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नामांकन जुलूस से शहर में लगा जाम
Updated Fri, 25 Aug 2017 12:39 AM IST
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संतकबीरनगर। एचआरपीजी कॉलेज छात्र संघ चुनाव के नामांकन जुलूस के चलते गुरुवार को मुखलिसपुर ओवर ब्रिज पर आधे घंटे तक जाम लग गया। इससे राहगीरों को काफी परेशानी हुई। जब पुलिस ने छात्रनेताओं के काफिले को घुमाया तो छात्र उग्र हो गए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए रास्ता खाली कराया और आवागमन सुचारु हुआ।
नामांकन के लिए वाहनों के काफिले के साथ छात्र नेता निकले तो धनघटा-खलीलाबाद मार्ग पर कई जगह जाम की स्थिति पैदा हो गई। एक साथ कई छात्र नेताओं का नामांकन जुलूस मुखलिसपुर ओवर ब्रिज पर पहुंचा तो लंबा जाम लगा गया। नूरी मजिस्द के पास पुलिस खड़ी हो गई और जाम हटाने में जुट गई। दोनों तरफ से बड़ी गाड़ियों के बीच छोटे वाहन घुस जाने से लंबा जाम लग गया। जाम में नौकरी पेशे वाले और जरूरी काम से शहर आने वाले लोग फेस गए। पुलिस ने छात्र नेताओं के वाहनों को पीछे मुड़वा कर विधियानी के रास्ते निकाले की कोशिश की तो छात्र उग्र हो गए। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। कोतवाल वीरेंद्र बहादुर सिंह ने स्वयं कमान संभाली और सड़क पर डंडे फटका कर भीड़ को हटाया। उसके बाद जाम समाप्त हो पाया। उसी तरह मोती तिराहे के पास ड्यूटी पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने छात्र नेताओं के काफिले को डिग्री कॉलेज जाने से रोक दिया। पुलिस की काफी सजगता के बाद भी शहर में जाम के हालात पैदा हो गए।
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नामांकन के लिए वाहनों के काफिले के साथ छात्र नेता निकले तो धनघटा-खलीलाबाद मार्ग पर कई जगह जाम की स्थिति पैदा हो गई। एक साथ कई छात्र नेताओं का नामांकन जुलूस मुखलिसपुर ओवर ब्रिज पर पहुंचा तो लंबा जाम लगा गया। नूरी मजिस्द के पास पुलिस खड़ी हो गई और जाम हटाने में जुट गई। दोनों तरफ से बड़ी गाड़ियों के बीच छोटे वाहन घुस जाने से लंबा जाम लग गया। जाम में नौकरी पेशे वाले और जरूरी काम से शहर आने वाले लोग फेस गए। पुलिस ने छात्र नेताओं के वाहनों को पीछे मुड़वा कर विधियानी के रास्ते निकाले की कोशिश की तो छात्र उग्र हो गए। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। कोतवाल वीरेंद्र बहादुर सिंह ने स्वयं कमान संभाली और सड़क पर डंडे फटका कर भीड़ को हटाया। उसके बाद जाम समाप्त हो पाया। उसी तरह मोती तिराहे के पास ड्यूटी पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने छात्र नेताओं के काफिले को डिग्री कॉलेज जाने से रोक दिया। पुलिस की काफी सजगता के बाद भी शहर में जाम के हालात पैदा हो गए।
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