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Sant Kabir Nagar News: ऑपरेशन कर बच्ची के गले से निकाला 10 रुपये का सिक्का
Sat, 12 Aug 2023 01:14 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sat, 12 Aug 2023 01:14 AM IST
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- सीएचसी मेंहदावल से रेफर होकर जिला अस्पताल आई थी बच्ची, खेलते समय निगल लिया था सिक्का
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिला अस्पताल में शुक्रवार को एक बच्ची के गले में फंसे दस रुपये के सिक्के को डॉक्टर ने ऑपरेशन कर निकाल दिया। परिजनों ने डॉक्टर का आभार जताया।
मेंहदावल क्षेत्र के जमुहरा गांव निवासी गुड्डू यादव की सात साल की बेटी मुस्कान घर पर खेल रही थी। उसी दौरान उसने 10 रुपये का सिक्का मुंह में डाल लिया। सिक्का उसके गले में चला गया तो वह छटपटाने लगी। परिजन तत्काल उसे सीएचसी मेंहदावल ले गए। चिकित्सक बच्ची को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर आए। इमरजेंसी में चिकित्सकों ने देखा तो सिक्का निकालने में दिक्कत बताई। इमरजेंसी में तैनात कर्मियों ने बेहोशी के डॉक्टर संतोष त्रिपाठी को सूचना दिया। डॉ. संतोष त्रिपाठी ने करीब तीन मिनट के ऑपरेशन के बाद बच्ची के गले में फंसे सिक्के को निकाल दिया। बच्ची को जब कुछ देर बाद होश आया तो वह सिक्का मांगने लगी। डॉ. संतोष त्रिपाठी के इस प्रयास की सीएमएस डॉ. महेश प्रसाद, डॉ. रवि पांडेय, डॉ. शशि सिंह आदि ने प्रशंसा की।
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संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिला अस्पताल में शुक्रवार को एक बच्ची के गले में फंसे दस रुपये के सिक्के को डॉक्टर ने ऑपरेशन कर निकाल दिया। परिजनों ने डॉक्टर का आभार जताया।
मेंहदावल क्षेत्र के जमुहरा गांव निवासी गुड्डू यादव की सात साल की बेटी मुस्कान घर पर खेल रही थी। उसी दौरान उसने 10 रुपये का सिक्का मुंह में डाल लिया। सिक्का उसके गले में चला गया तो वह छटपटाने लगी। परिजन तत्काल उसे सीएचसी मेंहदावल ले गए। चिकित्सक बच्ची को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर आए। इमरजेंसी में चिकित्सकों ने देखा तो सिक्का निकालने में दिक्कत बताई। इमरजेंसी में तैनात कर्मियों ने बेहोशी के डॉक्टर संतोष त्रिपाठी को सूचना दिया। डॉ. संतोष त्रिपाठी ने करीब तीन मिनट के ऑपरेशन के बाद बच्ची के गले में फंसे सिक्के को निकाल दिया। बच्ची को जब कुछ देर बाद होश आया तो वह सिक्का मांगने लगी। डॉ. संतोष त्रिपाठी के इस प्रयास की सीएमएस डॉ. महेश प्रसाद, डॉ. रवि पांडेय, डॉ. शशि सिंह आदि ने प्रशंसा की।
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