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19 58 किसानों ने दिया दूसरे का खाता नंबर, रुकी धनराशि
Sun, 24 Feb 2019 11:44 PM IST
राकेश पांडेय
संतकबीरनगर
संतकबीरनगर
Published by: राकेश पांडेय
Updated Sun, 24 Feb 2019 11:44 PM IST
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-19 58 किसानों ने दिया दूसरे का खाता नंबर, रुकी धनराशि
- फोटो : अमर उजाला
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संतकबीरनगर। प्रधानमंत्री सम्मान निधि के लिए लक्ष्मी देवी ने जो बैंक खाता नंबर दिया ह, वह किसी हरिहरनाथ के नाम है। माधुरी देवी की तरफ से दिया गया खाता नंबर भी हरश्चिंद्र का है। अनिल ने किसी गया पाठक का खाता नंबर दे दिया है। ये तीन नाम उदाहरण भर हैं, जिले में 1958 किसान ऐसे हैं जिनकी खाता नंबर गलत होने के चलते प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की प्रथम किस्त रुक गई है। अब इन्हें खाता नंबर सही होने के बाद ही प्रथम किस्त मिल पाएगी।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लिए एक लाख 65 हजार से अधिक किसानों का डाटा स्टेट पोर्टल पर भेजा चुका है। पीएफएमएस (पब्लिक फंड मैनेजमेंट सिस्टम) पोर्टल पर इनके सत्यापन के उपरांत नेशनल पोर्टल पर केवल एक लाख 28 हजार डाटा ही जा पाया है। करीब 26 हजार किसानों का डाटा किसी न किसी कारण संदिग्ध हो गया है। यह डाटा वापस जिले को भेजकर सत्यापन के निर्देश दिए गए हैं। कुछ किसान तो ऐसे हैं जो किसी सरकारी नौकरी या व्यवसाय में होने के कारण आयकर की श्रेणी में आ चुके हैं। लिहाजा उन्हें इसका लाभ नहीं मिलना है। 1958 किसान ऐसे भी हैं जो पात्र होते हुए भी लाभ से वंचित रह गए हैं। इसकी बड़ी वजह यह है कि इन किसानों के आवेदन पत्र पर जो बैंक खाता नंबर दिया गया है वह गलत है।
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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लिए एक लाख 65 हजार से अधिक किसानों का डाटा स्टेट पोर्टल पर भेजा चुका है। पीएफएमएस (पब्लिक फंड मैनेजमेंट सिस्टम) पोर्टल पर इनके सत्यापन के उपरांत नेशनल पोर्टल पर केवल एक लाख 28 हजार डाटा ही जा पाया है। करीब 26 हजार किसानों का डाटा किसी न किसी कारण संदिग्ध हो गया है। यह डाटा वापस जिले को भेजकर सत्यापन के निर्देश दिए गए हैं। कुछ किसान तो ऐसे हैं जो किसी सरकारी नौकरी या व्यवसाय में होने के कारण आयकर की श्रेणी में आ चुके हैं। लिहाजा उन्हें इसका लाभ नहीं मिलना है। 1958 किसान ऐसे भी हैं जो पात्र होते हुए भी लाभ से वंचित रह गए हैं। इसकी बड़ी वजह यह है कि इन किसानों के आवेदन पत्र पर जो बैंक खाता नंबर दिया गया है वह गलत है।
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