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Sambhal News: फिरौती के लिए मासूम की हत्या में दो दोस्तो को आजीवन कारावास
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चंदौसी। एफटीसी-दो धीरेंद्र सिंह की अदालत ने मंगलवार को संभल जिले के कुढ़फतेहगढ़ क्षेत्र के 11 साल पुराने सोनू अपहरण- हत्या मामले में दो मुलजिम प्रेम पाल और नरेश को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों ने 15 लाख रुपये की फिरौती के लिए गांव के ही 10 साल के बच्चे सोनू को अगवा उसकी हत्या कर दी थी। इस मामले में अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में दो आरोपी बरी कर दिए।
संभल जिले के कुढ़ फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के इमरतपुर स्योडारा निवासी मान सिंह ने 22 फरवरी 2015 को अपने बेटे सोनू की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। जिसमें उन्होंने बताया कि 21 फरवरी 2015 की रात उनका बेटा गांव में ही बरात देखने गया था। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा है। 22 फरवरी 2015 को मान सिंह को एक अज्ञात नंबर से कॉल आई और उसने 15 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। पुलिस ने उस नंबर की जांच पड़ताल करते हुए गांव के ही प्रेमपाल, उसकी पत्नी आशा देवी, उसके साथी नरेश और साले रामपुर के ढकिया थाना क्षेत्र के रवानी निवासी जितेंद्र को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर इनकी निशानदेही पर गन्ने के खेत से सोनू का शव बरामद है। पुलिस ने सभी आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेज दिए थे। इसके बाद सभी के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी। इस मामले की सुनवाई एफटीसी-दो धीरेंद्र सिंह की अदालत में चली। अदालत ने मंगलवार को दोनों पक्षों को सुनने के बाद प्रेमपाल और उसके साथी नरेश को अपहरण, हत्या में दोषी करार देते हुए दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है जबकि 35-35 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इस मामले में आशा देवी और जितेंद्र को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया है।
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संभल जिले के कुढ़ फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के इमरतपुर स्योडारा निवासी मान सिंह ने 22 फरवरी 2015 को अपने बेटे सोनू की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। जिसमें उन्होंने बताया कि 21 फरवरी 2015 की रात उनका बेटा गांव में ही बरात देखने गया था। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा है। 22 फरवरी 2015 को मान सिंह को एक अज्ञात नंबर से कॉल आई और उसने 15 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। पुलिस ने उस नंबर की जांच पड़ताल करते हुए गांव के ही प्रेमपाल, उसकी पत्नी आशा देवी, उसके साथी नरेश और साले रामपुर के ढकिया थाना क्षेत्र के रवानी निवासी जितेंद्र को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर इनकी निशानदेही पर गन्ने के खेत से सोनू का शव बरामद है। पुलिस ने सभी आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेज दिए थे। इसके बाद सभी के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी। इस मामले की सुनवाई एफटीसी-दो धीरेंद्र सिंह की अदालत में चली। अदालत ने मंगलवार को दोनों पक्षों को सुनने के बाद प्रेमपाल और उसके साथी नरेश को अपहरण, हत्या में दोषी करार देते हुए दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है जबकि 35-35 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इस मामले में आशा देवी और जितेंद्र को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया है।
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