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Sambhal News: हाैज का पानी निकलवाने से भीड़ को हुआ भ्रम
Tue, 26 Nov 2024 06:35 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Tue, 26 Nov 2024 06:35 AM IST
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जामा मस्जिद के सदर को पूछताछ के लिए ले जाती पुलिस।
- फोटो : संभल
संभल। एसडीएम ने मस्जिद के अंदर हौज में भरा पानी निकलवाया तो बाहर खड़ी भीड़ को भ्रम हुआ कि बिना अनुमति मस्जिद की खोदाई शुरू करा दी गई है। लोगों ने जानकारी मांगी तो सीओ ने गोली मारने की धमकी दी। इसके बाद भीड़ उग्र हुई और बवाल हो गया। एसडीएम ने डीएम और एसपी के मना करने के बाद भी पानी निकलवाया। इसलिए एसडीएम और सीओ दोनों बवाल के जिम्मेदार हैं। यह आरोप जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली एडवोकेट ने सोमवार को प्रेस वार्ता करते हुए लगाए।
जफर अली ने कहा कि सर्वे 19 नवंबर को पूरा हो गया था। रविवार को डीएम के आदेश पर सर्वे हुआ जो गलत था। मस्जिद की पैमाइश भी सर्वे में नहीं होनी चाहिए थी। इसके बाद भी पैमाइश की गई। कमेटी ने विरोध किया, लेकिन प्रशासन मानने को तैयार नहीं हुआ। हौज का फव्वारा भी एसडीएम ने ही बंद कराया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके सामने भीड़ पर फायरिंग की। इस पूरे बवाल की जिम्मेदारी संभल एसडीएम वंदना मिश्रा और सीओ अनुज चौधरी की है। जिनकी जान गई है, उन्हें इन्साफ मिलना चाहिए।
भीड़ से मैंने खुद कहा, चले जाओ
जामा मस्जिद कमेटी के सदर ने बताया है कि जब पुलिस को गोली चलाने के आदेश मिले तो वह भीड़ के पास पहुंचे। वहां जाकर बताया कि सब लोग चले जाओ, पुलिस को गोली चलाने के आदेश मिल गए हैं। सदर का दावा है कि काफी संख्या में लोग वापस लौट गए थे। जो लोग बचे थे, उन पर गोली चलाई गई। जफर अली ने शहर के जनप्रतिनिधियों पर भी जमकर निशाना साधा। कहा कि सांसद, विधायक और चेयरमैन हमारी बात सही ढंग से नहीं रख रहे हैं। इसलिए हम अपने हक की बात कहने के लिए प्रेसवार्ता कर रहे हैं।
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वर्जन
मुझे हिरासत में नहीं लिया गया, लेकिन भारी पुलिस फोर्स के साथ पूछताछ के लिए कोतवाली बुलाया गया था। अधिकारियों ने प्रेसवार्ता को लेकर सवाल किए। मैंने पुलिस-प्रशासन पर जो आरोप लगाए हैं, उनके बारे में बातचीत की। मैं अपने बयान पर कायम हूं। -जफर अली, सदर, जामा मस्जिद संभल
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जामा मस्जिद के सदर को हिरासत में नहीं लिया गया था। उनसे प्रेसवार्ता में भ्रमित करने वाले बयान देने को लेकर कोतवाली में पूछताछ की गई थी। सदर द्वारा लगाए गए सभी आरोप गलत हैं। उनके बयान में ही पूरा खंडन हो रहा है। वह बार-बार अपनी बात से पलटते दिखाई और सुनाई दे रहे हैं। -कृष्ण कुमार विश्नोई, एसपी
जामा मस्जिद के सदर द्वारा लगाए गए सभी आरोप गलत हैं। सर्वे न्यायालय के आदेश पर हुआ है। मेरे द्वारा कोई सर्वे नहीं कराया गया। एसडीएम और सीओ सुरक्षा के लिहाज से थे। सदर भ्रमित करने वाले बयान दे रहे हैं। -डॉ. राजेंद्र पैंसिया, डीएम
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जफर अली ने कहा कि सर्वे 19 नवंबर को पूरा हो गया था। रविवार को डीएम के आदेश पर सर्वे हुआ जो गलत था। मस्जिद की पैमाइश भी सर्वे में नहीं होनी चाहिए थी। इसके बाद भी पैमाइश की गई। कमेटी ने विरोध किया, लेकिन प्रशासन मानने को तैयार नहीं हुआ। हौज का फव्वारा भी एसडीएम ने ही बंद कराया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके सामने भीड़ पर फायरिंग की। इस पूरे बवाल की जिम्मेदारी संभल एसडीएम वंदना मिश्रा और सीओ अनुज चौधरी की है। जिनकी जान गई है, उन्हें इन्साफ मिलना चाहिए।
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भीड़ से मैंने खुद कहा, चले जाओ
जामा मस्जिद कमेटी के सदर ने बताया है कि जब पुलिस को गोली चलाने के आदेश मिले तो वह भीड़ के पास पहुंचे। वहां जाकर बताया कि सब लोग चले जाओ, पुलिस को गोली चलाने के आदेश मिल गए हैं। सदर का दावा है कि काफी संख्या में लोग वापस लौट गए थे। जो लोग बचे थे, उन पर गोली चलाई गई। जफर अली ने शहर के जनप्रतिनिधियों पर भी जमकर निशाना साधा। कहा कि सांसद, विधायक और चेयरमैन हमारी बात सही ढंग से नहीं रख रहे हैं। इसलिए हम अपने हक की बात कहने के लिए प्रेसवार्ता कर रहे हैं।
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मुझे हिरासत में नहीं लिया गया, लेकिन भारी पुलिस फोर्स के साथ पूछताछ के लिए कोतवाली बुलाया गया था। अधिकारियों ने प्रेसवार्ता को लेकर सवाल किए। मैंने पुलिस-प्रशासन पर जो आरोप लगाए हैं, उनके बारे में बातचीत की। मैं अपने बयान पर कायम हूं। -जफर अली, सदर, जामा मस्जिद संभल
जामा मस्जिद के सदर को हिरासत में नहीं लिया गया था। उनसे प्रेसवार्ता में भ्रमित करने वाले बयान देने को लेकर कोतवाली में पूछताछ की गई थी। सदर द्वारा लगाए गए सभी आरोप गलत हैं। उनके बयान में ही पूरा खंडन हो रहा है। वह बार-बार अपनी बात से पलटते दिखाई और सुनाई दे रहे हैं। -कृष्ण कुमार विश्नोई, एसपी
जामा मस्जिद के सदर द्वारा लगाए गए सभी आरोप गलत हैं। सर्वे न्यायालय के आदेश पर हुआ है। मेरे द्वारा कोई सर्वे नहीं कराया गया। एसडीएम और सीओ सुरक्षा के लिहाज से थे। सदर भ्रमित करने वाले बयान दे रहे हैं। -डॉ. राजेंद्र पैंसिया, डीएम