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कोरोना नियमों के उल्लंघन में 1276 लोग बने आरोपी
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कोरोना नियमों के उल्लंघन में 1276 लोग बने आरोपी
मार्च 2020 से अब तक 188 आईपीसी के उल्लंघन में दर्ज हो चुके हैं 311 केस
पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक समेत कई चर्चित चेहरे आए हैं कार्रवाई के लपेटे में
संतकबीरनगर। कोरोना संक्रमण का दौर जिले में मार्च से शुरू हुआ। संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए शासन की ओर से गाइडलाइन जारी हुई। प्रशासन की ओर से जिले में धारा 144 भी लगाई गई है। बावजूद इसके लोगों ने कोरोना प्रोटोकाल और धारा 144 का उल्लंघन किया। पुलिस की ओर से अब तक कुल 311 मामले दर्ज हुए और उसमें 1276 लोग आरोपी बनाए गए। इस कार्रवाई की जद में सपा, बसपा, कांग्रेस और भाकियू के तमाम लोग आरोपी बनाए गए। उनमें पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक और कई बड़े चेहरे भी शामिल हैं।
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए मास्क लगाने के साथ सामाजिक दूरी बनाने की लगातार अपील की जा रही है। वैसे अब तक 3322 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए जा चुके हैं, लेकिन उसमें से 2228 लोग ठीक हो चुके हैं। जबकि 44 लोगों की मौत हो चुकी है। इधर, नियमों का उल्लंघन करने वालों पर मुकदमे दर्ज करने में भी पुलिस ने काफी तत्परता दिखाई। पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक अब तक 188 आईपीसी के उल्लंघन में कुल 311 मुकदमे दर्ज हुए हैं। इसमें 1276 लोग आरोपी बनाए गए गए हैं। 1204 लोग गिरफ्तार किए गए थे। जबकि आठ लोग जेल भी भेजे गए थे। नियमों के उल्लंघन के सबसे अधिक 130 मुुकदमे धनघटा थाने में दर्ज हुए हैं। जबकि कोतवाली में 53 केस, दुधारा में 15 केेस, मेंहदावल में 20 केस, बखिरा में 36 केस, बेलहर कला में 13 केस, महुली में 35 केस और धर्मसिंहवा में नौ केस दर्ज हुए हैं। इधर, किसान आंदोलन के समर्थन में जुलूस, प्रदर्शन और रैली निकालने के दौरान भी जो मुकदमे दर्ज हुए, उसमें कारोना महामारी और आपदा प्रबंधन के साथ धारा 144 का उल्लंघन शामिल किया गया है। इसमें सपा, बसपा, कांग्रेस और भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं को आरोपी बनाया गया है। इसमें सपा के पूर्व मंत्री मंत्री लक्ष्मीकांत निषाद, पूर्व विधायक अब्दुल कलाम, पूर्व विधायक अलगू चौहान, जिलाध्यक्ष गौहर अली, पूर्व जिलाध्यक्ष लोरिक यादव, जिला उपाध्यक्ष केडी यादव, प्रदीप सिंह सिसौदिया, पूर्व सांसद सुरेंद्र यादव, जयराम पांडेय, कांग्रेस के जिलाध्यक्ष प्रवीण चंद्र पांडेय जैसे कई बड़े चहेरे भी शामिल हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता फौजदारी राणा रवींद्र सिंह ने बताया आपदा अधिनियम में दो वर्ष का कारावास और 188 आईपीसी में एक महीने तक कारावास या जुर्माना का प्रावधान है।
कोट
कोरोना प्रोटोकाल का पालन सभी को करना चाहिए। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई के निर्देश हैं। धारा 144 प्रभावी है। इसमें जो भी नियम तोड़ेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। कानून व्यवस्था और कोरोना प्रोटोकाल का पालन कराना प्रशासन का दायित्व है।
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-दिव्या मित्तल, डीएम
कोट
कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए शासन की ओर से जारी गाइडलाइन का पालन कराने के लिए पुलिस तत्पर है। नियमों का उल्लंघन करने पर पुलिस केस दर्ज करती है। वैसे अब तक 311 मुकदमे दर्ज हुए हैं, जिसमें 1276 लोग आरोपी बनाए गए हैं। सभी थानाध्यक्षों के निर्देश दिए गए हैं कि नियम का उल्लंघन करने पर कार्रवाई करने में कोई गुरेज नहीं करें। ताकि व्यवस्था सुदृढ़ रहे।
-डॉक्टर कौस्तुभ, एसपी
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मार्च 2020 से अब तक 188 आईपीसी के उल्लंघन में दर्ज हो चुके हैं 311 केस
पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक समेत कई चर्चित चेहरे आए हैं कार्रवाई के लपेटे में
संतकबीरनगर। कोरोना संक्रमण का दौर जिले में मार्च से शुरू हुआ। संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए शासन की ओर से गाइडलाइन जारी हुई। प्रशासन की ओर से जिले में धारा 144 भी लगाई गई है। बावजूद इसके लोगों ने कोरोना प्रोटोकाल और धारा 144 का उल्लंघन किया। पुलिस की ओर से अब तक कुल 311 मामले दर्ज हुए और उसमें 1276 लोग आरोपी बनाए गए। इस कार्रवाई की जद में सपा, बसपा, कांग्रेस और भाकियू के तमाम लोग आरोपी बनाए गए। उनमें पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक और कई बड़े चेहरे भी शामिल हैं।
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए मास्क लगाने के साथ सामाजिक दूरी बनाने की लगातार अपील की जा रही है। वैसे अब तक 3322 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए जा चुके हैं, लेकिन उसमें से 2228 लोग ठीक हो चुके हैं। जबकि 44 लोगों की मौत हो चुकी है। इधर, नियमों का उल्लंघन करने वालों पर मुकदमे दर्ज करने में भी पुलिस ने काफी तत्परता दिखाई। पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक अब तक 188 आईपीसी के उल्लंघन में कुल 311 मुकदमे दर्ज हुए हैं। इसमें 1276 लोग आरोपी बनाए गए गए हैं। 1204 लोग गिरफ्तार किए गए थे। जबकि आठ लोग जेल भी भेजे गए थे। नियमों के उल्लंघन के सबसे अधिक 130 मुुकदमे धनघटा थाने में दर्ज हुए हैं। जबकि कोतवाली में 53 केस, दुधारा में 15 केेस, मेंहदावल में 20 केस, बखिरा में 36 केस, बेलहर कला में 13 केस, महुली में 35 केस और धर्मसिंहवा में नौ केस दर्ज हुए हैं। इधर, किसान आंदोलन के समर्थन में जुलूस, प्रदर्शन और रैली निकालने के दौरान भी जो मुकदमे दर्ज हुए, उसमें कारोना महामारी और आपदा प्रबंधन के साथ धारा 144 का उल्लंघन शामिल किया गया है। इसमें सपा, बसपा, कांग्रेस और भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं को आरोपी बनाया गया है। इसमें सपा के पूर्व मंत्री मंत्री लक्ष्मीकांत निषाद, पूर्व विधायक अब्दुल कलाम, पूर्व विधायक अलगू चौहान, जिलाध्यक्ष गौहर अली, पूर्व जिलाध्यक्ष लोरिक यादव, जिला उपाध्यक्ष केडी यादव, प्रदीप सिंह सिसौदिया, पूर्व सांसद सुरेंद्र यादव, जयराम पांडेय, कांग्रेस के जिलाध्यक्ष प्रवीण चंद्र पांडेय जैसे कई बड़े चहेरे भी शामिल हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता फौजदारी राणा रवींद्र सिंह ने बताया आपदा अधिनियम में दो वर्ष का कारावास और 188 आईपीसी में एक महीने तक कारावास या जुर्माना का प्रावधान है।
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कोट
कोरोना प्रोटोकाल का पालन सभी को करना चाहिए। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई के निर्देश हैं। धारा 144 प्रभावी है। इसमें जो भी नियम तोड़ेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। कानून व्यवस्था और कोरोना प्रोटोकाल का पालन कराना प्रशासन का दायित्व है।
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-दिव्या मित्तल, डीएम
कोट
कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए शासन की ओर से जारी गाइडलाइन का पालन कराने के लिए पुलिस तत्पर है। नियमों का उल्लंघन करने पर पुलिस केस दर्ज करती है। वैसे अब तक 311 मुकदमे दर्ज हुए हैं, जिसमें 1276 लोग आरोपी बनाए गए हैं। सभी थानाध्यक्षों के निर्देश दिए गए हैं कि नियम का उल्लंघन करने पर कार्रवाई करने में कोई गुरेज नहीं करें। ताकि व्यवस्था सुदृढ़ रहे।
-डॉक्टर कौस्तुभ, एसपी