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भीषण गर्मी के चलते अस्पतालों में बढ़ रहे उल्टी दस्त व डायरिया के मरीज
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संभल के निजी अस्पताल में भर्ती डायरिया से पीड़ित बालिका।
- फोटो : SAMBHAL
संभल। भीषण गर्मी बढ़ने के साथ ही बीमारियां भी पैर पसारने लगी हैं। अस्पतालों में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ने लगी है। बदलते मौसम की वजह से निजी और जिला अस्पताल में पेट दर्द, डायरिया और बुखार के मरीज अधिक संख्या पहुंच रहे हैं। डॉक्टर मरीजों के स्वास्थ्य का परीक्षण कर उन्हें गर्मी से बचने व खानपान का विशेष ध्यान रखने की सलाह दे रहे हैं।
तेज गर्मी और तापमान बढ़ते ही उल्टी-दस्त के मरीज बढ़ने लगे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में हर रोज तीन से पांच मरीज डायरिया का इलाज कराने के लिए पहुंच रहे हैं। यह सरकारी आंकड़ा है। अगर निजी अस्पतालों की बात करें तो इन अस्पतालों में डायरिया के मरीजों की भरमार है। निजी अस्पतालों में रोजाना 150 की ओपीडी में 20 से 25 लोग डायरिया से पीड़ित पहुंच रहे हैं। इनमें से पांच से छह गंभीर मरीजों को डॉक्टर अस्पताल में भर्ती कर लेते हैं। डायरिया की चपेट में बच्चों के साथ ही युवा और बुजुर्ग लोग भी आ रहे हैं। हर रोज गर्मी के तेवर बढ़ते जा रहे हैं। दोपहर के समय चलने वाली लू लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। 40 डिग्री से अधिक तापमान रहने से लोग बीमार हो रहे हैं। धूप में काम करने से लोगों का स्वास्थ्य खराब हो रहा है। उल्टी-दस्त शुरू होने से लोगों को सरकारी और निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है। घरेलू उपचार कामयाब न होने के कारण लोग इलाज के लिए निजी अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल के डॉ. रामलाल यादव का कहना है कि गर्मी में डायरिया फैलने की संभावना अधिक रहती है। इससे बचाव के लिए सावधानी जरूरी है। बताया कि प्रदूषित पानी पीने व बाजार में खुले में बिक रहे जूूस व अन्य खाद्य सामग्री डायरिया की मुख्य वजह हैं। वहीं निजी अस्पताल के चिकित्सक डा. संजय वार्ष्णेय का कहना है कि डायरिया से बचाव के लिए सफाई का विशेष ध्यान रखें। खुले में रखा खाना और प्रदूषित पानी न पीएं। वाटर फिल्टर न होने पर उबले पानी को ठंडा करके पीएं। डा. मसूद आलम ने बताया कि डिहाइड्रेशन से शरीर में पानी की कमी जानलेवा हो सकती है। ऐसे में शुद्ध पानी अधिक से अधिक पिएं।
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डायरिया से बचाव के लिए ये करें उपाय
प्रदूषित जल का सेवन न करें।
खुले में रखे कटे फल व जूस का प्रयोग न करें।
आरओ या उबला हुआ पानी ठंडा करके पिएं।
बासी भोजन का उपयोग न करें।
धूप में निकलते समय छाते का इस्तेमाल करें।
घर से बाहर निकलने पर शुद्ध पानी अधिक से अधिक पिएं।
ओआरएस व नींबू का पानी समय समय पर पीते रहें।
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तेज गर्मी और तापमान बढ़ते ही उल्टी-दस्त के मरीज बढ़ने लगे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में हर रोज तीन से पांच मरीज डायरिया का इलाज कराने के लिए पहुंच रहे हैं। यह सरकारी आंकड़ा है। अगर निजी अस्पतालों की बात करें तो इन अस्पतालों में डायरिया के मरीजों की भरमार है। निजी अस्पतालों में रोजाना 150 की ओपीडी में 20 से 25 लोग डायरिया से पीड़ित पहुंच रहे हैं। इनमें से पांच से छह गंभीर मरीजों को डॉक्टर अस्पताल में भर्ती कर लेते हैं। डायरिया की चपेट में बच्चों के साथ ही युवा और बुजुर्ग लोग भी आ रहे हैं। हर रोज गर्मी के तेवर बढ़ते जा रहे हैं। दोपहर के समय चलने वाली लू लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। 40 डिग्री से अधिक तापमान रहने से लोग बीमार हो रहे हैं। धूप में काम करने से लोगों का स्वास्थ्य खराब हो रहा है। उल्टी-दस्त शुरू होने से लोगों को सरकारी और निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है। घरेलू उपचार कामयाब न होने के कारण लोग इलाज के लिए निजी अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल के डॉ. रामलाल यादव का कहना है कि गर्मी में डायरिया फैलने की संभावना अधिक रहती है। इससे बचाव के लिए सावधानी जरूरी है। बताया कि प्रदूषित पानी पीने व बाजार में खुले में बिक रहे जूूस व अन्य खाद्य सामग्री डायरिया की मुख्य वजह हैं। वहीं निजी अस्पताल के चिकित्सक डा. संजय वार्ष्णेय का कहना है कि डायरिया से बचाव के लिए सफाई का विशेष ध्यान रखें। खुले में रखा खाना और प्रदूषित पानी न पीएं। वाटर फिल्टर न होने पर उबले पानी को ठंडा करके पीएं। डा. मसूद आलम ने बताया कि डिहाइड्रेशन से शरीर में पानी की कमी जानलेवा हो सकती है। ऐसे में शुद्ध पानी अधिक से अधिक पिएं।
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डायरिया से बचाव के लिए ये करें उपाय
प्रदूषित जल का सेवन न करें।
खुले में रखे कटे फल व जूस का प्रयोग न करें।
आरओ या उबला हुआ पानी ठंडा करके पिएं।
बासी भोजन का उपयोग न करें।
धूप में निकलते समय छाते का इस्तेमाल करें।
घर से बाहर निकलने पर शुद्ध पानी अधिक से अधिक पिएं।
ओआरएस व नींबू का पानी समय समय पर पीते रहें।