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आपसी सहमति से ही सभी निर्माण कार्य होंगे: एसडीएम
Sun, 02 Jun 2019 10:37 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
Santkabirnagar
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Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 02 Jun 2019 10:37 PM IST
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धोबी घाट की जमीन का एसडीएम सदर ने निरीक्षण किया
- फोटो : अमर उजाला
मगहर। कबीर की निर्वाण स्थली कबीर चौरा परिसर में विकास कार्य कराए जा रहे हैं। परिसर में आमी तट पर धोबी समाज के लिए कुछ जमीन धोबी घाट के नाम से है। धोबी समाज के अनुरोध पर उनके घाट की जमीन पर कोई निर्माण कार्य न हो। इसके लिए एसडीएम सदर एसपी सिंह ने मौके पर पहुंचकर धोबी घाट का निरीक्षण किया और विकास के कार्य करा रही संस्था को धोबी घाट की जमीन पर आपसी सहमति से सभी कार्य कराने का निर्देश दिया।
सूफी संत कबीर की ख्याति को देखते हुए कबीर चौरा परिसर में पर्यटन विभाग द्वारा विकास के विभिन्न कार्य कराए जा रहे हैं। जिसमें वाप्कोस द्वारा 20 प्रोजेक्टों पर कार्य प्रगति पर है। पार्क का सुन्दरीकरण, नवका विहार, आमी घाट का विस्तार, कैफेटेरिया, लाइट एंड साउंड सिस्टम, शौचालय, फाउंटेन आदि का निर्माण कार्य शामिल है। ऐसे में प्रोजेक्ट में शामिल कुछ कार्य धोबी घाट की तरफ होने हैं। धोबी समाज के लोगों ने उनकी जमीन पर कोई निर्माण कार्य न हो ऐसे में उनकी जमीन को चिन्हित कर निर्माण कार्य कर रही कंपनी को कार्य कराए जाने से रोकने के लिए एसडीएम सदर से अनुरोध किया था। जिसके बाद एसडीएम ने मौके पर पहुंच कर वाप्कोस के अधिकारियों और धोबी समाज के लोगों की समस्या को सुना और आवश्यक निर्देश दिए। वाप्कोस के प्रोजेक्ट मैनेजर राना सन्तोष ने कहा कि रंगीन फाउंटेन के निर्माण के लिए 1200 वर्ग फिट जमीन चाहिए। धोबी समाज का नेतृत्व कर रहे रणजीत कुमार कन्नौजिया ने बताया कि उनके लोगों की शिकायत पर शनिवार को एसडीएम सदर ने मौके पर पहुंचकर धोबी घाट की जमीन का निरीक्षण किया है। उन्होंने कहा कि अगर धोबी समाज के लोग सहमत होते हैं तो धोबी घाट की तरफ कुछ कार्य करा सकते हैं। आगे बताया कि इसके लिए धोबी समाज सात से 10 फीट तक जमीन देने को राजी है। इस मौके पर कानूनगो पतिराम चौधरी, लेखपाल शशिभूषण, पुरातत्व कर्मी विजय तिवारी, नीरज कुमार, अमित विकास, संजय, राकेश कुमार, संजू आदि लोग मौजूद रहे।
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सूफी संत कबीर की ख्याति को देखते हुए कबीर चौरा परिसर में पर्यटन विभाग द्वारा विकास के विभिन्न कार्य कराए जा रहे हैं। जिसमें वाप्कोस द्वारा 20 प्रोजेक्टों पर कार्य प्रगति पर है। पार्क का सुन्दरीकरण, नवका विहार, आमी घाट का विस्तार, कैफेटेरिया, लाइट एंड साउंड सिस्टम, शौचालय, फाउंटेन आदि का निर्माण कार्य शामिल है। ऐसे में प्रोजेक्ट में शामिल कुछ कार्य धोबी घाट की तरफ होने हैं। धोबी समाज के लोगों ने उनकी जमीन पर कोई निर्माण कार्य न हो ऐसे में उनकी जमीन को चिन्हित कर निर्माण कार्य कर रही कंपनी को कार्य कराए जाने से रोकने के लिए एसडीएम सदर से अनुरोध किया था। जिसके बाद एसडीएम ने मौके पर पहुंच कर वाप्कोस के अधिकारियों और धोबी समाज के लोगों की समस्या को सुना और आवश्यक निर्देश दिए। वाप्कोस के प्रोजेक्ट मैनेजर राना सन्तोष ने कहा कि रंगीन फाउंटेन के निर्माण के लिए 1200 वर्ग फिट जमीन चाहिए। धोबी समाज का नेतृत्व कर रहे रणजीत कुमार कन्नौजिया ने बताया कि उनके लोगों की शिकायत पर शनिवार को एसडीएम सदर ने मौके पर पहुंचकर धोबी घाट की जमीन का निरीक्षण किया है। उन्होंने कहा कि अगर धोबी समाज के लोग सहमत होते हैं तो धोबी घाट की तरफ कुछ कार्य करा सकते हैं। आगे बताया कि इसके लिए धोबी समाज सात से 10 फीट तक जमीन देने को राजी है। इस मौके पर कानूनगो पतिराम चौधरी, लेखपाल शशिभूषण, पुरातत्व कर्मी विजय तिवारी, नीरज कुमार, अमित विकास, संजय, राकेश कुमार, संजू आदि लोग मौजूद रहे।
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