक्षों में विवाद हो गया था। इसके बाद परिजन विशाल सिंह को लेकर गोरखपुर चले गए। इससे नाराज अस्पताल कर्मी धरने पर बैठ गए। धरना की सूचना पर एसपी आकाश तोमर जिला अस्पताल पहुंचे और कर्मचारियों को हड़ताल समाप्त कर मरीजों का इलाज करने को कहा। कर्मचारी नहीं माने तो एसपी ने जबरिया हड़ताल समाप्त कराकर तीन लोगों को हिरासत में लेकर कोतवाली भिजवा दिया था। कर्मचारियों के हिरासत में लेने की सूचना पर स्वास्थ्यकर्मियों ने जिले के समस्त सीएचसी पर इमरजेंसी, ओपीडी समेत सभी सेवा ठप कर एसपी के स्थानांतरण की मांग कर दी थी। डीएम के हस्तक्षेप के बाद इमरजेंसी सेवा बहाल हुई, लेकिन ओपीडी पूरी तरह से बंद है। फार्मासिस्ट एसोसिएशन के महामंत्री नित्यानंद त्रिपाठी ने कहा कि जब तक एसपी का तबादला नहीं हो जाता है तब तक ओपीडी बंद रहेगी। स्वास्थ्य कर्मी सीएमएस कार्यालय के सामने घरने पर बैठे रहे। सूचना पर एडीएम रणविजय सिंह, एएसपी असित श्रीवास्तव, एडी हेल्थ डॉ. रंगदीप द्विवेदी, सीएमओ डॉ. हरगोविंद सिंह, सीएमएस डॉ. पंकज टंडन आदि पहुंच गए और कर्मचारियों से वार्ता की, पर कर्मचारी नहीं माने। हालांकि सीएमओ डॉ. हरगोविंद सिंह ने बताया कि कर्मचारियों से वार्ता की गई है। सकारात्मक परिणाम मिले हैं। शनिवार को संभव है ओपीडी बहाल हो जाएगी।
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जल्द खत्म होगी हड़ताल : एडीएम
एडीएम रणविजय सिंह ने बताया कि स्वास्थ्यकर्मियों और चिकित्सकों से वार्ता की गई है। कर्मचारियों की मांगों को शासन में भेजा गया है। उम्मीद है कि शनिवार को हड़ताल समाप्त हो जाएगी और ओपीडी की सेवा बहाल हो जाएगी।
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