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संभल दरगाह विवाद मामला: लखनऊ से पहुंचे वक्फ निरीक्षक ने किया माैका मुआयना, दोनों पक्षों के लिए बयान, जांच जारी
Sat, 19 Apr 2025 06:52 PM IST
विमल शर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, चंदाैसी
संवाद न्यूज एजेंसी, चंदाैसी
Published by: विमल शर्मा
Updated Sat, 19 Apr 2025 06:52 PM IST
सार
जनेटा दरगाह प्रकरण की जांच करने लखनऊ से वक्फ निरीक्षक पहुंचे। उन्होंने दोनों पक्षों के बयान लेकर जांच शुरू की। तहसील प्रशासन पहले ही 40 बीघा जमीन को कब्जा मुक्त करवा चुका है।
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जनेटा दरगाह प्रकरण की जांच के लिए पहुंचे वक्फ निरीक्षक
- फोटो : संवाद
विस्तार
सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के वक्फ निरीक्षक नोमान शमसी ने जनेटा दरगाह शरीफ पहुंच कर चल रहे विवाद के संबंध में जांच की। बोर्ड के निर्देश पर वक्फ निरीक्षक ने पूरे मामले की जांच करते हुए दोनों पक्षों के लिखित बयान लिए। दरगाह कमेटी के साथ ही शिकायतकर्ता जावेद मोहम्मद के भी बयान लिए।
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जनेटा दरगाह शरीफ के विवाद की शुरुआत गांव के ही जावेद मोहम्मद की शिकायत पर हुई। जावेद मोहम्मद ने जिला अधिकारी के साथ ही मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर दरगाह के मुतवल्ली पर अनियमितताओं के आरोप लगाए थे। जिसका संज्ञान लेते हुए तहसील प्रशासन ने 15 अप्रैल दिन मंगलवान को मौके पर पहुंच कर जांच की।
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दरगाह परिसर में संचालित अवैध अस्पताल को सील किया था। साथ ही दरगाह से सटे तालाब की 40 बीघा जमीन को तत्काल कब्जा मुक्त कराया था। तालाब की करीब 100 बीघा से अधिक भूमि बताई जा रही है। तहसील प्रशासन ने दरगाह प्रकरण में अभिलेखों की जांच के बाद रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी है।
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शनिवार को सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड लखनऊ से वक्फ निरीक्षक ने दरगाह पहुंच कर जांच की। बताया कि लखनऊ बोर्ड की ओर से उन्हें दरगाह प्रकरण की जांच के विषय भेजा गया है। वक्फ बोर्ड में दरगाह का पंजीकरण 2011 में हुआ था। शाहिद मियां 2011 में मुतवल्ली बने।
जिसका नवीनीकरण 2016 में पांच वर्ष के लिए हुआ था। 2019 में मुतवल्ली के लिए रिनुअल होना था। 2019 से मुतवल्ली का रिनुअल नहीं हुआ है। वक्फ निरीक्षक ने कहा कि वह दरगाह पर चल रहे वर्तमान विवाद की रिपोर्ट लखनऊ सुन्नी बोर्ड में पेश करेंगे।