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लेखपालों का धरना जारी

Sat, 07 Jul 2018 11:00 PM IST
Updated Sat, 07 Jul 2018 11:00 PM IST
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लेखपालों का धरना जारी
अनावश्यक दबाव बर्दाश्त नहीं करेंगे लेखपाल
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फोटो के साथ
आठ सूत्रीय मांगें पूरी करने के लिए तीन जुलाई से आंदोलित हैं लेखपाल
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। वेतन और पेंशन संबंधी विसंगतियों समेत आठ सूत्रीय मांगें पूरी करने के लिए उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने जनपद की तीनों तहसीलों में शनिवार को भी कार्य बहिष्कार कर धरना दिया। लेखपालों ने कहा कि प्रदेश सरकार उनकी मांगों को दबाना चाहती है। इसे संगठन बर्दाश्त नहीं करेगा।
खलीलाबाद तहसील में धरने की अध्यक्षता करते हुए तहसील अध्यक्ष हरिशंकर विश्वकर्मा ने कहा कि लेखपाल की अपनी समस्याएं हैं। लेखपाल संघ कई माह से चरणबद्ध तरीके से आंदोलन चला रहा है। लेेखपाल संघ वेतन उच्चीकरण, वेतन व पेंशन विसंगति दूर करने, भत्ते बढ़ाने, राजस्व उप निरीक्षक के पद पर पदोन्नति, लैपटॉप व स्मार्ट फोनआदि की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार उनकी मांगों को दबाने के लिए नए नियम बना रही है। लेखपालों पर दबाव बनाया जा रहा है।
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इस अवसर पर राजेंद्र प्रसाद, श्रवण कुमार, रामचरन, रामसुमेर, अर्जुन पाठक, चंद्रभूषण, जीतेंद्र कन्नौजिया, राकेश श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। इसी मेंहदावल तहसील में भी लेखपालों ने धरना दिया। इस दौरान तहसील अध्यक्ष शेषदत्त त्रिपाठी, मंत्री सुधीर कुमार गुप्त, लक्ष्मीशंकर सिंह, राजेंद्र त्रिपाठी, सुशील श्रीवास्तव, ज्वाला सिंह आदि मौजूद रहे। इसी तरह से धनघटा तहसील पर भी लेखपाल अपनी मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार कर धरना दिए। इस दौरान जिलाध्यक्ष बुद्धिराम चौधरी, तहसील अध्यक्ष ध्रुवचंद चौधरी, इम्तियाज अहमद, सविता सिंह, गीता कटियार, पूजा पाल, निहारिका, अंकिता, मोहम्मद इलियास, राजदेव, गिरजेश, अभिषेक श्रीवास्तव समेत अन्य लेखपाल मौजूद रहे।
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लेखपालों की हड़ताल से हो रही समस्या
मेंहदावल। करीब हफ्ते भर से चल रही लेखपाल संवर्ग की हड़ताल आम लोगों के लिए समस्या बनती जा रही है। आय, जाति व निवास प्रमाण पत्रों के साथ अन्य सरकारी सुविधाओं के लिए लोग परेशान होने लगे हैं। रिपोर्ट लगने के बाद भी प्रमाण पत्र जारी नहीं हो रहे हैं।

इस समय डीएलएड, बीएड, आईटीआई समेत कई प्रकार के शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश करने और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रतिभाग करने के लिए प्रतिभागियों को आय, जाति व निवास प्रमाण पत्रों की आवश्यकता है। इसके लिए शासन ने भले ही ऑनलाइन व्यवस्था की है, लेकिन जन सेवा केंद्रों पर आवेदन के बाद सत्यापन के लिए संबंधित लेखपालों को ऑनलाइन भेज दिया जाता है। लेखपाल की आख्या के बाद ही निवास के मामले में एसडीएम और आय व जाति के मामलेेे में तहसीलदार के डिजिटल हस्ताक्षर से प्रमाण पत्र निर्गत किए जाते हैं। अभ्यर्थी आशीष, नीरज, सुग्रीव, सीताराम, जय कुमार, जयशंकर, सर्वेश कुमार, दिवाकर आदि ने कहा कि वे लोग प्रमाणपत्रों के लिए आए दिन तहसील परिसर में आते हैं और मायूस होकर लौट जाते हैं।
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