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Sambhal News: डिप्थीरिया के दो और मरीज मिले, दहशत में लोग
Mon, 30 Sep 2024 02:59 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Mon, 30 Sep 2024 02:59 AM IST
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संभल। जनपद में डिप्थीरिया (गलाघोंटू) का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। शनिवार को जुनावई और चंदौसी दो और डिप्थीरिया से पीड़ित दो और बच्चे मिले है। अब जिले में चार बच्चों की डिप्थीरिया से मौत हो चुकी है। जबकि अभी भी 29 सक्रिय मरीज हैं। लगातार मरीज मिलने पर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है और जहां मरीज मिल रहे हैं, वहां टीकाकरण कराया जा रहा है।
जिले में डिप्थीरिया का पहला केस दो सितंबर को जनेटा में मिला था। जनेटा निवासी बच्ची में रोग की पुष्टि होने के बाद सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर किया गया। जहां से मुरादाबाद और बाद में दिल्ली रेफर किया गया। लेकिन बच्ची की जान नहीं बच सकी थी। इसके बाद दिल्ली से संभल शहर में रिश्तेदारी में आए दो बच्चों में रोग की पुष्टि होने पर उपचार दिया गया, लेकिन उनकी भी मौत हो गई थी। इसके अलावा जुनावई में भी एक बच्चे की डिप्थीरिया से मौत हो चुकी है। शनिवार को भी जुनावई और चंदौसी में एक-एक डिप्थीरिया का मरीज मिला है। जिससे जिलेभर में 29 सक्रिय मरीज हो गए हैं। जिन्हें रेफर किया गया है। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. मनोज चौधरी ने बताया कि पिछले वर्ष के मुकाबले मलेरिया के मामले बढ़े हैं। टीमों को लगाकार जांच कराई जा रही है। जहां मरीज मिल रहे हैं वहां स्क्रीनिंग कर रहे हैं। बताया कि डिप्थीरिया पीड़ित मरीजाें से जानकारी करने पर यह भी बात सामने आई है कि उनका टीकाकरण नहीं किया गया था।
मलेरिया भी पसार रहा पैर
जिले में डिप्थीरिया के साथ ही मलेरिया भी पैर पसार रहा है। रविवार को जिलेभर में आठ मलेरिया के मरीज पाए गए। जिससे मलेरिया के मरीजाें की संख्या बढ़कर 124 पहुंच गई है। जिला सर्विलांस अधिकारी का कहना है कि पिछले वर्ष के मुकाबले मलेरिया के मरीज तीन गुना ज्यादा हैं। मलेरिया के मामले जहां मिल रहे हैं वहां के जिम्मेदारों से सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए आग्रह किया जा रहा है।
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मुख्यमंत्री आरोग्य मेलों में मिले 200 से ज्यादा मरीज
जिलेभर के 28 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और चार नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर मुख्यमंत्री आरोग्य मेले आयोजित किए गए। इसमें 3621 मरीजों का उपचार किया गया। इसमें 208 मरीज बुखार से पीड़ित पहुंचे। 85 मरीजों की मलेरिया और 19 मरीजों की डेंगू की जांच कराई गई। किट से की गई जांच में रिपोर्ट निगेटिव आई है। आरटीपीसीआर की जांच की जाएगी। सीएमओ डॉ. तरूण पाठक ने बताया कि आरोग्य मेलों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान बुखार के मरीजों की निगरानी के लिए निर्देश दिए हैं।
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डिप्थीरिया के लक्षण-
सांस लेने में दिक्कत होती है।
गर्दन में सूजन हो सकती है।
बच्चे को ठंड लगती है।
संक्रमण फैलने के बाद बुखार रहता है।
खांसी आने लगती है, खांसते वक्त आवाज भी बदल जाती है।
संक्रमित बच्चे के गले में खराश की शिकायत हो जाती है।
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मलेरिया के लक्षण
बुखार, ठंड लगना, और पसीना आना।
सिरदर्द, पीठ दर्द, और मांसपेशियों में दर्द।
उल्टी, दस्त, खांसी और पीलिया हो जाना।
थकान, सांस लेने में कठिनाई, ऐंठन और दौरे पड़ना
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कोट
डिप्थीरिया के मरीज जिन इलाके में मिले हैं वहां टीकाकरण कराया जा रहा है। उन्हीं बच्चों को चपेट में लिया है जिनका टीकाकरण नहीं हुआ था। मलेरिया के मरीज भी बढ़े हैं। इसके लिए टीमों को जांच का दायरा बढ़ाने के लिए कहा है। -डॉ. मनोज चौधरी, जिला सर्विलांस अधिकारी, संभल
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जिले में डिप्थीरिया का पहला केस दो सितंबर को जनेटा में मिला था। जनेटा निवासी बच्ची में रोग की पुष्टि होने के बाद सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर किया गया। जहां से मुरादाबाद और बाद में दिल्ली रेफर किया गया। लेकिन बच्ची की जान नहीं बच सकी थी। इसके बाद दिल्ली से संभल शहर में रिश्तेदारी में आए दो बच्चों में रोग की पुष्टि होने पर उपचार दिया गया, लेकिन उनकी भी मौत हो गई थी। इसके अलावा जुनावई में भी एक बच्चे की डिप्थीरिया से मौत हो चुकी है। शनिवार को भी जुनावई और चंदौसी में एक-एक डिप्थीरिया का मरीज मिला है। जिससे जिलेभर में 29 सक्रिय मरीज हो गए हैं। जिन्हें रेफर किया गया है। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. मनोज चौधरी ने बताया कि पिछले वर्ष के मुकाबले मलेरिया के मामले बढ़े हैं। टीमों को लगाकार जांच कराई जा रही है। जहां मरीज मिल रहे हैं वहां स्क्रीनिंग कर रहे हैं। बताया कि डिप्थीरिया पीड़ित मरीजाें से जानकारी करने पर यह भी बात सामने आई है कि उनका टीकाकरण नहीं किया गया था।
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मलेरिया भी पसार रहा पैर
जिले में डिप्थीरिया के साथ ही मलेरिया भी पैर पसार रहा है। रविवार को जिलेभर में आठ मलेरिया के मरीज पाए गए। जिससे मलेरिया के मरीजाें की संख्या बढ़कर 124 पहुंच गई है। जिला सर्विलांस अधिकारी का कहना है कि पिछले वर्ष के मुकाबले मलेरिया के मरीज तीन गुना ज्यादा हैं। मलेरिया के मामले जहां मिल रहे हैं वहां के जिम्मेदारों से सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए आग्रह किया जा रहा है।
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मुख्यमंत्री आरोग्य मेलों में मिले 200 से ज्यादा मरीज
जिलेभर के 28 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और चार नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर मुख्यमंत्री आरोग्य मेले आयोजित किए गए। इसमें 3621 मरीजों का उपचार किया गया। इसमें 208 मरीज बुखार से पीड़ित पहुंचे। 85 मरीजों की मलेरिया और 19 मरीजों की डेंगू की जांच कराई गई। किट से की गई जांच में रिपोर्ट निगेटिव आई है। आरटीपीसीआर की जांच की जाएगी। सीएमओ डॉ. तरूण पाठक ने बताया कि आरोग्य मेलों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान बुखार के मरीजों की निगरानी के लिए निर्देश दिए हैं।
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डिप्थीरिया के लक्षण-
सांस लेने में दिक्कत होती है।
गर्दन में सूजन हो सकती है।
बच्चे को ठंड लगती है।
संक्रमण फैलने के बाद बुखार रहता है।
खांसी आने लगती है, खांसते वक्त आवाज भी बदल जाती है।
संक्रमित बच्चे के गले में खराश की शिकायत हो जाती है।
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मलेरिया के लक्षण
बुखार, ठंड लगना, और पसीना आना।
सिरदर्द, पीठ दर्द, और मांसपेशियों में दर्द।
उल्टी, दस्त, खांसी और पीलिया हो जाना।
थकान, सांस लेने में कठिनाई, ऐंठन और दौरे पड़ना
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डिप्थीरिया के मरीज जिन इलाके में मिले हैं वहां टीकाकरण कराया जा रहा है। उन्हीं बच्चों को चपेट में लिया है जिनका टीकाकरण नहीं हुआ था। मलेरिया के मरीज भी बढ़े हैं। इसके लिए टीमों को जांच का दायरा बढ़ाने के लिए कहा है। -डॉ. मनोज चौधरी, जिला सर्विलांस अधिकारी, संभल