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Sambhal: ससुरालियों ने हाथ-पांव पकड़ बहू का दबाया गला, पति व ससुर को आजीवन कारावास, कोर्ट को कहा- जघन्य अपराध
Thu, 19 Oct 2023 12:32 PM IST
विमल शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, संभल
अमर उजाला नेटवर्क, संभल
Published by: विमल शर्मा
Updated Thu, 19 Oct 2023 12:32 PM IST
सार
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता हरिओम सैनी ने बताया कि रामपुर निवासी ने 14 दिसंबर 2018 को कोतवाली चंदौसी में केस दर्ज कराया था। इसमें बताया गया था कि उनकी पुत्री की शादी 20 नवंबर 2018 को आवास कॉलोनी निवासी से हुई थी। आरोप लगाया कि ससुरालियों ने पुत्री की हत्या कर दी थी।
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कोर्ट
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
चंदौसी के इंद्रा आवास कॉलोनी में 14 दिसंबर 2018 को हुई विवाहिता की हत्या के मामले में पति व ससुर पर दोष सिद्ध हुआ है। अपर सत्र न्यायाधीश व विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अशोक कुमार यादव ने आरोपी पति व ससुर को आजीवन कारावास व 25-25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी हरिओम प्रकाश उर्फ हरीश सैनी ने बताया कि कल्लूराम निवासी ग्राम ऊंचा गांव तहसील शाहबाद जिला रामपुर ने 14 दिसंबर 2018 को एक तहरीर कोतवाली चंदौसी में दी थी। तहरीर में बताया गया कि उसकी पुत्री की शादी 20 नवंबर 2018 को रनवीर पुत्र रतनलाल निवासी इंद्रा आवास कॉलोनी चंदौसी से हुई थी।
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14 दिसंबर को शिकायतकर्ता की पुत्री की हत्या पति रनवीर, जेठ, जेठानी, उसके ससुर रतन ने गला दबाकर कर दी गई थी। हत्या करने में यह सब शामिल थे। इसकी रिपोर्ट कोतवाली चंदौसी में दहेज हत्या में दर्ज की थी।
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न्यायालय ने आरोपियों के अधिवक्ता को आरोप सहित विस्तारपूर्वक सुनने के बाद पति रनवीर व ससुर रतनलाल के विरुद्ध मामला दहेज हत्या, वैकल्पिक आरोप में हत्या माना। न्यायालय में सुनवाई के दौरान साक्ष्यों के आधार पर आरोपी पति रनवीर व ससुर रतनलाल को दहेज हत्या व दहेज मांगने के आरोप से दोषमुक्त किया
गया पर दोनों आरोपियों को विवाहिता की हत्या के आरोप में दोषसिद्ध पाया गया। अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट संभल स्थित चंदौसी अशोक कुमार यादव ने पति रनवीर, ससुर रतनलाल को आजीवन कारावास व 25-25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।