{"_id":"5ea5cc288ebc3e9021208332","slug":"roof-fall-in-rain-father-and-daughter-death-in-sambhal-sambhal-news-mbd3473299181","type":"story","status":"publish","title_hn":"बारिश और आंधी के दौरान गिर गई मकान की छत, पिता और पुत्री की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बारिश और आंधी के दौरान गिर गई मकान की छत, पिता और पुत्री की मौत
विज्ञापन
चंदौसी के ग्राम जगदीशपुरी में गिरी मकान की छत का मलबा हटाते ग्रामीण।
- फोटो : SAMBHAL
चंदौसी। बारिश और आंधी के दौरान संभल जिले के जगदीशपुरी गांव में रविवार को दोपहर एक मकान की छत गिर गई। छत के मलबे में दबकर पिता और बेटी ने दम तोड़ दिया। दोनों की मौत से गांव में मातम छा गया। लोग घरों से निकल आए और पीड़ित परिवार को सांत्वना दी।
कोकावास ग्राम पंचायत के मजरा जगदीशपुरी निवासी रामौतार (50) एक महीने पहले पंजाब से पुत्री कुमारी गंगा देवी (18) के लिए रिश्ता देखने आया था। उसके साथ उसके भाई रामेश्वर और बेटा अशोक भी आए थे। पिता और पुत्री रविवार को दोपहर करीब एक बजे घर पर भोजन कर रहे थे। इसी बीच अचानक छत भरभरा कर गिरने लगी। पड़ोसी जब तक दौड़े तब तक पूरी छत गिर चुकी थी। लोगों ने पिता पुत्री को छत के मलबे से निकाला तब तक दोनों ने दम तोड़ दिया था।
घटना स्थल पर सबसे पहले पहुंचे पड़ोसी संजय ने बताया कि छत सीमेंट के गार्डर और पत्थर से बनी थी और जब गिरी तो गार्डर और पत्थर के साथ छत की मिट्टी के नीचे दोनों दबे थे। भाई रामेश्वर ने बताया कि जब हादसा हुआ तब वह उसका भतीजा घर से दूर थे। लेकिन जब शोर शराबा मचा तो वह दौड़कर पहुंचे। भाई और भतीजी को मलबे से निकालने में आधा घंटा लगा लेकिन तब तक दोनों की जान चली गई थी। इसके बाद पुलिस को खबर दी गई। पुलिस ने दोनों के शव का पंचनामा भर कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
विज्ञापन
बेटी की शादी का सपना रह गया अधूरा
रामौतार अपनी बेटी का विवाह धूमधाम से करने का सपना रखता था और इसीलिए परिवार के साथ पंजाब में काम करने के लिए गया था। वहां पर काम करने के बाद बेटी के लिए रिश्ता देखने आया था और उसने गुरसरी में एक रिश्ता तलाशा था। लेकिन बात नहीं बन पाई थी। वह दूसरा तलाश रहे थे।
पंजाब में मौजूद रामौतार के बेटे पवन ने बताया कि उनकी अंतिम बार परसों पिता से बात हुई थी। वे यही कह रहे थे कि लॉक डाउन खुल जाएगा तो वापस पंजाब आएंगे। पंजाब के रोपड़ जिले में नुरपुर में वह लोग बेलदारी का काम करते हैं। मां उर्मिला और पवन के साथ पवन की पत्नी और दो बच्चे भी नूरपुर में ही रुके हैं। इन सभी को रविवार को दोपहर दो बजे के करीब मौत की सूचना मिली। उसके बाद से सभी लोग पंजाब से अपने गांव आने के लिए पास बनवाने के प्रयास में जुट गए।
रामौतार अपने परिवार के साथ पंजाब में रहकर मजदूरी करता था। वह अपने भाई रामेश्वर तथा पुत्र अशोक एवं पुत्री गंगा के साथ एक माह पहले ही अपने गांव जगदीशपुरी आया था। रामौतार की पत्नी और एक बेटा अभी पंजाब में ही हैं। लॉक डाउन के चलते रामौतार वापस पंजाब नहीं जा सका और वह गांव में ही फंस गया। गांव में गेहूं की कटाई शुरू होने पर वह मजदूरी कर रहा था।
ग्रामीणों ने बताया कि वह अपनी बेटी की शादी धूमधाम से करना चाहता था पर उसका सपना पूरा न हो सका। बेटी के साथ उसने दम तोड़ दिया। रामौतार का एक बेटा पवन अभी पंजाब में है। उसे फोन से मौत की खबर दी गई। पवन और उसकी मां को अब पंजाब से संभल आना है। इसलिए उन्होंने वहां के प्रशासन से संपर्क किया है। रामौतार के परिवार में सबसे बड़ा पवन है। दूसरे नंबर पर बेटी गंगा देवी थी। इसके बाद अशोक, किशन और पूजा हैं। पत्नी उर्मिला भी पंजाब में ही हैै। वहां सभी का रो-रोकर बुरा हाल है।
विज्ञापन
कोकावास ग्राम पंचायत के मजरा जगदीशपुरी निवासी रामौतार (50) एक महीने पहले पंजाब से पुत्री कुमारी गंगा देवी (18) के लिए रिश्ता देखने आया था। उसके साथ उसके भाई रामेश्वर और बेटा अशोक भी आए थे। पिता और पुत्री रविवार को दोपहर करीब एक बजे घर पर भोजन कर रहे थे। इसी बीच अचानक छत भरभरा कर गिरने लगी। पड़ोसी जब तक दौड़े तब तक पूरी छत गिर चुकी थी। लोगों ने पिता पुत्री को छत के मलबे से निकाला तब तक दोनों ने दम तोड़ दिया था।
विज्ञापन
घटना स्थल पर सबसे पहले पहुंचे पड़ोसी संजय ने बताया कि छत सीमेंट के गार्डर और पत्थर से बनी थी और जब गिरी तो गार्डर और पत्थर के साथ छत की मिट्टी के नीचे दोनों दबे थे। भाई रामेश्वर ने बताया कि जब हादसा हुआ तब वह उसका भतीजा घर से दूर थे। लेकिन जब शोर शराबा मचा तो वह दौड़कर पहुंचे। भाई और भतीजी को मलबे से निकालने में आधा घंटा लगा लेकिन तब तक दोनों की जान चली गई थी। इसके बाद पुलिस को खबर दी गई। पुलिस ने दोनों के शव का पंचनामा भर कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
विज्ञापन
बेटी की शादी का सपना रह गया अधूरा
रामौतार अपनी बेटी का विवाह धूमधाम से करने का सपना रखता था और इसीलिए परिवार के साथ पंजाब में काम करने के लिए गया था। वहां पर काम करने के बाद बेटी के लिए रिश्ता देखने आया था और उसने गुरसरी में एक रिश्ता तलाशा था। लेकिन बात नहीं बन पाई थी। वह दूसरा तलाश रहे थे।
पंजाब में मौजूद रामौतार के बेटे पवन ने बताया कि उनकी अंतिम बार परसों पिता से बात हुई थी। वे यही कह रहे थे कि लॉक डाउन खुल जाएगा तो वापस पंजाब आएंगे। पंजाब के रोपड़ जिले में नुरपुर में वह लोग बेलदारी का काम करते हैं। मां उर्मिला और पवन के साथ पवन की पत्नी और दो बच्चे भी नूरपुर में ही रुके हैं। इन सभी को रविवार को दोपहर दो बजे के करीब मौत की सूचना मिली। उसके बाद से सभी लोग पंजाब से अपने गांव आने के लिए पास बनवाने के प्रयास में जुट गए।
रामौतार अपने परिवार के साथ पंजाब में रहकर मजदूरी करता था। वह अपने भाई रामेश्वर तथा पुत्र अशोक एवं पुत्री गंगा के साथ एक माह पहले ही अपने गांव जगदीशपुरी आया था। रामौतार की पत्नी और एक बेटा अभी पंजाब में ही हैं। लॉक डाउन के चलते रामौतार वापस पंजाब नहीं जा सका और वह गांव में ही फंस गया। गांव में गेहूं की कटाई शुरू होने पर वह मजदूरी कर रहा था।
ग्रामीणों ने बताया कि वह अपनी बेटी की शादी धूमधाम से करना चाहता था पर उसका सपना पूरा न हो सका। बेटी के साथ उसने दम तोड़ दिया। रामौतार का एक बेटा पवन अभी पंजाब में है। उसे फोन से मौत की खबर दी गई। पवन और उसकी मां को अब पंजाब से संभल आना है। इसलिए उन्होंने वहां के प्रशासन से संपर्क किया है। रामौतार के परिवार में सबसे बड़ा पवन है। दूसरे नंबर पर बेटी गंगा देवी थी। इसके बाद अशोक, किशन और पूजा हैं। पत्नी उर्मिला भी पंजाब में ही हैै। वहां सभी का रो-रोकर बुरा हाल है।