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कई बार हुआ सर्वे, फिर नहीं मिला आवासीय योजना का लाभ
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संभल। तमाम परिवार ऐसे हैं जिन्होंने आवासीय योजना में आवेदन किया और उनका सर्वे भी किया गया, लेकिन योजना का लाभ नहीं मिला। लोगों का कहना है कि जिम्मेदारों ने कई बार सर्वे किया, लेकिन फिर भी योजना का लाभ नहीं दिया गया। कच्ची छत और पन्नी के नीचे परिवार के साथ रहने को मजबूर हैं। वहीं, कई परिवारों ने वसूली के भी आरोप लगाए हैं। मांग पूरी नहीं करने पर योजना का लाभ नहीं मिलने की बात बताई है।
जिले में प्रधानमंत्री आवासीय योजना का लाभ काफी संख्या में पात्र परिवारों को नहीं मिला। इसके लगातार मामले सामने आ रहे हैं। अमर उजाला की पड़ताल के दौरान जानकारी सामने आई कि आवासीय योजना में स्वीकृति मिलने के लिए सर्वे किया गया। सर्वे करने के लिए एक या दो बार नहीं चार से पांच बार कर्मचारी आए, लेकिन आवासीय योजना का लाभ नहीं मिला।
एक परिवार का कहना है कि उनके मकान का सर्वे करने आए कर्मचारियों ने पांच हजार रुपये की मांग की। मजबूरी बताते हुए रुपये नहीं होने की बात कह दी थी। इसके बाद आवासीय योजना का लाभ ही नहीं मिला।
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रात में चौकीदारी कर परिवार का पालन पोषण कर करता हूं। मकान कच्चा व जर्जर हालत में है। सर्दी आ रही है तो काफी दिक्कत होगी। तीन साल पहले आवासीय योजना में आवेदन किया था। पांच बार कर्मचारी सर्वे भी करने आ चुके हैं, लेकिन अभी तक आवासीय योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। अधिकारियों के पास जाते हैं तो सिर्फ आश्वासन ही मिलता है।
रोहताश सिंह, निवासी मोहल्ला हल्लू सराय
कई वर्षों से कच्चे मकान में पन्नी डालकर रह रहे हैं। बारिश के मौसम में मकान गिरने का डर लगा रहता है। मकान बनवाने के लिए आवासीय योजना में आवेदन किया था। कर्मचारियों द्वारा कई बार सर्वे भी किया जा चुका है, लेकिन कोई भी लाभ नहीं मिला। अब मजबूरन पन्नी डालकर गुजारा करना पड़ रहा है।
नरगिस, मोहल्ला शर्की सिरसी
जब आवासीय योजना चलाई गई। तब ही आवेदन कर दिया था। जब सूची में नाम नहीं आया तो दोबारा आवेदन किया। सर्वे के दौरान रुपयों की मांग की गई। रुपये नहीं देने पर सूची से नाम हटा दिया गया। मिट्टी से बने मकान में रह रहे हैं। बारिश में मकान गिरने का डर लगा रहता है।
मोहम्मद मियां, मोहल्ला चौधरियान सिरसी
तीन साल पहले आवासीय योजना में आवेदन किया था। मकान की छत मिट्टी की बनी हुई है। गिरने का डर लगा रहता है। मकान का तीन बार सर्वे हो चुका है। तीन साल से किस्त के आने की आस लगाए बैठे हैं, लेकिन अभी तक कोई भी किस्त नहीं आई है।
मोहम्मद मियां, मोहल्ला चौधरियान सिरसी
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जिले में प्रधानमंत्री आवासीय योजना का लाभ काफी संख्या में पात्र परिवारों को नहीं मिला। इसके लगातार मामले सामने आ रहे हैं। अमर उजाला की पड़ताल के दौरान जानकारी सामने आई कि आवासीय योजना में स्वीकृति मिलने के लिए सर्वे किया गया। सर्वे करने के लिए एक या दो बार नहीं चार से पांच बार कर्मचारी आए, लेकिन आवासीय योजना का लाभ नहीं मिला।
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एक परिवार का कहना है कि उनके मकान का सर्वे करने आए कर्मचारियों ने पांच हजार रुपये की मांग की। मजबूरी बताते हुए रुपये नहीं होने की बात कह दी थी। इसके बाद आवासीय योजना का लाभ ही नहीं मिला।
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रात में चौकीदारी कर परिवार का पालन पोषण कर करता हूं। मकान कच्चा व जर्जर हालत में है। सर्दी आ रही है तो काफी दिक्कत होगी। तीन साल पहले आवासीय योजना में आवेदन किया था। पांच बार कर्मचारी सर्वे भी करने आ चुके हैं, लेकिन अभी तक आवासीय योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। अधिकारियों के पास जाते हैं तो सिर्फ आश्वासन ही मिलता है।
रोहताश सिंह, निवासी मोहल्ला हल्लू सराय
कई वर्षों से कच्चे मकान में पन्नी डालकर रह रहे हैं। बारिश के मौसम में मकान गिरने का डर लगा रहता है। मकान बनवाने के लिए आवासीय योजना में आवेदन किया था। कर्मचारियों द्वारा कई बार सर्वे भी किया जा चुका है, लेकिन कोई भी लाभ नहीं मिला। अब मजबूरन पन्नी डालकर गुजारा करना पड़ रहा है।
नरगिस, मोहल्ला शर्की सिरसी
जब आवासीय योजना चलाई गई। तब ही आवेदन कर दिया था। जब सूची में नाम नहीं आया तो दोबारा आवेदन किया। सर्वे के दौरान रुपयों की मांग की गई। रुपये नहीं देने पर सूची से नाम हटा दिया गया। मिट्टी से बने मकान में रह रहे हैं। बारिश में मकान गिरने का डर लगा रहता है।
मोहम्मद मियां, मोहल्ला चौधरियान सिरसी
तीन साल पहले आवासीय योजना में आवेदन किया था। मकान की छत मिट्टी की बनी हुई है। गिरने का डर लगा रहता है। मकान का तीन बार सर्वे हो चुका है। तीन साल से किस्त के आने की आस लगाए बैठे हैं, लेकिन अभी तक कोई भी किस्त नहीं आई है।
मोहम्मद मियां, मोहल्ला चौधरियान सिरसी