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गांव के लोग कई बार कर चुके हैं आंदोलन
Updated Wed, 26 Sep 2018 11:16 PM IST
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चकिया में अंडरपास के लिए कवायद शुरू
गोरखपुर-लखनऊ रेल मार्ग के किनारे है गांव
गांव के सामने बने मानव रहित क्रासिंग पर नहीं है रास्ता
लोग जहां से लाइन पार करते हैं वहां नहीं है क्रासिंग की व्यवस्था
बुधवार को लेखपाल ने गांव पहुंचकर अंडरपास के लिए जगह देखी
अमर उजाला ब्यूरो
कांटे। खलीलाबाद तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत कुशमैनी के पुरवा चकिया में रेलवे लाइन पर अंडरपास बनाने की कवायद शुरू हो गई है। बुधवार को लेखपाल ने गांव पहुंचकर अंडरपास के लिए जगह का मुआयना किया। मौके पर वरिष्ठ प्रशासनिक व रेलवे के अफसरों के आने की भी सूचना थी। हालांकि दोपहर बाद अफसर नहीं पहुंचे तो लेखपाल मौका देखकर लौट गए।
चकिया गांव गोरखपुर-लखनऊ रेलमार्ग के किनारे है। इस गांव के पास रेलवे ने मानव रहित क्रासिंग बनाया है, लेकिन जहां क्रासिंग है वहां रास्ता ही नहीं है। इस गांव से होकर जाने वाले रास्ते से चकिया के अलावा सगरवा नचनी, मल्लापुरवा, पैली खास, जगदीशपुर लहरा देवा आदि गांव के लोग रोज जान जोखिम में डालकर रेलवे लाइन क्रास करते हैं। रेलवे लाइन पर अंडर पास के लिए ग्रामीणों ने कई बार प्रदर्शन। वर्ष-2012 के विधानसभा चुनाव और वर्ष-2014 के लोकसभा चुनाव से पहले भी यहां के लोगों ने विरोध स्वरूप चुनाव का बहिष्कार करने की घोषणा की थी। उस वक्त भी अफसर व नेता गांव पहुंचे और लोगों को समझा बुझाकर मामला शांत करा दिया था। इसके अलावा भी कई बार गांव के लोग यहां समपार फाटक अथवा अंडरपास बनवाने की मांग कर चुके हैं। बुधवार की सुबह क्षेत्र के लेखपाल सुरेश श्रीवास्तव चकिया गांव पहुंचे और रेलवे लाइन पर अंडरपास के लिए जगह के निरीक्षण की बात बताई। गांव के लोगों के अनुसार लेखपाल ने जिला प्रशासन के अलावा रेलवे के अफसरों के भी मौके पर आने की जानकारी दी। इसके चलते गांव के प्रधान समेत तमाम लोग वहां एकत्रित हो गए। करीब चार घंटे इंतजार के बाद भी कोई अफसर मौके पर नहीं पहुंचा। इसके बाद लेखपाल ने ही रास्ता व अंडरपास के लिए जगह देखा और वापस लौट गए।
ग्राम प्रधान ब्रह्मादीन चौधरी, राज कपूर चौधरी, राम उजागिर, गोलही प्रजापति, अवधेश कुमार, वीरेंद्र कुमार, कन्हैया लाल, लालबिहारी, राजेश कुमार, दीपक आदि ने बताया कि बिना क्रासिंग वाली जगह पर रेलवे लाइन पार करने के दौरान कई लोग ट्रेन की चपेट में आ चुके हैं। यहां अंडरपास की बहुत जरूरत है। लेखपाल ने उन लोगों को बताया है कि जल्दी ही रेलवे के अफसर जगह का निरीक्षण करेंगे और इसके बाद अंडरपास का निर्माण कराया जाएगा। यहां अंडरपास बनने की कवायद शुरू होने पर लोगों ने खुशी जताई है।
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गोरखपुर-लखनऊ रेल मार्ग के किनारे है गांव
गांव के सामने बने मानव रहित क्रासिंग पर नहीं है रास्ता
लोग जहां से लाइन पार करते हैं वहां नहीं है क्रासिंग की व्यवस्था
बुधवार को लेखपाल ने गांव पहुंचकर अंडरपास के लिए जगह देखी
अमर उजाला ब्यूरो
कांटे। खलीलाबाद तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत कुशमैनी के पुरवा चकिया में रेलवे लाइन पर अंडरपास बनाने की कवायद शुरू हो गई है। बुधवार को लेखपाल ने गांव पहुंचकर अंडरपास के लिए जगह का मुआयना किया। मौके पर वरिष्ठ प्रशासनिक व रेलवे के अफसरों के आने की भी सूचना थी। हालांकि दोपहर बाद अफसर नहीं पहुंचे तो लेखपाल मौका देखकर लौट गए।
चकिया गांव गोरखपुर-लखनऊ रेलमार्ग के किनारे है। इस गांव के पास रेलवे ने मानव रहित क्रासिंग बनाया है, लेकिन जहां क्रासिंग है वहां रास्ता ही नहीं है। इस गांव से होकर जाने वाले रास्ते से चकिया के अलावा सगरवा नचनी, मल्लापुरवा, पैली खास, जगदीशपुर लहरा देवा आदि गांव के लोग रोज जान जोखिम में डालकर रेलवे लाइन क्रास करते हैं। रेलवे लाइन पर अंडर पास के लिए ग्रामीणों ने कई बार प्रदर्शन। वर्ष-2012 के विधानसभा चुनाव और वर्ष-2014 के लोकसभा चुनाव से पहले भी यहां के लोगों ने विरोध स्वरूप चुनाव का बहिष्कार करने की घोषणा की थी। उस वक्त भी अफसर व नेता गांव पहुंचे और लोगों को समझा बुझाकर मामला शांत करा दिया था। इसके अलावा भी कई बार गांव के लोग यहां समपार फाटक अथवा अंडरपास बनवाने की मांग कर चुके हैं। बुधवार की सुबह क्षेत्र के लेखपाल सुरेश श्रीवास्तव चकिया गांव पहुंचे और रेलवे लाइन पर अंडरपास के लिए जगह के निरीक्षण की बात बताई। गांव के लोगों के अनुसार लेखपाल ने जिला प्रशासन के अलावा रेलवे के अफसरों के भी मौके पर आने की जानकारी दी। इसके चलते गांव के प्रधान समेत तमाम लोग वहां एकत्रित हो गए। करीब चार घंटे इंतजार के बाद भी कोई अफसर मौके पर नहीं पहुंचा। इसके बाद लेखपाल ने ही रास्ता व अंडरपास के लिए जगह देखा और वापस लौट गए।
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ग्राम प्रधान ब्रह्मादीन चौधरी, राज कपूर चौधरी, राम उजागिर, गोलही प्रजापति, अवधेश कुमार, वीरेंद्र कुमार, कन्हैया लाल, लालबिहारी, राजेश कुमार, दीपक आदि ने बताया कि बिना क्रासिंग वाली जगह पर रेलवे लाइन पार करने के दौरान कई लोग ट्रेन की चपेट में आ चुके हैं। यहां अंडरपास की बहुत जरूरत है। लेखपाल ने उन लोगों को बताया है कि जल्दी ही रेलवे के अफसर जगह का निरीक्षण करेंगे और इसके बाद अंडरपास का निर्माण कराया जाएगा। यहां अंडरपास बनने की कवायद शुरू होने पर लोगों ने खुशी जताई है।
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