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पेंशन दिलाने के नाम पर फंसाया, 2000 रुपये ठगे और दुष्कर्म भी किया

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 15 Apr 2021 01:04 AM IST
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Raped in the name of getting pension
संभल। विधवा पेंशन दिलाने के नाम पर एक युवक ने युवती को अपने झांसे में ले लिया। युवक ने खुद को विकास खंड का लिपिक बताया। दो हजार रुपये अपने बैंक खाते में मंगा लिए। फिर एक बार अधिकारी से मिलवाने के बहाने युवक संभल से युवती को अपनी स्कूटी पर बैठाकर ले गया और मदाला गांव के एक बाग में युवक और उसके साथी ने दुष्कर्म किया। दुष्कर्म की वीडियो बना ली। वीडियो वायरल करने की धमकी देकर एक बार और शारीरिक शोषण किया।
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युवती संभल में अपने पति के एक रिश्तेदार के यहां अपने बच्चों के साथ रह रही थी और विधवा पेंशन हासिल करने के लिए संभल विकास खंड कार्यालय गई थी। युवती का कहना है कि विकास खंड में मुरादाबाद निवासी अजय त्यागी मिला। जिसने खुद को लिपिक बताया और पेंशन दिलाने व प्रधानमंत्री राहत कोष से पांच लाख दिलाने के नाम पर पांच हजार रुपये मांगे। महिला का दावा है कि उनसे 10 अगस्त 2020 को दो हजार रुपये अजय त्यागी द्वारा बताए गए खाते में क्रेडिट करा दिए। इसके बाद 17 सितंबर 2020 को उसे झांसा देकर युवक अपने साथ ले गया और इसी दौरान दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया।
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महिला का दावा है कि असमोली थाने गईं। एक सिपाही मिला पर उसने कहा कि बड़े साहब कल मिलेंगे। इसके बाद वह नहीं गई। लौटकर पति की मौसी को जानकारी दी। मौसी ने एक अधिवक्ता से मिलवाया। इसके बाद उसने पुलिस अधीक्षक को डाक से प्रार्थना पत्र भेजा पर रिपोर्ट नहीं दर्ज की गई। इसके बाद उसने 25 मार्च 2020 को एसीजेएम/ सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया। अदालत के आदेश पर 13 अप्रैल को असमोली थाने में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गई।
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मुरादाबाद निवासी अजय त्यागी नामजद हैं। उनका साथी रहा व्यक्ति अज्ञात है। पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है। युवती ने थाने में एफआईआर के लिए कोई संपर्क नहीं किया। न ही कोई प्रार्थना पत्र दिया है। आरोपों की जांच की जा रही है। महिला पुलिस की मौजूदगी में युवती से जानकारी हासिल की गई है। रणवीर सिंह, प्रभारी निरीक्षक, असमोली

अगर थाने में होती सुनवाई तो क्यों अदालत जाती
महिला का कहना है कि घटना के बाद वह सीधे अपने घर आ गई क्योंकि आरोपियों ने उसकी वीडियो बना ली थी। लेकिन करीब 15 दिन बाद असमोली थाने गई थी। एक सिपाही मिला था जिसे वह सामने आने पर पहचान सकती है। महिला का कहना है कि अगर थाने में सुनवाई होती तो अदालत नहीं जाती।
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