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सोत नदी से हटे अवैध कब्जे और की गई खुदाई, जलधारा बहने की उम्मीद फिर जागी
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असमोली के गांव मातीपुर में मनरेगा मजदूरों से सोत नदी की खुदाई कराते बीडीओ शिखर श्रीवास्तव।
- फोटो : SAMBHAL
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संभल/असमोली। असमोली विकास खंड क्षेत्र में सोत नदी पर किए गए अवैध कब्जे हटाने का काम अधिकारियों ने शुरू करा दिया है। साथ ही खुदाई भी की गई। अमर उजाला ने सोत नदी पर हुए अवैध कब्जे को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसमें सोत नदी के थमे कार्य और अवैध कब्जों को लेकर आवाज उठाई इससे प्रशासन चेत गया। जिलाधिकारी ने तत्काल कार्रवाई के आदेश किए। जिसके बाद तहसील व ब्लॉक स्तर के अधिकारियों ने कार्रवाई शुरू कर दी। इसी क्रम में असमोली विकास खंड के गांव मातीपुर में अवैध कब्जे हटाए गए। साथ ही खुदाई भी कराई गई।
बुधवार की दोपहर असमोली के खंड विकास अधिकारी शिखर श्रीवास्तव मनरेगा मजदूरों के साथ गांव मातीपुर पहुंचे। जहां सोत नदी पर कई किसानों ने अपनी फसलें लगा रखी थीं। यह फसलें धान, गन्ना, बाजरा और उड़द की थीं। खंड विकास अधिकारी ने इन फसलों को नष्ट कराया और अवैध कब्जा मुक्त करा दिया। साथ ही नदी की साइडों की खुदाई कराई गई। यह कार्य शाम तक हुआ। इससे उन लोगों में हड़कंप मच गया है जिन्होंने नदी पर अवैध कब्जे कर फसलें लगा ली हैं। दरअसल सोत नदी पर हुए अवैध कब्जों को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था।
इससे पहले भी जून 2019 में अमर उजाला ने ‘कहां गए जल स्रोत’ शीर्षक खबरों की श्रृंखला में सोत नदी को शामिल किया था। जिसके बाद प्रशासन और जनसहयोग से सोत नदी को पुनर्जीवित करने की मुहिम शुरू हुई थी। 55 किलोमीटर दूरी तक खुदाई हुई और सोत नदी में जलधारा बहने की उम्मीद जगी थी लेकिन समय के साथ मुहिम थम गई और धीरे-धीरे अवैध कब्जे होना शुरू हो गए।
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अवैध कब्जों को लेकर आवाज उठाई तो जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने संज्ञान लिया है। जिलाधिकारी ने संभल उप जिलाधिकारी, असमोली, संभल और पवांसा विकास खंड के अधिकारियों को कब्जे हटाने और बची नदी की खुदाई कराने के आदेश किए हैं। इसी क्रम में कब्जे हटाए गए और खुदाई हुई। यह कार्य लगातार जारी रहेगा। जिससे सोत नदी की पुनर्जीवित करने की मुहिम को बल मिल सके।
एसडीएम ने संभल और पवांसा विकास खंड के अधीनस्थों व प्रधानों के साथ की बैठक
संभल। संभल उप जिलाधिकारी राजेश कुमार ने तहसील सभागार में बैठक की। इसमें संभल और पवांसा के अधीनस्थ अधिकारी व कर्मचारी के अलावा ग्राम प्रधान मौजूद रहे। उप जिलाधिकारी ने कहा कि सोत नदी पर जहां कब्जे हो गए हैं, उनको तत्काल हटाया जाए और जो नदी की खुदाई होने से रह गई उसको फिर से शुरू कराया जाए। जिससे सोत नदी पुनर्जीवित हो सके। लेखपालों से अवैध कब्जे चिह्नित करने और कार्रवाई के निर्देश दिए। ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सचिवों को भी प्राथमिकता से सोत नदी का कार्य करने के लिए निर्देश दिए हैं। वहीं दूसरी बैठक उप जिलाधिकारी ने असमोली विकास खंड कार्यालय में ली। ग्राम पंचायत सचिव, लेखपाल व ग्राम प्रधान मौजूद रहे। उन्हें भी कब्जे हटवाने के लिए निर्देश दिए हैं।
जहां खुदाई की आवश्यकता है वहां खुदाई कराई जाएगी और जो कब्जे हो गए हैं उनको हटवाया जाएगा। सोत नदी पर किसी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए अधिकारी लगाए हैं। सोत नदी का कार्य प्राथमिकता से कराया जाएगा।
अविनाश कृष्ण सिंह, जिलाधिकारी, संभल।
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बुधवार की दोपहर असमोली के खंड विकास अधिकारी शिखर श्रीवास्तव मनरेगा मजदूरों के साथ गांव मातीपुर पहुंचे। जहां सोत नदी पर कई किसानों ने अपनी फसलें लगा रखी थीं। यह फसलें धान, गन्ना, बाजरा और उड़द की थीं। खंड विकास अधिकारी ने इन फसलों को नष्ट कराया और अवैध कब्जा मुक्त करा दिया। साथ ही नदी की साइडों की खुदाई कराई गई। यह कार्य शाम तक हुआ। इससे उन लोगों में हड़कंप मच गया है जिन्होंने नदी पर अवैध कब्जे कर फसलें लगा ली हैं। दरअसल सोत नदी पर हुए अवैध कब्जों को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था।
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इससे पहले भी जून 2019 में अमर उजाला ने ‘कहां गए जल स्रोत’ शीर्षक खबरों की श्रृंखला में सोत नदी को शामिल किया था। जिसके बाद प्रशासन और जनसहयोग से सोत नदी को पुनर्जीवित करने की मुहिम शुरू हुई थी। 55 किलोमीटर दूरी तक खुदाई हुई और सोत नदी में जलधारा बहने की उम्मीद जगी थी लेकिन समय के साथ मुहिम थम गई और धीरे-धीरे अवैध कब्जे होना शुरू हो गए।
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अवैध कब्जों को लेकर आवाज उठाई तो जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने संज्ञान लिया है। जिलाधिकारी ने संभल उप जिलाधिकारी, असमोली, संभल और पवांसा विकास खंड के अधिकारियों को कब्जे हटाने और बची नदी की खुदाई कराने के आदेश किए हैं। इसी क्रम में कब्जे हटाए गए और खुदाई हुई। यह कार्य लगातार जारी रहेगा। जिससे सोत नदी की पुनर्जीवित करने की मुहिम को बल मिल सके।
एसडीएम ने संभल और पवांसा विकास खंड के अधीनस्थों व प्रधानों के साथ की बैठक
संभल। संभल उप जिलाधिकारी राजेश कुमार ने तहसील सभागार में बैठक की। इसमें संभल और पवांसा के अधीनस्थ अधिकारी व कर्मचारी के अलावा ग्राम प्रधान मौजूद रहे। उप जिलाधिकारी ने कहा कि सोत नदी पर जहां कब्जे हो गए हैं, उनको तत्काल हटाया जाए और जो नदी की खुदाई होने से रह गई उसको फिर से शुरू कराया जाए। जिससे सोत नदी पुनर्जीवित हो सके। लेखपालों से अवैध कब्जे चिह्नित करने और कार्रवाई के निर्देश दिए। ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सचिवों को भी प्राथमिकता से सोत नदी का कार्य करने के लिए निर्देश दिए हैं। वहीं दूसरी बैठक उप जिलाधिकारी ने असमोली विकास खंड कार्यालय में ली। ग्राम पंचायत सचिव, लेखपाल व ग्राम प्रधान मौजूद रहे। उन्हें भी कब्जे हटवाने के लिए निर्देश दिए हैं।
जहां खुदाई की आवश्यकता है वहां खुदाई कराई जाएगी और जो कब्जे हो गए हैं उनको हटवाया जाएगा। सोत नदी पर किसी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए अधिकारी लगाए हैं। सोत नदी का कार्य प्राथमिकता से कराया जाएगा।
अविनाश कृष्ण सिंह, जिलाधिकारी, संभल।