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घाघरा का वेग थमा, कटान तेज, राप्ती उफान पर
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 04 Aug 2018 11:41 PM IST
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मेंहदावल में तटबंध का निरीक्षण करते डीएम और एसपी।
- फोटो : अमर उजाला
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हैंसर/मेंहदावल। घाघरा नदी का जल स्तर शनिवार को स्थिर रहा हालांकि कटान हो रही है। इससे लोगों के चेहरे से रौनक गायब है। हालांिक राप्ती का जलस्तर तेजी बढ़ रहा है। लोगों का कहना है कि नदी का बढ़ाव उतना नुकसान नहीं करेगा, जितना कटान से हो रहा है।
नदी जिस तरह बढ़ रही है, उससे गांव पर खतरा बढ़ता जा रहा है। कटान रोकने के लिए कोई प्रयास भी नहीं किया जा रहा है। अब गांव के लोगों को केवल भगवान का ही सहारा है।
राजकुमार, टिकोरी, किशोरी, अमोरजीत, राजबली, लालमन, हरीशचंद्र आदि का कहना है कि नदी जिस तरह की कटान कर गांव के करीब पहुंच गई है। उस तरह की कटान कभी हुआ नहीं था।
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बाढ़ का दंश तो नदी के तलहटी में रहने के कारण हर वर्ष झेलना पड़ता था, लेकिन बाढ़ हटने के बाद रोजी-रोटी के लिए खेती और रहने के लिए मकान सुरक्षित मिलता था, लेकिन इस वर्ष तो नदी कहर बरपा कर रही है।
अब नदी गांव के करीब पहुंच रही है। आज कटान कुछ धीमी है। गांव पर खतरा बरकरार है। नदी का कोई भरोसा नहीं है। गांव वालों का कहना है कि प्रशासन के लोग कटान रोकने का प्रयास करने से हाथ खड़ा कर दिए हैं।
इससे गायघाट, ढोलबजा, दौलतपुर, चकदहा आदि गांवो को कटने से अब केवल भगवान ही बचा सकते हैं। सिंचाई विभाग के जेई मनोज त्रिपाठी का कहना है कि नदी के जल स्तर में बढ़ोत्तरी जारी है, लेकिन अभी भी तुर्कवलिया नायक में खतरे के निशान से 55 सेंटीमीटर नीचे बह रही है।
मेंहदावल तहसील क्षेत्र में शनिवार को राप्ती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से मात्र 2.05 मीटर नीचे था। शाम चार बजे नदी का जलस्तर 77.45 मीटर मापा गया। तटबंध की जर्जर हालत को देखते हुए जेई टीम के साथतटबंध पर डेरा डाले हैं। क्षेत्र के लोग दहशतजदा हैं।
मेंहदावल तहसील क्षेत्र के उत्तरी पूर्वी कछार क्षेत्र में राप्ती नदी नदी 1.5 सेमी. प्रति घंटे की रफ्तार से बढ रही है और खतरे के निशान से मात्र 2.05 मीटर नीचे हैं। तटबंध के अतिसंवेदनशील कटान स्थल बेलौली में नदी का पानी तटबंध को पूरी तरफ छू रहा है जिससे बांध पर दवाव बना हुआ हैं।
विभागीय अधिकारी तटबंध से जलस्तर का दवाव हटाने के लिए बम्बोक्रेट डालकर ईट के टुकड़े डाल रहे है। नदी विशुनपुर,जोरवा आदि गांवों के पास भी कई स्थानों पर तटबंध पर दवाव बनाये हुए हैं। लगातार नदी का जलस्तर बढने से कछार क्षेत्र के लोग बांढ की आशंका से भयभीत हैं।
सहायक अभियंता ई..प्रेमलाल ने बताया कि करमैनी-बेलौली तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है जहां कही भी तटबंध पर जलस्तर का दबाव है वहां विभाग सक्रियता के साथ कार्य कराते हुए दबाव को दूर करने का प्रयास कर रहा है। जलस्तर बढ़ने से अभी तटबंध को कोई नुकसान नहीं हैं।
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नदी जिस तरह बढ़ रही है, उससे गांव पर खतरा बढ़ता जा रहा है। कटान रोकने के लिए कोई प्रयास भी नहीं किया जा रहा है। अब गांव के लोगों को केवल भगवान का ही सहारा है।
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राजकुमार, टिकोरी, किशोरी, अमोरजीत, राजबली, लालमन, हरीशचंद्र आदि का कहना है कि नदी जिस तरह की कटान कर गांव के करीब पहुंच गई है। उस तरह की कटान कभी हुआ नहीं था।
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बाढ़ का दंश तो नदी के तलहटी में रहने के कारण हर वर्ष झेलना पड़ता था, लेकिन बाढ़ हटने के बाद रोजी-रोटी के लिए खेती और रहने के लिए मकान सुरक्षित मिलता था, लेकिन इस वर्ष तो नदी कहर बरपा कर रही है।
अब नदी गांव के करीब पहुंच रही है। आज कटान कुछ धीमी है। गांव पर खतरा बरकरार है। नदी का कोई भरोसा नहीं है। गांव वालों का कहना है कि प्रशासन के लोग कटान रोकने का प्रयास करने से हाथ खड़ा कर दिए हैं।
इससे गायघाट, ढोलबजा, दौलतपुर, चकदहा आदि गांवो को कटने से अब केवल भगवान ही बचा सकते हैं। सिंचाई विभाग के जेई मनोज त्रिपाठी का कहना है कि नदी के जल स्तर में बढ़ोत्तरी जारी है, लेकिन अभी भी तुर्कवलिया नायक में खतरे के निशान से 55 सेंटीमीटर नीचे बह रही है।
मेंहदावल तहसील क्षेत्र में शनिवार को राप्ती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से मात्र 2.05 मीटर नीचे था। शाम चार बजे नदी का जलस्तर 77.45 मीटर मापा गया। तटबंध की जर्जर हालत को देखते हुए जेई टीम के साथतटबंध पर डेरा डाले हैं। क्षेत्र के लोग दहशतजदा हैं।
मेंहदावल तहसील क्षेत्र के उत्तरी पूर्वी कछार क्षेत्र में राप्ती नदी नदी 1.5 सेमी. प्रति घंटे की रफ्तार से बढ रही है और खतरे के निशान से मात्र 2.05 मीटर नीचे हैं। तटबंध के अतिसंवेदनशील कटान स्थल बेलौली में नदी का पानी तटबंध को पूरी तरफ छू रहा है जिससे बांध पर दवाव बना हुआ हैं।
विभागीय अधिकारी तटबंध से जलस्तर का दवाव हटाने के लिए बम्बोक्रेट डालकर ईट के टुकड़े डाल रहे है। नदी विशुनपुर,जोरवा आदि गांवों के पास भी कई स्थानों पर तटबंध पर दवाव बनाये हुए हैं। लगातार नदी का जलस्तर बढने से कछार क्षेत्र के लोग बांढ की आशंका से भयभीत हैं।
सहायक अभियंता ई..प्रेमलाल ने बताया कि करमैनी-बेलौली तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है जहां कही भी तटबंध पर जलस्तर का दबाव है वहां विभाग सक्रियता के साथ कार्य कराते हुए दबाव को दूर करने का प्रयास कर रहा है। जलस्तर बढ़ने से अभी तटबंध को कोई नुकसान नहीं हैं।