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तीन गो आश्रय केंद्र बंद, छुट्टा पशु सड़कों पर
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ेंहदावल के बराखाल में पशु विहीन आश्रय केंद्र। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : KHALILABAD
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तीन गो आश्रय केंद्र बंद, छुट्टा पशु सड़कों पर
छुट्टा पशुओं के मुद्दे को लेकर सड़क पर उतर चुुके हैं ग्रामीण
बीडीओ बोले, जल्द बंद केंद्र किए जाएंगे सक्रिय
संवाद न्यूज एजेंसी
मेंहदावल। क्षेत्र में संचालित आठ पशु आश्रय केंद्रों में तीन केंद्र बंद हो गए। आलम यह है कि छुट्टा पशु सड़क पर आ गए हैं। इसके साथ ही किसानों की फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। इससे किसानों की मुसीबत बढ़ गई।
क्षेत्र में आठ पशु आश्रय केंद्र सक्रिय थे। इसमें बाराखाल, बसडीला, हरपुर, कौवाठोर, साडे़कलां, नावध, बढ़या ठाठर व कान्हा हाउस नगर पंचायत मेंहदावल में चल रहे थे। 25 दिसंबर को ग्राम पंचायत के प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो गया। उसके बाद कुछ ग्राम पंचायतें नगर पंचायत मेंहदावल की सीमा विस्तार में शामिल हो गईं। इसमें तीन ग्राम पंचायतों में संचालित पशु आश्रय केंद्र बंद हो गए। छुट्टा पशुओं के मुद्दे को लेकर किसान आंदोलित भी हुए थे। पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर एके शाही ने बताया कि मेंहदावल क्षेत्र में कुल आठ पशु आश्रय गृह संचालित थे। वर्तमान में मात्र पांच पशु आश्रय गृह सक्रिय हैं। इनमें बढ़या ठाठर में करीब 300 और नावध में चार, कान्हा हाउस मेंहदावल में 34 पशु रखे गए हैं। शेष तीन पशु आश्रय गृह बंद हैं। बीडीओ महावीर सिंह ने बताया कि छुट्टा पशुओं द्वारा किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाने का मामला संज्ञान में है। छुट्टा पशुओं को पकड़वाकर पशु आश्रय गृह में भेजवाने के निर्देश मातहतों को दिए गए हैं। जल्द ही निष्क्रिय पशु आश्रय केंद्र को सक्रिय कर दिया जाएगा।
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छुट्टा पशुओं के मुद्दे को लेकर सड़क पर उतर चुुके हैं ग्रामीण
बीडीओ बोले, जल्द बंद केंद्र किए जाएंगे सक्रिय
संवाद न्यूज एजेंसी
मेंहदावल। क्षेत्र में संचालित आठ पशु आश्रय केंद्रों में तीन केंद्र बंद हो गए। आलम यह है कि छुट्टा पशु सड़क पर आ गए हैं। इसके साथ ही किसानों की फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। इससे किसानों की मुसीबत बढ़ गई।
क्षेत्र में आठ पशु आश्रय केंद्र सक्रिय थे। इसमें बाराखाल, बसडीला, हरपुर, कौवाठोर, साडे़कलां, नावध, बढ़या ठाठर व कान्हा हाउस नगर पंचायत मेंहदावल में चल रहे थे। 25 दिसंबर को ग्राम पंचायत के प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो गया। उसके बाद कुछ ग्राम पंचायतें नगर पंचायत मेंहदावल की सीमा विस्तार में शामिल हो गईं। इसमें तीन ग्राम पंचायतों में संचालित पशु आश्रय केंद्र बंद हो गए। छुट्टा पशुओं के मुद्दे को लेकर किसान आंदोलित भी हुए थे। पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर एके शाही ने बताया कि मेंहदावल क्षेत्र में कुल आठ पशु आश्रय गृह संचालित थे। वर्तमान में मात्र पांच पशु आश्रय गृह सक्रिय हैं। इनमें बढ़या ठाठर में करीब 300 और नावध में चार, कान्हा हाउस मेंहदावल में 34 पशु रखे गए हैं। शेष तीन पशु आश्रय गृह बंद हैं। बीडीओ महावीर सिंह ने बताया कि छुट्टा पशुओं द्वारा किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाने का मामला संज्ञान में है। छुट्टा पशुओं को पकड़वाकर पशु आश्रय गृह में भेजवाने के निर्देश मातहतों को दिए गए हैं। जल्द ही निष्क्रिय पशु आश्रय केंद्र को सक्रिय कर दिया जाएगा।
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