{"_id":"5c83fda5bdec222dcd5a77eb","slug":"31552154021-sant-kabir-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"माध्यमिक शिक्षक संघ का मूल्याकंन बहिष्कार जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
माध्यमिक शिक्षक संघ का मूल्याकंन बहिष्कार जारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
माध्यमिक शिक्षक संघ का मूल्यांकन बहिष्कार जारी
मूल्यांकन बहिष्कार से हरकत में आई सरकार : संजय
फोटो
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। नौ सूत्री मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ का मूल्यांकन बहिष्कार शनिवार को भी जारी रहा। संघ के पदाधिकारियों ने मूल्यांकन केंद्र एचआर इंटर कॉलेज और जीजीआईसी पर विरोध प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की।
जिलाध्यक्ष संजय द्विवेदी ने कहा कि संघ के मूल्यांकन बहिष्कार से सरकार हरकत में आई है। उप मुख्यमंत्री ने वार्ता के लिए बुलाया है। फिलहाल हम अपनी मांगे पूरी होने तक आंदोलन जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि वित्तविहीन शिक्षकों के साथ अन्याय किया जा रहा है। उनकी सेवा सुरक्षित करते हुए सम्मान जनक वेतन दिया जाए। पुरानी पेंशन योजना को बहाल किया जाए और अद्यतन कार्यरत तदर्थ शिक्षकों को विनियमित किया जाए। इस दौरान गिरिजानंद यादव, मोहिबुल्लाह खान, नसीम अहमद, विजय यादव, ब्रह्मदेव सिंह, अरुण ओझा, सुनील ओझा, पुनीत त्रिपाठी, मनोज कुमार मिश्रा, इंद्रेश धर दुबे, अफजल अहमद, जय प्रकाश गौतम, विनोद चौरसिया, राम नारायण पांडेय, डी यादव, गणेश चौरसिया, अवधेश साहनी, दिनेश कुमार, प्रवीण कुमार त्रिपाठी, राघवेंद्र द्विवेदी, पंकज दुबे, हबीबुलल्लाह खान, गोपाल जी सिंह, संतमोहन त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
मूल्यांकन बहिष्कार से हरकत में आई सरकार : संजय
फोटो
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। नौ सूत्री मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ का मूल्यांकन बहिष्कार शनिवार को भी जारी रहा। संघ के पदाधिकारियों ने मूल्यांकन केंद्र एचआर इंटर कॉलेज और जीजीआईसी पर विरोध प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की।
जिलाध्यक्ष संजय द्विवेदी ने कहा कि संघ के मूल्यांकन बहिष्कार से सरकार हरकत में आई है। उप मुख्यमंत्री ने वार्ता के लिए बुलाया है। फिलहाल हम अपनी मांगे पूरी होने तक आंदोलन जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि वित्तविहीन शिक्षकों के साथ अन्याय किया जा रहा है। उनकी सेवा सुरक्षित करते हुए सम्मान जनक वेतन दिया जाए। पुरानी पेंशन योजना को बहाल किया जाए और अद्यतन कार्यरत तदर्थ शिक्षकों को विनियमित किया जाए। इस दौरान गिरिजानंद यादव, मोहिबुल्लाह खान, नसीम अहमद, विजय यादव, ब्रह्मदेव सिंह, अरुण ओझा, सुनील ओझा, पुनीत त्रिपाठी, मनोज कुमार मिश्रा, इंद्रेश धर दुबे, अफजल अहमद, जय प्रकाश गौतम, विनोद चौरसिया, राम नारायण पांडेय, डी यादव, गणेश चौरसिया, अवधेश साहनी, दिनेश कुमार, प्रवीण कुमार त्रिपाठी, राघवेंद्र द्विवेदी, पंकज दुबे, हबीबुलल्लाह खान, गोपाल जी सिंह, संतमोहन त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन