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Sant Kabir Nagar News: दहेज हत्या के दोषी को दस साल की कारावास
Tue, 11 Apr 2023 11:15 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Tue, 11 Apr 2023 11:15 PM IST
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संतकबीरनगर। सत्र न्यायाधीश देवेंद्र सिंह ने दहेज हत्या के मामले में दोषी को दस वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 8,000 रुपये का अर्थदंड लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि मेंहदावल क्षेत्र के बढ़या टोला चनहवा निवासी रुद्रनाथ ने थाना मेंहदावल में प्रार्थना पत्र दिया था। कहा था कि वह अपनी बेटी सावित्री की शादी 29 मई 2014 को गगनई राव के रामराज से की थी। 27 दिसंबर 2015 को तीन बजे रात में उन्हें सूचना मिली कि उनकी बेटी की मृत्यु हो गई है। वह बेटी की ससुराल गए तो उसका शव पड़ा था। उनके प्रार्थना पत्र पर मेंहदावल पुलिस ने रामराज के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया था। विवेचक ने विवेचना के बाद आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। अभियोजन की तरफ से कुल 12 गवाहों की गवाही कराई गई।
सभी गवाहों ने अभियोजन साक्ष्य का समर्थन किया। रुद्रनाथ ने अपने बयान में बताया कि उनकी बेटी को उसका पति और ससुराल वाले दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे। दहेज के लिए ही उनकी बेटी को मार डाला। कोर्ट में पीड़ित पिता ने अपने बयान में यह भी कहा कि जब वह अपनी बेटी की ससुराल पहुंचे तो उसका शव दरवाजे के बाहर रखा था। उसके गले पर चोट का निशान था व खून निकला था। करीब एक इंच चौड़ा गोलाकार निशान गले पर था और पीठ में सूजन थी। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपी पति के विरुद्ध अभियोजन के जरिए लगाए गए आरोप साबित पाए जाने पर सत्र न्यायाधीश देवेंद्र सिंह ने सजा सुनाई।
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जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि मेंहदावल क्षेत्र के बढ़या टोला चनहवा निवासी रुद्रनाथ ने थाना मेंहदावल में प्रार्थना पत्र दिया था। कहा था कि वह अपनी बेटी सावित्री की शादी 29 मई 2014 को गगनई राव के रामराज से की थी। 27 दिसंबर 2015 को तीन बजे रात में उन्हें सूचना मिली कि उनकी बेटी की मृत्यु हो गई है। वह बेटी की ससुराल गए तो उसका शव पड़ा था। उनके प्रार्थना पत्र पर मेंहदावल पुलिस ने रामराज के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया था। विवेचक ने विवेचना के बाद आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। अभियोजन की तरफ से कुल 12 गवाहों की गवाही कराई गई।
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सभी गवाहों ने अभियोजन साक्ष्य का समर्थन किया। रुद्रनाथ ने अपने बयान में बताया कि उनकी बेटी को उसका पति और ससुराल वाले दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे। दहेज के लिए ही उनकी बेटी को मार डाला। कोर्ट में पीड़ित पिता ने अपने बयान में यह भी कहा कि जब वह अपनी बेटी की ससुराल पहुंचे तो उसका शव दरवाजे के बाहर रखा था। उसके गले पर चोट का निशान था व खून निकला था। करीब एक इंच चौड़ा गोलाकार निशान गले पर था और पीठ में सूजन थी। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपी पति के विरुद्ध अभियोजन के जरिए लगाए गए आरोप साबित पाए जाने पर सत्र न्यायाधीश देवेंद्र सिंह ने सजा सुनाई।
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