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प्रकाशोत्सव मना
Updated Fri, 23 Nov 2018 11:58 PM IST
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श्रद्धा के साथ मनाया गया गुरु नानक देव का प्रकाशोत्सव
शबद-कीर्तन सुनकर भाव विभोर हुए श्रद्धालु
फोटो सहित
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा खलीलाबाद में गुरुनानक देव का प्रकाश पर्व धूमधाम सं मनाया गया। गुरुद्वारा में सुबह पाठ साहब की समाप्ति के बाद कीर्तन दरबार में देहरादून से आए भाई सुखपाल सिंह ने गुरुनानक देव जी के शबद सतगुरू नानक परगटेया मिटी धुंध जग चानन होआ और नानक नाम चढ़दी कला तेरे भाने सरबत का भला जैसे शबद सुना कर संगतो को भाव विभोर कर दिया ।
गुरुद्वारा के ग्रंथी भाई जोगिंदर सिंह ने गुरु के शबद नानकी दा वीर तन मन दा फकीर जोगिया दा जोगी पीरा दा पीर सुनाकर मन मुग्ध कर दिया। अरदास के बाद गुरु का अटूट लंगर देर सायं तक चलता रहा। इस दौरान गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा के अध्यक्ष सरदार अजीत सिंह ने बताया कि 1469 ईस्वी में सिख धर्म के प्रथम गुरु का जन्म हुआ। गुरुनानक देव जी जाति, पाति, मजहब से ऊपर उठकर सभी धर्म के लोगों के साथ धर्म का प्रचार करते थे। इनका जन्म पाकिस्तान के ननकाना साहब में हुआ था। उन्होंने पूरे भारत में घूमकर धर्म का प्रचार करते हुए सबको उच्च सीख देकर सत्य के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। गुरुद्वारा में सरदार हरभजन सिंह, प्रीत पाल ,जसबीर सिंह, परविंदर सिंह, नरेंद्र सिंह, दलजीत सिंह, मनजीत सिंह, सतविंदर पाल सिंह जज्जी, सुरेंद्र सिंह, राजेंद्र पाल सिंह, शैंकी सिंह, राजपाल, रवनीत सिंह, मदन सिंह, त्रिलोचन सिंह, बीबी बलवंत कौर, परमजीत कौर, हरजिंदर कौर, गुरविंदर कौर, कमलजीत कौर, शरणजीत कौर, हरप्रीत कौर आदि मौजूद रहे।
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शबद-कीर्तन सुनकर भाव विभोर हुए श्रद्धालु
फोटो सहित
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा खलीलाबाद में गुरुनानक देव का प्रकाश पर्व धूमधाम सं मनाया गया। गुरुद्वारा में सुबह पाठ साहब की समाप्ति के बाद कीर्तन दरबार में देहरादून से आए भाई सुखपाल सिंह ने गुरुनानक देव जी के शबद सतगुरू नानक परगटेया मिटी धुंध जग चानन होआ और नानक नाम चढ़दी कला तेरे भाने सरबत का भला जैसे शबद सुना कर संगतो को भाव विभोर कर दिया ।
गुरुद्वारा के ग्रंथी भाई जोगिंदर सिंह ने गुरु के शबद नानकी दा वीर तन मन दा फकीर जोगिया दा जोगी पीरा दा पीर सुनाकर मन मुग्ध कर दिया। अरदास के बाद गुरु का अटूट लंगर देर सायं तक चलता रहा। इस दौरान गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा के अध्यक्ष सरदार अजीत सिंह ने बताया कि 1469 ईस्वी में सिख धर्म के प्रथम गुरु का जन्म हुआ। गुरुनानक देव जी जाति, पाति, मजहब से ऊपर उठकर सभी धर्म के लोगों के साथ धर्म का प्रचार करते थे। इनका जन्म पाकिस्तान के ननकाना साहब में हुआ था। उन्होंने पूरे भारत में घूमकर धर्म का प्रचार करते हुए सबको उच्च सीख देकर सत्य के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। गुरुद्वारा में सरदार हरभजन सिंह, प्रीत पाल ,जसबीर सिंह, परविंदर सिंह, नरेंद्र सिंह, दलजीत सिंह, मनजीत सिंह, सतविंदर पाल सिंह जज्जी, सुरेंद्र सिंह, राजेंद्र पाल सिंह, शैंकी सिंह, राजपाल, रवनीत सिंह, मदन सिंह, त्रिलोचन सिंह, बीबी बलवंत कौर, परमजीत कौर, हरजिंदर कौर, गुरविंदर कौर, कमलजीत कौर, शरणजीत कौर, हरप्रीत कौर आदि मौजूद रहे।
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