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'फसल न पिछड़े, इसलिए चूल्हा छोड़ लाइन में लगे'
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चंदौसी। डीएपी के लिए मारामारी है। पिछले कई दिनों से सुबह चार बजे से ही चंदौसी में मंडी समिति स्थित इफ्को केंद्र पर भीड़ लग रही है। शनिवार को खाद लेने के लिए इफ्को केंद्र पहुंचीं महिलाओं का कहना था कि गेहूं की बुवाई न पिछड़े इसलिए चूल्हा छोड़ लाइन में लगे हैं। यहां खाद लेने के लिए चंदौसी क्षेत्र के अलावा बदायूं व मुरादाबाद क्षेत्र के किसान भी पहुंचे। शनिवार को केंद्र से 265 लोगों को डीएपी तथा 80 लोगों को यूरिया के टोकन देकर खाद वितरित किया गया।
चंदौसी क्षेत्र के गांव देहात, बदायूं व मुरादाबाद जनपद के सीमावर्ती गांवों की समितियों पर डीएपी खाद की कमी है। चंदौसी मंडी समिति स्थित इफ्को केंद्र में डीएपी उपलब्ध होने के कारण किसानों की पिछले चार दिनों से भारी भीड़ लग रही है। गेहूं की फसल की बुवाई में देरी न हो, इसके लिए महिलाओं ने भी खाद लेने का बीडा उठाया है। शनिवार को महिलाएं मंडी समिति के इफ्को केंद्र पर सुबह छह बजे से लाइन में लगनी शुरू हो गई थी। सुबह दस बजे तक महिलाओं की भी लंबी कतार लग गई थी।
महिलाओं का कहना है कि खाद नहीं मिल रहा है। गेहूं की बुवाई न पिछड़े इसलिए चूल्हा छोड़ लाइन में लगे हैं। पुरुषों की लाइन अधिक लंबी रहती है। इस कारण वह स्वयं खाद के लिए लाइन में लगने आ गईं।
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ये बोली महिलाएं
अपने पति के साथ दो दिन से खाद लेने इफ्को केंद्र पहुंच रही हूं, लेकिन अभी तक खाद नहीं मिल सका। गेहूं की बुवाई न पिछड़े इसलिए चूल्हा छोड़ लाइन में लगे हैं। शनिवार को सुबह छह बजे पहुंच लाइन में पहले नंबर लगी हूं।
देवकी, गांव मऊ अस्सू
शनिवार को मैंने सुबह घर के सभी कार्य निपटाए और इसके बाद खाद लेने के लिए मंडी समिति इफ्को केंद्र आई हूं। गेहूं बुवाई की पूरी तैयारी कर रखी है। मगर डीएपी न मिलने के अभाव में बुवाई में देरी हो रही है। उत्पादन कम न हो, इसके लिए लाइन में लगना पड़ रहा है।
हेमवती, गांव नेहटा
गेहूं की बुवाई समय से हो सके, इसलिए सुबह छह बजे कोहरे में खाद लेने इफ्को केंद्र पहुंची हूं। खाद के चक्कर में घर का चूल्हा, चौका भी छोड़कर आई हूं। घर में बच्चे छोटे हैं जिस कारण उन्हें भी परेशानी उठानी पड़ेगी।
उर्मिला, फैजगंज बेहटा, बदायूं
मेरे पति की तबियत ठीक न होने के कारण खाद लेने इफ्को केंद्र आई हूं। सुबह को कोहरे में सवारी मिलने में भी परेशानी हुई। इसलिए सुबह छह बजे चलने के बाद नौ बजे केंद्र पहुंची हूं। पता नहीं आज खाद मिल पाती है या नहीं।
ममता, सपुर जगना, बिलारी
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चंदौसी क्षेत्र के गांव देहात, बदायूं व मुरादाबाद जनपद के सीमावर्ती गांवों की समितियों पर डीएपी खाद की कमी है। चंदौसी मंडी समिति स्थित इफ्को केंद्र में डीएपी उपलब्ध होने के कारण किसानों की पिछले चार दिनों से भारी भीड़ लग रही है। गेहूं की फसल की बुवाई में देरी न हो, इसके लिए महिलाओं ने भी खाद लेने का बीडा उठाया है। शनिवार को महिलाएं मंडी समिति के इफ्को केंद्र पर सुबह छह बजे से लाइन में लगनी शुरू हो गई थी। सुबह दस बजे तक महिलाओं की भी लंबी कतार लग गई थी।
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महिलाओं का कहना है कि खाद नहीं मिल रहा है। गेहूं की बुवाई न पिछड़े इसलिए चूल्हा छोड़ लाइन में लगे हैं। पुरुषों की लाइन अधिक लंबी रहती है। इस कारण वह स्वयं खाद के लिए लाइन में लगने आ गईं।
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ये बोली महिलाएं
अपने पति के साथ दो दिन से खाद लेने इफ्को केंद्र पहुंच रही हूं, लेकिन अभी तक खाद नहीं मिल सका। गेहूं की बुवाई न पिछड़े इसलिए चूल्हा छोड़ लाइन में लगे हैं। शनिवार को सुबह छह बजे पहुंच लाइन में पहले नंबर लगी हूं।
देवकी, गांव मऊ अस्सू
शनिवार को मैंने सुबह घर के सभी कार्य निपटाए और इसके बाद खाद लेने के लिए मंडी समिति इफ्को केंद्र आई हूं। गेहूं बुवाई की पूरी तैयारी कर रखी है। मगर डीएपी न मिलने के अभाव में बुवाई में देरी हो रही है। उत्पादन कम न हो, इसके लिए लाइन में लगना पड़ रहा है।
हेमवती, गांव नेहटा
गेहूं की बुवाई समय से हो सके, इसलिए सुबह छह बजे कोहरे में खाद लेने इफ्को केंद्र पहुंची हूं। खाद के चक्कर में घर का चूल्हा, चौका भी छोड़कर आई हूं। घर में बच्चे छोटे हैं जिस कारण उन्हें भी परेशानी उठानी पड़ेगी।
उर्मिला, फैजगंज बेहटा, बदायूं
मेरे पति की तबियत ठीक न होने के कारण खाद लेने इफ्को केंद्र आई हूं। सुबह को कोहरे में सवारी मिलने में भी परेशानी हुई। इसलिए सुबह छह बजे चलने के बाद नौ बजे केंद्र पहुंची हूं। पता नहीं आज खाद मिल पाती है या नहीं।
ममता, सपुर जगना, बिलारी