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44 डिग्री के पार पहुंचा पारा, आम जनजीवन बेहाल
Sun, 16 Jun 2019 10:45 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
ब्यूरो/अमर उजाला संतकबीरनगर
ब्यूरो/अमर उजाला संतकबीरनगर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 16 Jun 2019 10:45 PM IST
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गर्मी के कारण शहर की सड़क रही सूनी।
- फोटो : अमर उजाला
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संतकबीरनगर। पिछले कई दिनों से मौसम की बेरुखी बनी हुई है। आसमान से आग बरस रही है और पारा 44 डिग्री सेल्सियल के पार पहुंच गया है। दिन में चल रही तेज हवा के साथ लू के थपेड़ों के चलते सड़क पर सन्नाटा पसर जा रहा है। इससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी से तापमान लगातार बढ़ रहा है। साथ ही पछुआ हवा के साथ लू चल रही है। स्थिति यह है कि एक महीने से पारा 40 से कम नहीं हो रहा है। शुक्रवार को जहां तापमान 43 डिग्री था, वहीं रविवार दोपहर पारा 44 पर पहुंच गया। रविवार को पड़ रही भीषण गर्मी के चलते चौराहों पर लोग निकलने से भी कतराते रहे। सुबह नौ बजे से ही गर्मी का असर दिखना शुरू हो गया। ऐसे में कम ही लोग घरों से निकले। जिन्हें ज्यादा जरूरी था वे मुंह पर गमछा बांधकर निकले। शाम करीब पांच बजे तक सूरज की किरणें आग आग बरसाती रहीं। लोग गर्मी से बचने के लिए जहां छाया दिखा, वहीं कुछ देर तक रुकने को मजबूर हुए। इस गर्मी में जीव जंतु, पशु,पक्षी और मनुष्य सभी बेहाल हो गए हैं।
अधिकांश तलाब भी सूखे पड़े हैं। शहर के रवि प्रकाश ने कहा कि बरसात न होने के कारण गर्मी से राहत मिलती नहीं दिख रही है। ऊपर से बिजली का संकट भी बना हुआ है, जिससे काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। किसान रामहित ने कहा कि बेहन डालने का समय हो गया है, लेकिन तपिश के कारण बेहन डालने की हिम्मत नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि यदि बेहन डाल भी दें तो सिंचाई करने में दिक्कत आ सकती है। दूसरी तरफ ग्रामीण क्षेत्रों में ताल-पोखरे भी सूख गए हैं, जिससे पशुओं के समक्ष पीने का पानी का संकट बना हुआ है। यदि मौसम इसी प्रकार बना रहा तो समस्या खड़ी हो सकती है।
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पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी से तापमान लगातार बढ़ रहा है। साथ ही पछुआ हवा के साथ लू चल रही है। स्थिति यह है कि एक महीने से पारा 40 से कम नहीं हो रहा है। शुक्रवार को जहां तापमान 43 डिग्री था, वहीं रविवार दोपहर पारा 44 पर पहुंच गया। रविवार को पड़ रही भीषण गर्मी के चलते चौराहों पर लोग निकलने से भी कतराते रहे। सुबह नौ बजे से ही गर्मी का असर दिखना शुरू हो गया। ऐसे में कम ही लोग घरों से निकले। जिन्हें ज्यादा जरूरी था वे मुंह पर गमछा बांधकर निकले। शाम करीब पांच बजे तक सूरज की किरणें आग आग बरसाती रहीं। लोग गर्मी से बचने के लिए जहां छाया दिखा, वहीं कुछ देर तक रुकने को मजबूर हुए। इस गर्मी में जीव जंतु, पशु,पक्षी और मनुष्य सभी बेहाल हो गए हैं।
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अधिकांश तलाब भी सूखे पड़े हैं। शहर के रवि प्रकाश ने कहा कि बरसात न होने के कारण गर्मी से राहत मिलती नहीं दिख रही है। ऊपर से बिजली का संकट भी बना हुआ है, जिससे काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। किसान रामहित ने कहा कि बेहन डालने का समय हो गया है, लेकिन तपिश के कारण बेहन डालने की हिम्मत नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि यदि बेहन डाल भी दें तो सिंचाई करने में दिक्कत आ सकती है। दूसरी तरफ ग्रामीण क्षेत्रों में ताल-पोखरे भी सूख गए हैं, जिससे पशुओं के समक्ष पीने का पानी का संकट बना हुआ है। यदि मौसम इसी प्रकार बना रहा तो समस्या खड़ी हो सकती है।
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