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और मजबूत हुआ एससी-एसटी एक्ट : बृजलाल
ब्यूरो/अमर उजाला संतकबीरनगर
Updated Thu, 06 Sep 2018 11:28 PM IST
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पत्रकार वार्ता करते उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति जन जाति आयोग के अध्यक्ष।
- फोटो : अमर उजाला
संतकबीरनगर। केंद्र की भाजपा सरकार दलितों की हितैषी है और उसने उनके जीवन में सुधार लाने के लिए कई कदम उठाए हैं। केंद्र सरकार ने एक जनवरी 2016 को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम में अन्य अपराधों को जोड़ा, जिससे यह और मजबूत हो गया। संशोधित एससी-एसटी एक्ट के दुरुपयोग की आशंका निर्मूल है। किसी भी व्यक्ति या संस्था को कानून हाथ में लेने नहीं दिया जाएगा। दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। ये बातें बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति/ जनजाति आयोग के अध्यक्ष बृजलाल ने खलीलाबाद डाक बंगले में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहीं।
बृजलाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने एससी-एसटी एक्ट में ऐतिहासिक बदलाव किया है। 14 जून 2016 से पहले एससी-एसटी वर्ग के किसी पीड़ित द्वारा एफआईआर दर्ज कराई जाती थी तो कुछ मामलों को छोड़कर आर्थिक सहायता नहीं मिलती थी, लेकिन भाजपा सरकार ने एफआईआर दर्ज होने पर ही आर्थिक सहायता का 25 से 50 प्रतिशत धनराशि दिए जाने का प्रावधान कर दिया। आर्थिक सहायता की राशि हत्या, शत प्रतिशत अंग भंग, सामूहिक बलात्कार जैसे मामलों में सवा आठ लाख रुपये कर दी गई है। साथ ही मृतक व्यक्ति की विधवा या अन्य आश्रित को प्रति माह पांच हजार रुपये मूल पेंशन के साथ महंगाई भत्ता भी देय होगा। पीड़ित के बच्चों की स्नातक स्तर तक की शिक्षा की पूरी लागत और भरण पोषण किया जाएगा। साथ ही तीन महीने के लिए बर्तन, चावल, गेंहू और दाल भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बसपा सहित अन्य विपक्षी दल भ्रम फैला रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बदलने वाल विधेयक को सही ठहराते हुए कहा कि एससी-एसटी एक्ट का दुरुपयोग नहीं हो रहा है। इस अवसर पर एसपी आकाश तोमर, सीडीओ हाकिम सिंह, एएसपी असित श्रीवास्तव, समाज कल्याण अधिकारी विजय लक्ष्मी मौर्या और सीएमओ डॉ. अभयचंद्र श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।
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बृजलाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने एससी-एसटी एक्ट में ऐतिहासिक बदलाव किया है। 14 जून 2016 से पहले एससी-एसटी वर्ग के किसी पीड़ित द्वारा एफआईआर दर्ज कराई जाती थी तो कुछ मामलों को छोड़कर आर्थिक सहायता नहीं मिलती थी, लेकिन भाजपा सरकार ने एफआईआर दर्ज होने पर ही आर्थिक सहायता का 25 से 50 प्रतिशत धनराशि दिए जाने का प्रावधान कर दिया। आर्थिक सहायता की राशि हत्या, शत प्रतिशत अंग भंग, सामूहिक बलात्कार जैसे मामलों में सवा आठ लाख रुपये कर दी गई है। साथ ही मृतक व्यक्ति की विधवा या अन्य आश्रित को प्रति माह पांच हजार रुपये मूल पेंशन के साथ महंगाई भत्ता भी देय होगा। पीड़ित के बच्चों की स्नातक स्तर तक की शिक्षा की पूरी लागत और भरण पोषण किया जाएगा। साथ ही तीन महीने के लिए बर्तन, चावल, गेंहू और दाल भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बसपा सहित अन्य विपक्षी दल भ्रम फैला रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बदलने वाल विधेयक को सही ठहराते हुए कहा कि एससी-एसटी एक्ट का दुरुपयोग नहीं हो रहा है। इस अवसर पर एसपी आकाश तोमर, सीडीओ हाकिम सिंह, एएसपी असित श्रीवास्तव, समाज कल्याण अधिकारी विजय लक्ष्मी मौर्या और सीएमओ डॉ. अभयचंद्र श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।
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