{"_id":"6ab989e9c8f735d48609b75b","slug":"karbala-is-not-just-history-but-a-lesson-in-steadfastness-to-the-truth-maulana-sambhal-news-c-275-1-sbl1015-141097-2026-09-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"कर्बला केवल इतिहास नहीं, सच्चाई पर कायम रहने की सीख: मौलाना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कर्बला केवल इतिहास नहीं, सच्चाई पर कायम रहने की सीख: मौलाना
विज्ञापन
सिरसी। मोहल्ला शर्की सादात स्थित इमाम बारगाह में मजलिस का आयोजन किया गया। मजलिस में मर्सिया मोहम्मद असगर और उनके साथियों ने पढ़ा।मजलिस को संबोधित करते हुए मौलाना मीसम अब्बास मुजफ्फरनगरी ने हक और बातिल पर विस्तार से रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि हजरत इमाम हुसैन ने हक पर रहते हुए अपनी कुर्बानी दी और सच व इंसाफ के उसूलों पर चलने का पैगाम दिया।
मौलाना ने कहा कि कुरान इंसान को हमेशा हक का साथ देने और बातिल से दूर रहने की शिक्षा देता है। कर्बला का पैगाम केवल इतिहास का एक सबक नहीं, बल्कि सच्चाई, इंसाफ और उसूलों पर कायम रहने की सीख है। उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन ने मुश्किल हालात में भी अपने उसूलों से समझौता नहीं किया। इंसान को किसी भी हालत में जुल्म और झूठ का साथ नहीं देना चाहिए।
हक का रास्ता इंसान को सच्चाई और इंसाफ की ओर ले जाता है, जबकि बातिल से दूरी रखना उसके ईमान और किरदार की पहचान है। मौलाना ने कहा कि हमें इमाम हुसैन अलैह की शिक्षाओं पर चलते हुए अपनी जिंदगी बितानी चाहिए। मजलिस के आखिर में हजरत इमाम हुसैन अलैह के मसाइब बयान किए गए, जिसे सुनकर अजादारों की आंखें नम हो गईं।
विज्ञापन
विज्ञापन
मौलाना ने कहा कि कुरान इंसान को हमेशा हक का साथ देने और बातिल से दूर रहने की शिक्षा देता है। कर्बला का पैगाम केवल इतिहास का एक सबक नहीं, बल्कि सच्चाई, इंसाफ और उसूलों पर कायम रहने की सीख है। उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन ने मुश्किल हालात में भी अपने उसूलों से समझौता नहीं किया। इंसान को किसी भी हालत में जुल्म और झूठ का साथ नहीं देना चाहिए।
विज्ञापन
हक का रास्ता इंसान को सच्चाई और इंसाफ की ओर ले जाता है, जबकि बातिल से दूरी रखना उसके ईमान और किरदार की पहचान है। मौलाना ने कहा कि हमें इमाम हुसैन अलैह की शिक्षाओं पर चलते हुए अपनी जिंदगी बितानी चाहिए। मजलिस के आखिर में हजरत इमाम हुसैन अलैह के मसाइब बयान किए गए, जिसे सुनकर अजादारों की आंखें नम हो गईं।
विज्ञापन