{"_id":"5d0a6f478ebc3e5a265b2b7d","slug":"156096492116-khalilabad-news20","type":"story","status":"publish","title_hn":"महर गांधी आश्रम कर्मचारियों का आंदोलन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महर गांधी आश्रम कर्मचारियों का आंदोलन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कर्मचारियों ने अर्धनग्न होकर किया प्रदर्शन
गांधी आश्रम गेट पर चौदहवें दिन भी चला धरना
दोपहर बाद पूर्व मंत्री के आश्वासन पर धरना स्थगित करने को तैयार हुए कर्मचारी
फोटो है
अमर उजाला ब्यूरो
मगहर। गांधी आश्रम कर्मियों की विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार को भी भाकियू व कर्मचारी यूनियन के संयुक्त तत्वाधान में धरना चला। धरनारत कर्मचारियो ं ने अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। हालांकि दोपहर बाद गांधी आश्रम के पूर्व मंत्री के आश्वासन पर आंदोलन स्थगित कर दिया गया।
कर्मचारी यूनियन के मंत्री शिवशंकर यादव ने कहा कि कर्मचारियों के बकाया वेतन भुगतान सहित सात सूत्री मांगों को लेकर वे लड़ते रहेंगे। परंतु गांधी आश्रम के पूर्व मंत्री रामआशीष शर्मा के लिखित आश्वासन पर 20 जून से धरना अस्थाई रूप से स्थगित कर दिया गया है। पूर्व मंत्री ने 25 जून तक मामले के निस्तारण के लिए समय मांगा है। अगर उनकी मांगों का समाधान नहीं हुआ तो पुन: आंदोलन होगा। भाकियू के जिलाध्यक्ष जनार्दन मिश्र ने कहा कि धरना स्थल पर एसडीएम की उपस्थिति में गांधी आश्रम के दोनों मंत्रियों के बीच सुलह समझौते से कर्मचारियों की समस्याओं का हल निकालने पर सहमति बनी थी। इसके बावजूद एक मंत्री ने सुलहनामे पर दस्तखत नहीं किया। अगर कर्मचारियों की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो पुन: धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
इस मौके पर रामरूप चौधरी, रामजी यादव, हरिहर यादव, इंद्रेश कुमार, दयाराम विश्वकर्मा, महेंद्र राय, राम सागर चौधरी, रमई चौधरी, कृष्णचंद दूबे, फूलदेव, जगई, रामअधारे, नाथूराम, सुभाष चंद पांडेय, राबड़ी देवी, रामरूप चौधरी, राजबहादुर तिवारी, अर्जुन, वीरेंद्र दूबे, रामबृक्ष आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
समझौते पर हस्ताक्षर करने से किया इंकार
मगहर। पूर्व मंत्री राम आशीष शर्मा का कहना है कि एसडीएम सदर की मौजूदगी में सुलह समझौते की बात हुई थी। तय हुआ था कि मंत्री पद का फैसला आने के बाद मिलकर समस्या के निराकरण का प्रयास होगा। परंतु समझौते पर वर्तमान मंत्री ने हस्ताक्षर करने से इंकार कर दिया है। जबकि वे तथा धरने पर बैठे सभी कर्मचारियों ने हस्ताक्षर कर दिया है। जबकि वर्तमान मंत्री वीरेंद्र पांडेय ने कहा कि ऐसा कोई समझौता नहीं हुआ है। वे आज भी निर्वाचित मंत्री हैं। जिसका वाद सहायक रजिस्ट्रार गोरखपुर के यहां चल रहा है। जिसकी तारीख 25 जून को है। फैसला आने के बाद अगली कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
गांधी आश्रम गेट पर चौदहवें दिन भी चला धरना
दोपहर बाद पूर्व मंत्री के आश्वासन पर धरना स्थगित करने को तैयार हुए कर्मचारी
फोटो है
अमर उजाला ब्यूरो
मगहर। गांधी आश्रम कर्मियों की विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार को भी भाकियू व कर्मचारी यूनियन के संयुक्त तत्वाधान में धरना चला। धरनारत कर्मचारियो ं ने अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। हालांकि दोपहर बाद गांधी आश्रम के पूर्व मंत्री के आश्वासन पर आंदोलन स्थगित कर दिया गया।
कर्मचारी यूनियन के मंत्री शिवशंकर यादव ने कहा कि कर्मचारियों के बकाया वेतन भुगतान सहित सात सूत्री मांगों को लेकर वे लड़ते रहेंगे। परंतु गांधी आश्रम के पूर्व मंत्री रामआशीष शर्मा के लिखित आश्वासन पर 20 जून से धरना अस्थाई रूप से स्थगित कर दिया गया है। पूर्व मंत्री ने 25 जून तक मामले के निस्तारण के लिए समय मांगा है। अगर उनकी मांगों का समाधान नहीं हुआ तो पुन: आंदोलन होगा। भाकियू के जिलाध्यक्ष जनार्दन मिश्र ने कहा कि धरना स्थल पर एसडीएम की उपस्थिति में गांधी आश्रम के दोनों मंत्रियों के बीच सुलह समझौते से कर्मचारियों की समस्याओं का हल निकालने पर सहमति बनी थी। इसके बावजूद एक मंत्री ने सुलहनामे पर दस्तखत नहीं किया। अगर कर्मचारियों की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो पुन: धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
विज्ञापन
इस मौके पर रामरूप चौधरी, रामजी यादव, हरिहर यादव, इंद्रेश कुमार, दयाराम विश्वकर्मा, महेंद्र राय, राम सागर चौधरी, रमई चौधरी, कृष्णचंद दूबे, फूलदेव, जगई, रामअधारे, नाथूराम, सुभाष चंद पांडेय, राबड़ी देवी, रामरूप चौधरी, राजबहादुर तिवारी, अर्जुन, वीरेंद्र दूबे, रामबृक्ष आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
समझौते पर हस्ताक्षर करने से किया इंकार
मगहर। पूर्व मंत्री राम आशीष शर्मा का कहना है कि एसडीएम सदर की मौजूदगी में सुलह समझौते की बात हुई थी। तय हुआ था कि मंत्री पद का फैसला आने के बाद मिलकर समस्या के निराकरण का प्रयास होगा। परंतु समझौते पर वर्तमान मंत्री ने हस्ताक्षर करने से इंकार कर दिया है। जबकि वे तथा धरने पर बैठे सभी कर्मचारियों ने हस्ताक्षर कर दिया है। जबकि वर्तमान मंत्री वीरेंद्र पांडेय ने कहा कि ऐसा कोई समझौता नहीं हुआ है। वे आज भी निर्वाचित मंत्री हैं। जिसका वाद सहायक रजिस्ट्रार गोरखपुर के यहां चल रहा है। जिसकी तारीख 25 जून को है। फैसला आने के बाद अगली कार्रवाई होगी।