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संभल हिंसा: जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली की जान को जेल में खतरा, परिजन बोले- मुरादाबाद में मिलने नहीं दिया

Tue, 25 Mar 2025 08:06 PM IST
विमल शर्मा पीटीआई, संभल
पीटीआई, संभल Published by: विमल शर्मा Updated Tue, 25 Mar 2025 08:06 PM IST
सार

संभल हिंसा मामले में गिरफ्तार जफर अली के परिवार ने आरोप लगाया कि जेल में उनकी जान को खतरा है। परिजनों का कहना है कि उन्हें मिलने नहीं दिया जा रहा और उनकी दवाएं भी रोकी जा रही हैं। पुलिस ने जफर अली को बवाल में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया है।  

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Sambhal violence: Jama Masjid committee chief Zafar Ali life in danger in moradabad jail
जामा मस्जिद कमेटी के सदर को पुलिस ने किया गिरफ्तार - फोटो : संवाद

विस्तार

संभल में हुए बवाल के मामले में शाही जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली को गिरफ्तार कर मुरादाबाद जेल भेजा गया है।  परिजनों ने उनकी जान को खतरा बताते हुए जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में भाई मोहम्मद ताहिर अली ने आरोप लगाया कि जेल प्रशासन उन्हें जफर अली से मिलने नहीं दे रहा है।

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उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसा व्यवहार किया जा रहा है जैसे वह कोई खतरनाक अपराधी हों। परिवार का दावा है कि 70 वर्षीय जफर अली की सेहत ठीक नहीं है और उनकी दवाएं भी जेल में नहीं पहुंचने दी जा रही हैं। ताहिर अली ने पुलिस और प्रशासन पर बदसलूकी का आरोप लगाते हुए कहा कि  प्रशासन सभी हदें पार कर चुका है।
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जफर अली ने पूरी तरह जांच में सहयोग किया, फिर भी उन्हें साजिश के तहत गिरफ्तार किया गया। गौरतलब है कि 24 नवंबर को संभल के कोट गर्वी इलाके में जामा मस्जिद पर कोर्ट के आदेशानुसार किए जा रहे सर्वे के दौरान हिंसा भड़क गई थी। इसमें चार लोगों की मौत और 19 से अधिक लोग घायल हुए थे।
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इसमें कई पुलिसकर्मी भी शामिल थे। इस मामले में जफर अली को गिरफ्तार कर मुरादाबाद जेल भेज दिया गया है। परिवार ने उनकी रिहाई की मांग करते हुए कहा कि उन्हें सोमवार को हिंसा की जांच कर रही न्यायिक आयोग के समक्ष पेश होना था, लेकिन उससे पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

ताहिर अली ने दावा किया कि यह पूरी तरह से एक राजनीतिक षड्यंत्र है। जफर अली ने पहले ही इस हिंसा के लिए पुलिस को जिम्मेदार ठहराया था। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा था कि हिंसा के दौरान अफसरों की लापरवाही से फायरिंग हुई। इसमें कई जानें गईं। फिलहाल, प्रशासन ने इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

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