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Sambhal News: जांच तो ठीक हुई लेकिन सीओ पर होनी चाहिए कार्रवाई, नहीं तो जाऊंगा कोर्ट ...

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 22 Jun 2023 01:14 AM IST
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The investigation was fine, but action should be taken against the CO, otherwise I will go to court
संभल। कैलादेवी थाना क्षेत्र के गांव साकिन शोभापुर मिलक गांव निवासी धर्मवीर (21) पुत्र वेदपाल की मौत सर्पदंश से नहीं हुई बल्कि उसने पुलिस की प्रताड़ना से आत्महत्या की थी। इसकी पुष्टि पुलिस की जांच में हुई है। इसी मामले में कैलादेवी थाना प्रभारी संजीव कुमार, विवेचना अधिकारी उपनिरीक्षक राशिद हुसैन, हेड कांस्टेबल विनेश कुमार और कांस्टेबल अमित कुमार को संभल पुलिस अधीक्षक चक्रेश मिश्र ने लाइन हाजिर किया गया है। लाइन हाजिर करने के निर्देश डीआईजी मुरादाबाद शलथ माथुर ने दिए थे। इस कार्रवाई की जानकारी जब धर्मवीर के परिवार को हुई तो पीड़ित परिवार ने कहा कि कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं।
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जो घटना हुई है उसके लिए अधिकारियों ने लाइन हाजिर करने की कार्रवाई की है। इससे संतुष्ट नहीं हैं। पीड़ित परिवार ने इस साजिश में शामिल सभी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मृतक के भाई राकेश का कहना है कि जांच अधिकारी मुरादाबाद के एसपी देहात ने अपनी जांच सही की है। उनसे वह पूरी तरह संतुष्ट हैं लेकिन कार्रवाई से वह संतुष्ट नहीं हैं। अगर इस मामले में कड़ी कार्रवाई नहीं की जाएगी तो उच्च न्यायालय जाएंगे।
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सीओ ने किया सारा खेल और उनके खिलाफ ही कोई कार्रवाई नहीं हुई
मृतक धर्मवीर की मां सरवती देवी का कहना है कि उनके बेटे ने पुलिस की प्रताड़ना से आहत होकर आत्महत्या की और फंदे पर लटके हुए बेटे को देखने वाली पहली गवाह हैं। इसके बाद भी पुलिस ने सर्पदंश से मौत की कहानी तैयार कर ली। आरोप है कि इस पूरी घटना में संभल सीओ जितेंद्र सिंह ने ही खेल किया है। उन्हीं ने कहा था कि सर्पदंश से मौत मामले में मुआवजा मिल जाएगा। पुलिस पर मारपीट के आरोप मत लगाओ। इसके बाद ही पूरा खेल किया गया। पीड़ित मां का कहना है कि मेरा बेटा गया है उसको न्याय दिलाकर ही रहूंगी। इसके लिए चाहे कितना भी संघर्ष करना पड़े।
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क्या था मामला
23 मई को धर्मवीर गांव के चामुंडा मंदिर के लिए अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली से भराव कर रहा था। इस काम में गांव निरयावली निवासी समरपाल और हरवीर का भी ट्रैक्टर-ट्रॉली लगा था। 23 मई की शाम को थाने से पुलिसकर्मी आए और पकड़कर थाने ले गए। जहां धर्मवीर की काफी पिटाई की गई और रात साढ़े दस बजे करीब छोड़ दिया था। 24 मई की सुबह धर्मवीर का शव निर्माणाधीन मकान में रस्सी के सहारे लटका हुआ मिला था। धर्मवीर की मां सरवती देवी के चीखने पर परिवार और आसपास के लोग आए थे और शव को नीचे उतारा था।

फिर क्या बनी कहानी
24 मई की शाम को पुलिस की ओर से बयान जारी कर कहा गया कि सर्पदंश से मौत होने की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुई है। पुलिस की प्रताड़ना से आहत होकर आत्महत्या करने की जानकारी गलत है। मामला ठंडे बस्ते में चला गया। इसके किसी व्यक्ति ने इस मामले की शिकायत पुलिस मुख्यालय लखनऊ की तो जांच के आदेश हुए। डीआईजी मुरादाबाद ने मुरादाबाद के एसपी देहात को जांच अधिकारी बनाया। उनकी जांच में सामने आया कि धर्मवीर की मौत सर्पदंश से नहीं हुई थी। बल्कि पुलिस की पिटाई से आहत होकर उसने आत्महत्या की थी।
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