{"_id":"5c82bd9fbdec22144d7dffbe","slug":"151552072095-sant-kabir-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सांसद-विधायक विवाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सांसद-विधायक विवाद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कार्रवाई पर टिकी निगाहें, सबके अपने-अपने तर्क
सांसद और विधायक के समर्थकों को अब संगठन के निर्णय का इंतजार
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। कलेक्ट्रेट सभागार में सत्ताधारी दल के सांसद और विधायक के बीच हुई मारपीट के प्रकरण में अब समर्थकों के साथ-साथ आम लोगों को पार्टी के अगले कदम का इंतजार है। लोग इस मामले में शीर्ष नेतृत्व के निर्णय को आने वाले चुनाव से जोड़कर देख रहे हैं। इन सबके बीच भाजपा के जिला स्तरीय पदाधिकारी कुछ भी बोलने से साफ कतरा रहे हैं।
बुधवार की शाम को जिला योजना समिति की बैठक में सांसद शरद त्रिपाठी और विधायक मेंहदावल राकेश सिंह बघेल के बीच मारपीट हो गई थी। इस घटना के चलते तीन घंटे तक जिला मुख्यालय पर बवाल चलता रहा। बृहस्पतिवार को सांसद और विधायक लखनऊ पहुंचे और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र पांडेय से मिलकर अपना-अपना पक्ष रखा था। बखिरा और धनघटा क्षेत्र में कुछ जगह विधायक समर्थकों ने सांसद का पुतला जलाने का जुलूस निकालने का भी प्रयास किया था। हालांकि इसमें पार्टी के पदाधिकारी शामिल नहीं थे। शुक्रवार को पूरे दिन इस प्रकरण में होने वाली कार्रवाई को लेकर चर्चाएं होती रहीं। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले हुई इस घटना से जिले के भाजपा पदाधिकारी ही नहीं कार्यकर्ता और समर्थक भी हतप्रभ हैं।
विपक्ष को भी मौके की तलाश
संतकबीरनगर। सभागार में दनादन जूते और घूंसे चलने की इस घटना पर पहले दिन से ही मुखर विपक्ष ने भी कार्रवाई पर ही नजरें टिका रखी हैं। विपक्षी दलों के नेताओं को इस मुद्दे पर चुनाव में भाजपा की आलोचना का एक बड़ा मुद्दा मिलने की उम्मीद है। विपक्षी नेताओं को लग रहा है कि किसी एक नेता पर कार्रवाई होने की दशा में समर्थक भाजपा की बजाय दूसरे दलों का समर्थन कर सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सांसद और विधायक के समर्थकों को अब संगठन के निर्णय का इंतजार
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। कलेक्ट्रेट सभागार में सत्ताधारी दल के सांसद और विधायक के बीच हुई मारपीट के प्रकरण में अब समर्थकों के साथ-साथ आम लोगों को पार्टी के अगले कदम का इंतजार है। लोग इस मामले में शीर्ष नेतृत्व के निर्णय को आने वाले चुनाव से जोड़कर देख रहे हैं। इन सबके बीच भाजपा के जिला स्तरीय पदाधिकारी कुछ भी बोलने से साफ कतरा रहे हैं।
बुधवार की शाम को जिला योजना समिति की बैठक में सांसद शरद त्रिपाठी और विधायक मेंहदावल राकेश सिंह बघेल के बीच मारपीट हो गई थी। इस घटना के चलते तीन घंटे तक जिला मुख्यालय पर बवाल चलता रहा। बृहस्पतिवार को सांसद और विधायक लखनऊ पहुंचे और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र पांडेय से मिलकर अपना-अपना पक्ष रखा था। बखिरा और धनघटा क्षेत्र में कुछ जगह विधायक समर्थकों ने सांसद का पुतला जलाने का जुलूस निकालने का भी प्रयास किया था। हालांकि इसमें पार्टी के पदाधिकारी शामिल नहीं थे। शुक्रवार को पूरे दिन इस प्रकरण में होने वाली कार्रवाई को लेकर चर्चाएं होती रहीं। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले हुई इस घटना से जिले के भाजपा पदाधिकारी ही नहीं कार्यकर्ता और समर्थक भी हतप्रभ हैं।
विज्ञापन
विपक्ष को भी मौके की तलाश
संतकबीरनगर। सभागार में दनादन जूते और घूंसे चलने की इस घटना पर पहले दिन से ही मुखर विपक्ष ने भी कार्रवाई पर ही नजरें टिका रखी हैं। विपक्षी दलों के नेताओं को इस मुद्दे पर चुनाव में भाजपा की आलोचना का एक बड़ा मुद्दा मिलने की उम्मीद है। विपक्षी नेताओं को लग रहा है कि किसी एक नेता पर कार्रवाई होने की दशा में समर्थक भाजपा की बजाय दूसरे दलों का समर्थन कर सकते हैं।
विज्ञापन