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Sant Kabir Nagar News: 50 से कम क्षमता वाले 35 गो आश्रय स्थलों पर लगेगा ताला
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बस्ती। जिला प्रशासन ने निराश्रित पशुओं के बेहतर प्रबंधन के लिए 50 से कम क्षमता वाले 35 छोटे गो-आश्रय स्थलों को बंद करने का निर्णय लिया है। इन केंद्रों पर मौजूद पशुओं को बड़े गो संरक्षण केंद्रों में स्थानांतरित किया जाएगा। इससे पंचायतों पर भार कम होगा।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण कुमार गुप्ता के अनुसार, जिले में 63 आश्रय स्थलों में 3620 पशुओं को संरक्षित किया गया है। शासनादेश के अनुसार छोटे केंद्रों को बंद करने की सूची जारी कर दी गई है। इसमें 35 गो-आश्रय स्थल ऐसे हैं जहां पशुओं की संख्या 50 से कम है। कहा गया कि पशुओं का बेहतर प्रबंधन और बड़े केंद्रों में शिफ्टिंग से उनकी देखभाल बढि़या ढंग से हो सकेगी और पंचायतों पर भार भी कम पड़ेगा।
बताया कि 50 से कम क्षमता वाले आश्रय स्थलों की सूची में लोनहा में 24, सेमरा में 33, मकदूमपुर 20, शोभरनपुर और भौसिंगपुर 30-30, कड़जामतपुर 38, सिकंदरपुर 43, उजियनपुर 39, भीटारामसेन 23, अमामतरतिया 30, अजगवा जंगल में 35, हरिहरपुर कमदा 37, परसालंगड़ा में 44, छपिया में 46, एकडेंगवा मरवटिया 47, सभाईपरासान में 21, भरवलिया में 30, घनघटा 32, हथिनास में 28, जलालबाद में 32, बडगोमाफी में 37, जोगापुर में 34, केशवपुर 46, मेड़उवा 40, पोखरा 32, सड़वलिया में 40, हरगांव 33, निदुरीमाफी शून्य, दुबौली दूबे में 46, मल्लूपुर में 47, मेदहियाशुक्ल में 27 और बजहा में 29 पशु संरक्षित हैं। इनको बंद करने के लिए सूची बनाई गई है। सीवीओ ने बताया कि पहले 67 गो-आश्रय स्थल संचालित थे, जिसमें 30 से कम पशु होने के कारण चार बंद कर दिए गए थे।
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मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण कुमार गुप्ता के अनुसार, जिले में 63 आश्रय स्थलों में 3620 पशुओं को संरक्षित किया गया है। शासनादेश के अनुसार छोटे केंद्रों को बंद करने की सूची जारी कर दी गई है। इसमें 35 गो-आश्रय स्थल ऐसे हैं जहां पशुओं की संख्या 50 से कम है। कहा गया कि पशुओं का बेहतर प्रबंधन और बड़े केंद्रों में शिफ्टिंग से उनकी देखभाल बढि़या ढंग से हो सकेगी और पंचायतों पर भार भी कम पड़ेगा।
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बताया कि 50 से कम क्षमता वाले आश्रय स्थलों की सूची में लोनहा में 24, सेमरा में 33, मकदूमपुर 20, शोभरनपुर और भौसिंगपुर 30-30, कड़जामतपुर 38, सिकंदरपुर 43, उजियनपुर 39, भीटारामसेन 23, अमामतरतिया 30, अजगवा जंगल में 35, हरिहरपुर कमदा 37, परसालंगड़ा में 44, छपिया में 46, एकडेंगवा मरवटिया 47, सभाईपरासान में 21, भरवलिया में 30, घनघटा 32, हथिनास में 28, जलालबाद में 32, बडगोमाफी में 37, जोगापुर में 34, केशवपुर 46, मेड़उवा 40, पोखरा 32, सड़वलिया में 40, हरगांव 33, निदुरीमाफी शून्य, दुबौली दूबे में 46, मल्लूपुर में 47, मेदहियाशुक्ल में 27 और बजहा में 29 पशु संरक्षित हैं। इनको बंद करने के लिए सूची बनाई गई है। सीवीओ ने बताया कि पहले 67 गो-आश्रय स्थल संचालित थे, जिसमें 30 से कम पशु होने के कारण चार बंद कर दिए गए थे।
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