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Sambhal News: बारिश से फसलें ही नहीं सपने भी बिछे
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बनियाठेर। क्षेत्र के ग्राम मानकपुर, नरौली, अकरौली गुमथल, रसूलपुर कैली, बनियाखेड़ा, भुलाबाई, कोकावास नवादा, गोपालपुर, अमियापुर पचाक, देवरखेड़ा, अकबरपुर गांव आदि जहां तक नजर जाती है, वहां तक खेतों में घुटने भर पानी भरा है। इसी पानी के बीच धान की पकी-पकाई फसल डूबी हुई है। चकरोडों और मेड़ों पर किसान छाता लगाए अपनी बर्बाद होती फसल देख रहे हैं।
पिछले 36 घंटों से लगातार हो रही बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। खेतों में खड़ी धान की फसल जो कटाई के लिए पूरी तरह तैयार थी, अब जलमग्न होकर सड़ने की कगार पर पहुंच गई है। मानकपुर-नरौली मार्ग पर झील वाली पुलिया के पास छाता लगाए खड़े किसान धर्मेश, तिलक सिंह, बाबू कश्यप, लीलाधर मौर्य और मुकेश कुमार पानी में डूबी अपनी फसल को देखकर नुकसान का आकलन कर रहे थे। किसानों ने राजस्व टीम और कृषि विभाग से सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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पिछले 36 घंटों से लगातार हो रही बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। खेतों में खड़ी धान की फसल जो कटाई के लिए पूरी तरह तैयार थी, अब जलमग्न होकर सड़ने की कगार पर पहुंच गई है। मानकपुर-नरौली मार्ग पर झील वाली पुलिया के पास छाता लगाए खड़े किसान धर्मेश, तिलक सिंह, बाबू कश्यप, लीलाधर मौर्य और मुकेश कुमार पानी में डूबी अपनी फसल को देखकर नुकसान का आकलन कर रहे थे। किसानों ने राजस्व टीम और कृषि विभाग से सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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