Sambhal Lok Sabha Elections: यह आईडी दिखाकर भी कर सकते हैं मतदान, इन नियमों का पालन करें.. वरना कार्रवाई
संभल लोकसभा सीट पर तीसरे चरण यानी सात को मतदान होगा। अगर आपके पास मतदाता पहचान पत्र नहीं है तो भी आप वोट कर सकते हैं। निर्वाचन आयोग ने वैकल्पिक फोटो पहचान पत्र से मतदान करने की अनुमति दी है।
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चुनाव निर्वाचन आयोग ने पहचान पत्र न होने पर मतदान करने के लिए वैकल्पिक फोटो पहचान पत्र से मतदान करने की अनुमति दी है। वैकल्पिक फोटो पहचान पत्र के तौर पर आधार कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, बैंक-डाकघर द्वारा जारी गई फोटोयुक्त पासबुक, श्रम मंत्रालय की योजना के अंतर्गत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पेन कार्ड, एनपीआर के अंतर्गत आरजीआई द्वारा जारी स्मार्ट कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, फोटो युक्त पेंशन दस्तावेज आदि।
इनके अलावा केंद्र व राज्य सरकार, लोक उपक्रम, पब्लिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा अपने कर्मचारियों को जारी किए गए फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र, सांसद, विधायकों, विधान परिषद सदस्यों के पहचान पत्र, यूनिक डिसएबिलिटी आईडी (यूडीआईडी) कार्ड में से कोई एक आईडी लाकर मतदान किया जा सकता है।
मतदान के दौरान यह भी ध्यान रखें
- मतदेय स्थल के 200 मीटर के दायरे में किसी भी प्रत्याशी या राजनीतिक पार्टी का प्रचार न करें।
- मतदेय स्थल के बाहर मतदान में लगे कार्मिकों, सुरक्षा बलों और पोलिंग एजेंट के अतिरिक्त किसी भी व्यक्ति, जो मतदाता न हो या जो अपने मत को प्रयोग कर चुका हो वह खड़े नहीं रहेंगे।
- कोई भी व्यक्ति मतदेय स्थल के 200 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार का वाहन नहीं खड़ा करेगा।
- कोई भी राजनीतिक पार्टी/प्रत्याशी मतदेय स्थल के 200 मीटर के दायरे में अपना कैंप नहीं लगाएगा।
- मतदेय स्थल के 200 मीटर के दायरे में लाउडस्पीकर को प्रयोग नहीं होगा।
- मतदेय स्थल के 200 मीटर के दायरे में पान, गुटखा, तम्बाकू धूम्रपान या मदिरापान का क्रय विक्रय नहीं होगा।
- मतदेय स्थलों के अन्दर पीठासीन अधिकारी या अन्य तथ्य अधिकारियों के अतिरिक्त कोई भी व्यक्ति इलेक्ट्रानिक उपकरण या मोबाईल फोन नहीं लेकर जायेगा।
क्षेत्र का विकास कराने वाले प्रत्याशी के पक्ष में करेंगे वोट
संभल लोकसभा सीट पर सात मई को मतदान होगा। हर ओर चुनावी चर्चाएं हैं। ऐसे में व्यापारी जहां एक देश एक टैक्स और युवा बेहतर व सस्ती शिक्षा के साथ नौकरी की अपेक्षा कर रहे हैं। वहीं गुन्नौर तहसील क्षेत्र के लोग विकास के मुद्दे पर वोट करने का मन बना चुके हैं।
उनका कहना है कि चुनाव से पहले हर दल का नेता क्षेत्र में विकास कराने के लिए बड़े-बड़े वादे करते हैं, जबकि चुनाव जीतने के बाद नजर भी नहीं आते। ग्रामीण क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं भी कोसों दूर रह जाती हैं। महंगाई आसमान छू रही है। घरेलू खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है।
निजी स्कूलों और अस्पतालों में मनमानी हो रही है। इस पर सरकार को अंकुश लगाना चाहिए। किसान लागत के अनुसार फसलों का मूल्य चाहते हैं। गुन्नौर, रजपुरा, जुनावई के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं में सुधार की जरूरत है।
यातायात के क्षेत्र में गवां, रजपुरा रोड पर रोडवेज संचालन की मांग कई बार हुई है। दिल्ली, गजरौजा, संभल और मुरादाबाद के लिए इस क्षेत्र से बस सेवा शुरू होनी चाहिए।