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Sambhal News: शाही इमाम के मकान के साथ मस्जिद और मजार मामले में 12 व 15 को होगी सुनवाई
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संभल। जामा मस्जिद के शाही इमाम मौलाना आफताब हुसैन वारसी और उनके भाई के मकान व परिसर में बनी मस्जिद व मजार मामले में डीएम कोर्ट में सुनवाई की गई। इसमें अगली तिथि कोर्ट से लग गई है। अब 15 मई को सुनवाई की जाएगी। शाही इमाम के अधिवक्ता माधव मिश्रा ने बताया कि वह उत्तर प्रदेश वक्फ न्यायाधिकरण लखनऊ में याचिका दायर कर चुके हैं। जिसमें 12 मई को सुनवाई की जाएगी। डीएम कोर्ट में 15 मई को सुनवाई तय हुई है।
कोतवाली क्षेत्र के गांव सैफखां सराय में स्थित मस्जिद, मजार और शाही इमाम के मकान को तहसीलदार कोर्ट ने सरकारी जमीन पर निर्माण होने का हवाला देते हुए बेदखली का आदेश कर दिया है। इस आदेश के खिलाफ ही डीएम कोर्ट में अपील की गई थी। इसमें सुनवाई चल रही है। तहसीलदार कोर्ट की ओर से दो बीघा जमीन पर अवैध कब्जा करने के मामले में सात करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया था। डीएम कोर्ट की सुनवाई पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई होनी है।
शाही इमाम के अधिवक्ता ने बताया कि उत्तर प्रदेश वक्फ न्यायाधिकरण लखनऊ की ओर से ध्वस्तीकरण पर रोक लगाते हुए ही सुनवाई के लिए 12 मई की तिथि दी थी। मस्जिद वक्फ बोर्ड में दर्ज है। इसके चलते वहां याचिका दायर की गई है। अधिवक्ता ने बताया कि न्यायाधिकरण से पूरी राहत मिलने की उम्मीद है।
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कोतवाली क्षेत्र के गांव सैफखां सराय में स्थित मस्जिद, मजार और शाही इमाम के मकान को तहसीलदार कोर्ट ने सरकारी जमीन पर निर्माण होने का हवाला देते हुए बेदखली का आदेश कर दिया है। इस आदेश के खिलाफ ही डीएम कोर्ट में अपील की गई थी। इसमें सुनवाई चल रही है। तहसीलदार कोर्ट की ओर से दो बीघा जमीन पर अवैध कब्जा करने के मामले में सात करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया था। डीएम कोर्ट की सुनवाई पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई होनी है।
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शाही इमाम के अधिवक्ता ने बताया कि उत्तर प्रदेश वक्फ न्यायाधिकरण लखनऊ की ओर से ध्वस्तीकरण पर रोक लगाते हुए ही सुनवाई के लिए 12 मई की तिथि दी थी। मस्जिद वक्फ बोर्ड में दर्ज है। इसके चलते वहां याचिका दायर की गई है। अधिवक्ता ने बताया कि न्यायाधिकरण से पूरी राहत मिलने की उम्मीद है।
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