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निष्क्रिय आशा कार्यकर्ताओं को हटाएं: डीएम
Tue, 04 Jun 2019 10:46 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
Santkabirnagar
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Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 04 Jun 2019 10:46 PM IST
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सांकेतिक चित्र
- फोटो : Social Media
संतकबीरनगर। कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार की शाम डीएम की अध्यक्षता में विकास कार्यों को लेकर समीक्षा बैठक हुई। जिसमें डीएम रवीश गुप्त ने कहा कि जिले में डिलीवरी की संख्या घट रही है जिसमें आशा कार्यकर्ताओं की लापरवाही है। निष्क्रिय आशा कार्यकर्ताओं को हदा दें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि क्षेत्र में जाने पर विकास कार्यों की प्रगति अनुकूल नहीं मिलती है। विशेष रूप से भवन निर्माण की प्रगति संबंधित विभागीय अधिकारी अवश्य सत्यापन करें।
उन्होंने समीक्षा में पाया कि स्वास्थ्य विभाग का निर्माणाधीन भवन मनमाने ढंग से कार्यदायी संस्था ने बनाया है। तीन स्वास्थ्य उप केंद्र पूर्ण हो गए है परंतु बिजली कनेक्शन नहीं हुआ है। कार्यदायी संस्था पैक्सफेड के प्रतिनिधि ने बताया कि बिजली कनेक्शन के लिए धन नहीं बचा है। डीएम ने निर्देश दिया कि इस संबंध में प्रबंध निदेशक को पत्र भेजा जाए। उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं का रिवाइज इस्टीमेट भेजा गया है तथा धनाभाव में परियोजना लंबित है उसके लिए धन की मांग का पत्र संबंधित विभाग को भेजा जाए।
उन्होंने कहा कि निष्क्रिय आशा कार्यकर्ताओं को हटाने की कार्रवाई करें। समीक्षा में उन्होंने पाया कि जिले में डिलीवरी की संख्या घट रही है। सामने आया कि आशा कार्यकर्ता प्राइवेट अस्पतालों में डिलीवरी के लिए महिलाओं को ले जाती है इसलिए संस्थागत डिलीवरी घट रही है। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि डॉक्टरों एवं दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराया जाए। डीएम ने सभी बीडीओ को निर्देश दिया कि पेंशन योजना के लाभार्थी का सत्यापन हेतु सूची भेजी गई है। इसे समय से पूरा कराए ताकि शासन से लाभार्थी के खाते में पेंशन राशि भेजी जा सकें। उन्होंने मुख्यमंत्री समग्र ग्राम योजना में चयनित सात गांव की प्रगति की समीक्षा किया। जिस पर असंतोष जताया। इस दौरान सीडीओ मदन वर्मा, सीएमओ डॉ. हर गोविंद सिंह, डीएसटीओ एनके सिंह, डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी, सत्येंद्र सिंह, श्याम सुंदर तिवारी, वीपी सिंह, वीरेंद्र सिंह समेत अन्य मौजूद रहे।
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उन्होंने समीक्षा में पाया कि स्वास्थ्य विभाग का निर्माणाधीन भवन मनमाने ढंग से कार्यदायी संस्था ने बनाया है। तीन स्वास्थ्य उप केंद्र पूर्ण हो गए है परंतु बिजली कनेक्शन नहीं हुआ है। कार्यदायी संस्था पैक्सफेड के प्रतिनिधि ने बताया कि बिजली कनेक्शन के लिए धन नहीं बचा है। डीएम ने निर्देश दिया कि इस संबंध में प्रबंध निदेशक को पत्र भेजा जाए। उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं का रिवाइज इस्टीमेट भेजा गया है तथा धनाभाव में परियोजना लंबित है उसके लिए धन की मांग का पत्र संबंधित विभाग को भेजा जाए।
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उन्होंने कहा कि निष्क्रिय आशा कार्यकर्ताओं को हटाने की कार्रवाई करें। समीक्षा में उन्होंने पाया कि जिले में डिलीवरी की संख्या घट रही है। सामने आया कि आशा कार्यकर्ता प्राइवेट अस्पतालों में डिलीवरी के लिए महिलाओं को ले जाती है इसलिए संस्थागत डिलीवरी घट रही है। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि डॉक्टरों एवं दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराया जाए। डीएम ने सभी बीडीओ को निर्देश दिया कि पेंशन योजना के लाभार्थी का सत्यापन हेतु सूची भेजी गई है। इसे समय से पूरा कराए ताकि शासन से लाभार्थी के खाते में पेंशन राशि भेजी जा सकें। उन्होंने मुख्यमंत्री समग्र ग्राम योजना में चयनित सात गांव की प्रगति की समीक्षा किया। जिस पर असंतोष जताया। इस दौरान सीडीओ मदन वर्मा, सीएमओ डॉ. हर गोविंद सिंह, डीएसटीओ एनके सिंह, डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी, सत्येंद्र सिंह, श्याम सुंदर तिवारी, वीपी सिंह, वीरेंद्र सिंह समेत अन्य मौजूद रहे।
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