कुसहरा बिजली उपकेंद्र का ट्रांसफार्मर जला, 105 गांव अंधेरे में डूबे
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बिजली उपकेंद्र कुसहरा के रमवापुर, बसहिया, कुसहरा फीडरों से बिजली सप्लाई दी जाती है। उपकेंद्र में पांच एमवीए एक ट्रांसर्फामर लगा है। शुक्रवार को दोपहर बाद करीब तीन बजे ट्रांसर्फामर जल गया। इससे इस उपकेंद्र क्षेत्र के 105 गांव की बिजली सप्लाई बाधित हो गई।
बिजली उपभोक्ता टिल्लू, मोहम्मद इमरान, राजू सोनी, सुनील यादव, मुबीन अहमद, मो. आजम, शरीफ अहमद आदि ने बताया कि एक ही ट्रांसर्फामर होने के कारण उपकेंद्र पर ही ओवरलोड है।
जेई अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि ट्रांसफार्मर जलने की सूचना उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। स्टीमेट भी भेज दिया गया है। पांच एमबीए का ट्रांसफार्मर स्टोर में नहीं है। ट्रांसफार्मर मिलते ही बिजली सप्लाई शुरू हो जाएगी।
दावा 20 घंटे आपूर्ति का, मिल रही 7 से आठ घंटे
मेंहदावल। उमस भरी गर्मी में भी मेंहदावल क्षेत्र में महज सात से आठ घंटे ही बिजली मिल पा रही है। हर घंटे किसी न किसी वजह से हो रही कटौती से उपभोक्ता परेशान हो गए हैं। बिजली की आंखमिचौली से लोगों को टहलकर रात बितानी पड़ रही है।
सरकार भले ही तहसील मुख्यालयों को 20 घंटे विद्युत आपूर्ति देने का दावा कर रही हो पर, मेंहदावल तहसील क्षेत्र में यह दावा फेल हो रहा है। दो दिन से उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों के लिए बिजली कटौती कोढ़ में खाज साबित हो रही है। नगरी क्षेत्र में भी लगातार कटौती हो रही है। बुनकर बहुल इस इलाके में बिजली कटौती के चलते लघु उद्यम भी प्रभावित हो रहे हैं।
बुनकर मोहम्मद कयूम, बदरे आलम, शाह आलम, व्यापारी पंकज जायसवाल आदि का कहना है कि तय शेड्यूल के अनुसार विद्युत आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। जो आपूर्ति मिल रही है उसमें भी बार-बार कटौती के कारण परेशानी हो रही है।
इस संबंध में अवर अभियंता मनोज श्रीवास्तव का कहना है कि विद्युत आपूर्ति का शेड्यूल ऊपर से तय होता है। जब भी ओवरलोड होता है तो आपूर्ति अपने आप कट जाती है। इसके कारण लोगों को परेशानी होती है।