UP: 1998 के बाद आतंकी गतिविधियों में बदनाम रहा संभल, हिंसा के बाद चर्चा हुई तेज, अब सामने आया उस्मान प्रकरण
संभल ऐतिहासिक शहर होने के बावजूद आतंकी गतिविधियों को लेकर चर्चा में रहता है। पाकिस्तानी जेल में बंद मोहम्मद उस्मान के मामले ने फिर इसे खुफिया एजेंसियों की रडार पर ला दिया है। इससे पहले भी कई युवक लापता होकर आतंकी संगठनों से जुड़े पाए गए, जिनमें अलकायदा का दक्षिण एशिया प्रमुख मौलाना आसिम उमर भी शामिल था।
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कहने को तो संभल ऐतिहासिक शहर है। मुगल और राजपूत शासनकाल के अवशेष इसकी गवाही देते हैं लेकिन वर्तमान में संभल आतंकी गतिविधियों के लिए भी चर्चा में रहता है। समय-समय पर आतंंकी और पाकिस्तानी कनेक्शन सामने आता है। जिससे संभल की चर्चा देशभर में होती है।
इसी तरह इस बार भी संभल खुफिया एजेसियों की रडार पर आ गया है। इस बार मामला पाकिस्तानी जेल में बंद संभल के दीपा सराय निवासी मोहम्मद उस्मान से जुड़ा है। जो देश में आतंकी गतिविधियों का आरोपी है और वर्ष 2023 से भगोड़ा है। संभल वर्ष 2005 में उस में चर्चा में आया था।
जब दिल्ली की स्पेशल सेल ने वर्ष 1998 में संभल से लापता हुए दो युवकों को आतंकी घोषित किया था। दोनों के पोस्टर भी जारी किए गए। उन दोनों युवकों का अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है। जानकारों का तो कहना यह है कि 1998 से वर्ष 2005 तक 10 से 15 युवा संभल से लापता हुए।
जिनकी कोई गुमशुदगी भी दर्ज नहीं की। खुफिया एजेंसियां ही कभी पूछताछ को आती है तो जानकारी मिल जाती है कि लापता हुआ युवक की गतिविधियां वर्तमान में क्या हैं। दीपा सराय निवासी मौलाना आसिम उमर उर्फ शन्नू अलकायदा का दक्षिण एशिया प्रमुख था। जो 1998 में संभल से लापता हुआ था।
वर्ष 2016 में अमेरिका ने आतंकियों की सूची जारी की थी। जिसमें उसका नाम शामिल था। वर्ष 2019 में अमेरिका और अफगानिस्तान की सेना के संयुक्त ऑपरेशन में मार गिराया था। उसके बाद संभल में एजेंसियों का डेरा पड़ गया था। क्योंकि मौलाना आसिम उमर के साथ कई युवक लापता हुए थे उनकी छानबीन की थी। यह अलग बात है छानबीन पूर्व के वर्षों की तरह शून्य ही रही, लेकिन छानबीन की गई थी।
24 सितंबर 2024 को मुंबई से आई राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की टीम ने संभल के मियां सराय में दो लोग पूछताछ के लिए उठाए थे। उसमें एक व्यक्ति आतंकी गतिविधियों में शामिल युवक का पिता था और दूसरा व्यक्ति वह था जिसने एक परिवार को अपना मकान किराये पर दिया था।
एनआईए की टीम ने बताया था कि जिस परिवार को किराये पर मकान दिया था वह आतंकी गतिविधियों में शामिल था। हालांकि पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया था। लेकिन यह स्पष्ट हो गया था कि शहर में आतंकी रहकर गए और स्थानीय युवक भी आतंकी राह पर ला दिए। जो अब जेल में बंद हैं।
आईएसआईएस कनेक्शन में दो युवक जेल में बंद
नवंबर 2023 में आईएसआईएस से कनेक्शन में संभल के दो युवक गिरफ्तार किए गए थे। इन युवाओं पर अन्य युवाओं को आतंक की राह पर लाने का आरोप लगा है। अभी मामला विचाराधीन है और दोनों युवक जेल में बंद हैं। इनके संपर्क में रहे कई युवकों की छानबीन एनआईए कर चुकी है।
शरजील और सईद अख्तर को दिल्ली पुलिस कहती है आतंकी
दीपा सराय निवासी शरजील और सईद अख्तर 1998 में लापता हुए थे। इन दोनों को ही दिल्ली पुलिस ने आतंकी माना है। दिल्ली की स्पेशल सेल के अनुसार यह दोनों आतंकी बन चुके हैं। इनके पोस्टर और फोटो भी दिल्ली के थानों में लगे हुए हैं। कई बार कई एजेंसियां इन दोनों के मामले में छानबीन करने आ चुकी है।
वर्ष 2005 में पहली बार जानकारी आई थी कि यह आतंक की राह पर चल पड़े हैं। इनके संपर्क में रहे कई अन्य नौजवान भी आतंक की राह पर चले जिनका अभी तक कोई सुराग नहीं। खुफिया एजेंसियां भी इन दोनों की समय-समय पर तहकीकात करती रहती हैं।