{"_id":"62509391e64feb375551e598","slug":"three-day-fair-inaugurated-at-mata-jharkhande-devi-temple-chandausi-news-mbd4241294149","type":"story","status":"publish","title_hn":"माता झारखंडे देवी मंदिर पर तीन दिवसीय मेले का शुभारंभ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
माता झारखंडे देवी मंदिर पर तीन दिवसीय मेले का शुभारंभ
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नरौली/चंदौसी। संभल मार्ग स्थित गांव सरथल में माता झारखंडे देवी मंदिर परिसर में नवदुर्गा मेले का शुभारंभ किया गया। मेले में अनेक प्रकार की दुकानें व झूले लगाए गए हैं। शुक्रवार को श्रद्धालुओं ने मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद मेले में पहुंच दुकानों से खरीदारी की। साथ ही मेले में लगे झूलों का आनंद लिया। दस अप्रैल को बैल और घोड़ों की दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा।
गांव सरथल के माता झारखंडे देवी मंदिर पर नवरात्र पर तीन दिवसीय मेले का आयोजन किया जाता है। शुक्रवार से मेले का शुभारंभ होने पर आसपास क्षेत्रों से काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंदिर में पहुंच माता रानी की विधि विधान से पूजा कर मन्नतें मांगीं। इसके बाद मंदिर परिसर में लगे विशाल मेले में पहुंच दुकानों से बच्चों व महिलाओं ने खरीदारी की। बच्चों ने मेले लगे झूलों का आनंद लिया। मेले के दौरान बैल व घोड़ों की दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। जिसमें विजेता प्रतिभागियों को मेला कमेटी द्वारा पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाता है। नौ अप्रैल को मंदिर में माता का पूजन व भंडारा, दस अप्रैल को बैल व घोड़ों की दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। 11 अप्रैल को मेले का समापन किया जाएगा। मेले की व्यवस्था की जिम्मेदारी मेला कमेटी के अशोक राघव, ब्रह्मानंद सक्सेना, महेंद्र पाल सिंह, बिजेंद्र पाल राघव, मंगू सिंह राघव, राजेश तोर, वचन सिंह, संतोष राघव, रामौतार शर्मा, लटूरी, सोनू राघव, रामवीर राघव आदि शामिल हैं।
विज्ञापन
गांव सरथल के माता झारखंडे देवी मंदिर पर नवरात्र पर तीन दिवसीय मेले का आयोजन किया जाता है। शुक्रवार से मेले का शुभारंभ होने पर आसपास क्षेत्रों से काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंदिर में पहुंच माता रानी की विधि विधान से पूजा कर मन्नतें मांगीं। इसके बाद मंदिर परिसर में लगे विशाल मेले में पहुंच दुकानों से बच्चों व महिलाओं ने खरीदारी की। बच्चों ने मेले लगे झूलों का आनंद लिया। मेले के दौरान बैल व घोड़ों की दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। जिसमें विजेता प्रतिभागियों को मेला कमेटी द्वारा पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाता है। नौ अप्रैल को मंदिर में माता का पूजन व भंडारा, दस अप्रैल को बैल व घोड़ों की दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। 11 अप्रैल को मेले का समापन किया जाएगा। मेले की व्यवस्था की जिम्मेदारी मेला कमेटी के अशोक राघव, ब्रह्मानंद सक्सेना, महेंद्र पाल सिंह, बिजेंद्र पाल राघव, मंगू सिंह राघव, राजेश तोर, वचन सिंह, संतोष राघव, रामौतार शर्मा, लटूरी, सोनू राघव, रामवीर राघव आदि शामिल हैं।
विज्ञापन