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भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बन हर्षित कुमार का सपना हुआ साकार
ब्यूरो अमर उजाला / संभ्ाल
Updated Sun, 10 Jun 2018 01:07 AM IST
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हर्षित।
- फोटो : अमर उजाला
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संभल के हर्षित कुमार और उनके परिवार के लिए शनिवार का दिन उस वक्त यादगार बन गया जब हर्षित कुमार भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बन गए। पासिंग आउट परेड के बाद बेटे के साथ माता-पिता के चेहरे पर सफलता की खुशी थी। सबने एक दूसरे को बधाई दी।
संभल नगर में कोतवाली के करीब स्थित मोहल्ला ठेर के मूल निवासी कारोबारी नवनीत कुमार गर्ग के बेटे हर्षित कुमार ने इंटरमीडिएट की परीक्षा सीबीएसई बोर्ड से पास करने के बाद भारतीय सेना में शामिल होने के लिए खुद के स्तर से तैयारी की।
उनका चयन खड़गवासला स्थित नेशनल डिफेंस एकेडमी के लिए हो गया। तीन वर्ष की ट्रेनिंग करने के बाद उन्होंने देहरादून स्थित इंडियन मिलेट्री एकेडमी में एक वर्ष की ट्रेनिंग की। इसके बाद वह भारतीय सेना में अधिकारी बन गए।
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देहरादून में हुई पासिंग आउट परेड के बाद हर्षित अपने परिवार के साथ देहरादून से संभल आ रहे लौट रहे हैं। हरिद्वार में मौजूद हर्षित ने कहा कि अगर सपने को साकार करने के लिए अगर मेहनत की जाए तो सफलता कदम चूमती है। उनके पिता नवनीत कुमार बताते हैं कि बेटे की मेहनत सफल रही।
शनिवार का दिन उनके जीवन का यादगार दिन है। वहीं, हर्षित ने यह भी बताया कि बचपन में सेना में जाने का उन्होंने जो सपना देखा था, वह पूरा हो गया। हर्षित की पासिंग आउट परेड के मौके पर उनकी मां रेनू गर्ग भी साथ रहीं। उनका कहना था कि बच्चों को उनकी रुचि के मुताबिक आगे बढ़ने दिया जाए तो कामयाबी मिलती है।
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संभल नगर में कोतवाली के करीब स्थित मोहल्ला ठेर के मूल निवासी कारोबारी नवनीत कुमार गर्ग के बेटे हर्षित कुमार ने इंटरमीडिएट की परीक्षा सीबीएसई बोर्ड से पास करने के बाद भारतीय सेना में शामिल होने के लिए खुद के स्तर से तैयारी की।
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उनका चयन खड़गवासला स्थित नेशनल डिफेंस एकेडमी के लिए हो गया। तीन वर्ष की ट्रेनिंग करने के बाद उन्होंने देहरादून स्थित इंडियन मिलेट्री एकेडमी में एक वर्ष की ट्रेनिंग की। इसके बाद वह भारतीय सेना में अधिकारी बन गए।
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देहरादून में हुई पासिंग आउट परेड के बाद हर्षित अपने परिवार के साथ देहरादून से संभल आ रहे लौट रहे हैं। हरिद्वार में मौजूद हर्षित ने कहा कि अगर सपने को साकार करने के लिए अगर मेहनत की जाए तो सफलता कदम चूमती है। उनके पिता नवनीत कुमार बताते हैं कि बेटे की मेहनत सफल रही।
शनिवार का दिन उनके जीवन का यादगार दिन है। वहीं, हर्षित ने यह भी बताया कि बचपन में सेना में जाने का उन्होंने जो सपना देखा था, वह पूरा हो गया। हर्षित की पासिंग आउट परेड के मौके पर उनकी मां रेनू गर्ग भी साथ रहीं। उनका कहना था कि बच्चों को उनकी रुचि के मुताबिक आगे बढ़ने दिया जाए तो कामयाबी मिलती है।