अंतरित रकम मय ब्याज जमा करने का आदेश
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परिवादी अद्या प्लास्ट डी 26 यूपीएसआईडीसी इंडस्ट्रियल एरिया खलीलाबाद के प्रोपराइटर विनोद रूंगटा ने वाद में कहा कि सितंबर 2014 में एक करोड़ 75 लाख का टर्म लोन का खाता खोलवाया और अपना कारोबार शुरू किया और लेेेन-देन करता रहा।
टर्म लोन पर अन्य बैंकों की तुलना में ज्यादा ब्याज लिया जाता रहा। इसलिए परिवादी ने 22 सितंबर 2016 को एसबीआई खलीलाबाद से खाता स्विच ओवर कर पंजाब नेशनल बैंक साऊंघाट बस्ती में कर दिया।
पीएनबी द्वारा उसी तिथि को खाते की शेष बकाया धनराशि का भुगतान विपक्षी बैंक को कर दिया गया। विपक्षी बैंक ने परिवादी को बिना सूचना और कारण बताए तीन लाख छियालिस हजार पांच सौ तिरसठ रुपये टर्म लोन खाते में अंतरित कर दिया।
इस मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम ने विपक्षी बैंक एसबीआई खलीलाबाद के शाखा प्रबंधक के विरुद्ध निर्णय देते हुए डेबिट की गई धनराशि नौ प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज के साथ 45 दिनों में परिवादी के खाते में क्रेडिट करने का आदेश दिया। साथ ही यह भी आदेश दिया कि परिवादी को शारीरिक एवं मानसिक पीड़ा के लिए दस हजार रुपये क्षतिपूर्ति व दो हजार रुपये वाद व्यय भी भुगतान करें।