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खालिद मूसा : हर उलझन का एक जवाब
अमर उजाला ब्यूरो/ संभल।
Updated Fri, 22 Dec 2017 02:29 AM IST
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खालिद मूसा अपने पिता के साथ।
- फोटो : अमर उजाला
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जिन बड़ी-बड़ी संख्याओं को देखकर किसी आपका दिमाग चकरा जाता है। खालिद मूसा उसे चुटकियों में हल कर देता है। वो भी बिना किसी इलेक्ट्रानिक डिवाइस की मदद के।
मूल रूप से संभल जिले के असमोली विकास खंड के गांव यारपुर उर्फ रामपुर निवासी डॉ. मुशाहिद अली का 12 वर्षीय बेटा खालिद मूसा 8वीं कक्षा में है। वह कक्षा 10 और 12 की गणित के सवाल भी चुटकियों में हल कर देता है। इस प्रतिभा की बदौलत उसे बाल गणितज्ञ के तौर पहचाना जाता है।
शहर के सनातन पब्लिक स्कूल में कक्षा आठ का छात्र खालिद मूसा संख्याओं का वर्ग मूल तीन प्रकार से निकालना जानता है और वह भी मात्र 20 से 30 सेकेंड के भीतर। गणित के सवाल हल करने की लंबी और छोटी विधि तो प्रचलन में है लेकिन खालिद मूसा ने अपनी सारिणी विधि भी अलग ईजाद कर ली है।
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जिसके जरिए बड़ी से बड़ी संख्या सामने आने पर चुटकियों में वह उसका वर्ग मूल निकाल लेता है। इतना ही नहीं, उसने 32 अंकों की एक संख्या बनाई है। जिसे एक बाक्स में रखने पर चाहें किसी तरफ से जोड़ें, जोड़ 139 ही आता है।
खास बात यह है कि इस बाक्स के ऊपरी हिस्से की लाइन के खानों में महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की जन्मतिथि के अंक 22,12,18,87 आते हैं। इन अंकों का जोड़ 139 बैठता है।
संभल में बाल विद्या मंदिर स्कूल के पास क्लीनिक चलाने वाले खालिद मूसा के पिता डा. मुशाहिद अली बताते हैं कि वर्ष 2012 में उनके बेटे को तत्कालीन राज्यमंत्री इकबाल महमूद ने ट्रॉफी देकर सम्मानित किया था। खालिद मूसा ने मुरादाबाद के मुस्लिम डिग्री कालेज में भी छात्र-छात्राओं को टिप्स दिए थे।
20 तक की संख्याओं का वर्ग मूल, घनमूल, वर्ग घन और घात चार चंद सेकेंडों में निकाल देता है। 10वीं कक्षा के मेंसूरेशन, ऊंचाई दूरी, गुणनखंड, त्रिकोणमीति के सभी कठिन सवाल हल कर लेता है। 12वीं कक्षा के डिफेंशियल (अवकलन) तथा त्रिकोणमिति के सवालों को भी हल करना जानता है।
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मूल रूप से संभल जिले के असमोली विकास खंड के गांव यारपुर उर्फ रामपुर निवासी डॉ. मुशाहिद अली का 12 वर्षीय बेटा खालिद मूसा 8वीं कक्षा में है। वह कक्षा 10 और 12 की गणित के सवाल भी चुटकियों में हल कर देता है। इस प्रतिभा की बदौलत उसे बाल गणितज्ञ के तौर पहचाना जाता है।
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शहर के सनातन पब्लिक स्कूल में कक्षा आठ का छात्र खालिद मूसा संख्याओं का वर्ग मूल तीन प्रकार से निकालना जानता है और वह भी मात्र 20 से 30 सेकेंड के भीतर। गणित के सवाल हल करने की लंबी और छोटी विधि तो प्रचलन में है लेकिन खालिद मूसा ने अपनी सारिणी विधि भी अलग ईजाद कर ली है।
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जिसके जरिए बड़ी से बड़ी संख्या सामने आने पर चुटकियों में वह उसका वर्ग मूल निकाल लेता है। इतना ही नहीं, उसने 32 अंकों की एक संख्या बनाई है। जिसे एक बाक्स में रखने पर चाहें किसी तरफ से जोड़ें, जोड़ 139 ही आता है।
खास बात यह है कि इस बाक्स के ऊपरी हिस्से की लाइन के खानों में महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की जन्मतिथि के अंक 22,12,18,87 आते हैं। इन अंकों का जोड़ 139 बैठता है।
संभल में बाल विद्या मंदिर स्कूल के पास क्लीनिक चलाने वाले खालिद मूसा के पिता डा. मुशाहिद अली बताते हैं कि वर्ष 2012 में उनके बेटे को तत्कालीन राज्यमंत्री इकबाल महमूद ने ट्रॉफी देकर सम्मानित किया था। खालिद मूसा ने मुरादाबाद के मुस्लिम डिग्री कालेज में भी छात्र-छात्राओं को टिप्स दिए थे।
20 तक की संख्याओं का वर्ग मूल, घनमूल, वर्ग घन और घात चार चंद सेकेंडों में निकाल देता है। 10वीं कक्षा के मेंसूरेशन, ऊंचाई दूरी, गुणनखंड, त्रिकोणमीति के सभी कठिन सवाल हल कर लेता है। 12वीं कक्षा के डिफेंशियल (अवकलन) तथा त्रिकोणमिति के सवालों को भी हल करना जानता है।