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...तो कंकड़ पर चलने को मजूबर होंगे कांवड़िये
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संभल। 14 जुलाई से सावन का महीना शुरू हो रहा है। पहले सोमवार से ही जलाभिषेक किया जाएगा। इस बार शिव भक्तों में काफी उत्साह है। गांव और नगर से शिवभक्तों के जत्थे कांवड़ का जल लेने के लिए रवाना हो गए हैं। जलाभिषेक के लिए इन मार्गों पर कांवड़िए कंकड़ पर चलने को मजबूर होंगे, क्योंकि शिवालयों को जाने वाले मार्ग गड्ढे और कंकड़ से भरे हुए हैं। मरम्मत के लिए अभी तक जिले में कोई कार्य शुरू नहीं हुआ है।
चंदौसी तहसील में गांव छाबड़ा के नजदीक स्थित झारखंड धाम शिव मंदिर को जाने वाला करीब सात किलोमीटर लंबा मार्ग बेहद खराब हालत में हैं। नंगे पांव चलने वाले शिव भक्तों को यह कंकड़ जख्मी कर देंगे। संभल तहसील के गांव गुमसानी स्थित प्राचीन झारखंडी महादेव शिव मंदिर को जाने वाले करीब दो किलोमीटर मार्ग पर मुश्किल का सामना करना पड़ता है। शिव भक्तों को करीब पांच किलोमीटर दूर घूमकर दूसरे रास्ते से शिव मंदिर तक जाना पड़ता है। इस गांव के निवासी सुखवीर सिंह का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान शिव भक्तों को परेशानी उठानी पड़ती है। पैदल चलने के दौरान कांवड़ भी खंडित हो जाती है। अधिकारियों से भी कई बार शिकायत कर चुके हैं लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। वहीं दूसरी ओर गांव फत्तेहपुर भाऊ स्थित शिव मंदिर को जाने वाले करीब डेढ़ किलोमीटर लंबे मार्ग पर भी गड्ढे हो गए हैं।
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कोट
मंदिर को जाने वाला मुख्य मार्ग खराब होने से भक्तों को आने-जाने में परेशानी हो सकती है। अधिकारियों को भी इसकी जानकारी है। मार्ग की मरम्मत नहीं होने से कांवड़ के दौरान भक्तों को परेशानी उठानी पड़ेगी। खराब रास्ता होने के कारण भक्त गिर जाते हैं और कांवड खंडित तक हो जाती है।
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दिनेश पुरी महाराज, पुजारी, प्राचीन झारखंडी महादेव शिव मंदिर, गुमसानी।
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कोट
सावन का महीना शुरू होने वाला है। शिव मंदिर को आने वाला मार्ग बेहद खराब हालत में है। सावन के पहले सोमवार से पहले इसको दुरुस्त किया जाना चाहिए, जिससे जलाभिषेक के लिए भक्तों को कंकड़ से होकर न गुजरना पड़े। सड़क जिस हाल में है, उससे भक्तों को परेशानी होगी।
महंत द्वारकादास, झारखंड धाम शिव मंदिर, गांव छाबड़ा।
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चंदौसी तहसील में गांव छाबड़ा के नजदीक स्थित झारखंड धाम शिव मंदिर को जाने वाला करीब सात किलोमीटर लंबा मार्ग बेहद खराब हालत में हैं। नंगे पांव चलने वाले शिव भक्तों को यह कंकड़ जख्मी कर देंगे। संभल तहसील के गांव गुमसानी स्थित प्राचीन झारखंडी महादेव शिव मंदिर को जाने वाले करीब दो किलोमीटर मार्ग पर मुश्किल का सामना करना पड़ता है। शिव भक्तों को करीब पांच किलोमीटर दूर घूमकर दूसरे रास्ते से शिव मंदिर तक जाना पड़ता है। इस गांव के निवासी सुखवीर सिंह का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान शिव भक्तों को परेशानी उठानी पड़ती है। पैदल चलने के दौरान कांवड़ भी खंडित हो जाती है। अधिकारियों से भी कई बार शिकायत कर चुके हैं लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। वहीं दूसरी ओर गांव फत्तेहपुर भाऊ स्थित शिव मंदिर को जाने वाले करीब डेढ़ किलोमीटर लंबे मार्ग पर भी गड्ढे हो गए हैं।
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मंदिर को जाने वाला मुख्य मार्ग खराब होने से भक्तों को आने-जाने में परेशानी हो सकती है। अधिकारियों को भी इसकी जानकारी है। मार्ग की मरम्मत नहीं होने से कांवड़ के दौरान भक्तों को परेशानी उठानी पड़ेगी। खराब रास्ता होने के कारण भक्त गिर जाते हैं और कांवड खंडित तक हो जाती है।
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दिनेश पुरी महाराज, पुजारी, प्राचीन झारखंडी महादेव शिव मंदिर, गुमसानी।
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सावन का महीना शुरू होने वाला है। शिव मंदिर को आने वाला मार्ग बेहद खराब हालत में है। सावन के पहले सोमवार से पहले इसको दुरुस्त किया जाना चाहिए, जिससे जलाभिषेक के लिए भक्तों को कंकड़ से होकर न गुजरना पड़े। सड़क जिस हाल में है, उससे भक्तों को परेशानी होगी।
महंत द्वारकादास, झारखंड धाम शिव मंदिर, गांव छाबड़ा।